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Doctor's Strike: गिरफ्तारी के डर से भागे बीसीएमओ को आया हार्ट अटैक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 08 Nov 2017 03:08 PM IST
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डॉ.श्याम सुंदर जाटोलिया
- फोटो : Amar Ujala
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राजस्थान में तीन दिन से जारी डॉक्टरों की हड़ताल मरीजों के साथ खुद डॉक्टरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। सरकार की सख्ती के चलते हड़ताली डॉक्टर अंडरग्राउंड हो गए हैं। आज सीकर जिले में गिरफ्तारी के डर से आगरा में छिपे कूदन ब्लॉक के सीएमओ डॉ.श्याम सुंदर जाटोलिया की कथित रूप से हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। उनकी मौत के लिए सीएमएचओ डॉ.विष्णु मीणा ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
गौरतलब है हड़ताल के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए बीसीएमओ डॉ.जाटोलिया आगरा चले गए थे। वहां मंगलवार को अचानक उनकी मौत हो गई थी। मौत की वजह हार्ट अटैक आना बताया जा रहा है। इसके बाद सीकर के सीएमएचओ डॉ.विष्णु मीणा ने उनकी मौत के लिए सरकार की सख्ती को कारण बताया है।
मीडिया से बातचीत में सीएमएचओ ने कहा कि हड़ताल के बाद सरकार की सख्ती के चलते डॉ.जाटोलिया तनाव में चल रहे थे। इसके चलते गिरफ्तारी से बचने के लिए वे आगरा चले गए थे जहां उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई।
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गौरतलब है हड़ताल के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए बीसीएमओ डॉ.जाटोलिया आगरा चले गए थे। वहां मंगलवार को अचानक उनकी मौत हो गई थी। मौत की वजह हार्ट अटैक आना बताया जा रहा है। इसके बाद सीकर के सीएमएचओ डॉ.विष्णु मीणा ने उनकी मौत के लिए सरकार की सख्ती को कारण बताया है।
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मीडिया से बातचीत में सीएमएचओ ने कहा कि हड़ताल के बाद सरकार की सख्ती के चलते डॉ.जाटोलिया तनाव में चल रहे थे। इसके चलते गिरफ्तारी से बचने के लिए वे आगरा चले गए थे जहां उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई।
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मौत का आंकड़ा बढ़कर हुआ 9
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इधर चिकित्सकों की हड़ताल के चलते प्रदेशभर के साथ-साथ सीकर जिले में भी बुधवार को चिकित्सा सेवाएं ठप रही। मरीज इलाज के लिए दर दर भटकते रहे। राजस्थान में सेवारत चिकित्सकों द्वारा तीन दिन से जारी हड़ताल के कारण प्रदेशभर में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को बांसवाड़ा में एक नवजात ने दम तोड़ दिया तो वहीं भरतपुर शहर में एक युवक और एक नवविवाहिता ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। जोधपुर में तो दो दिन के बाद बामुश्किल एक मृतक का पोस्टमार्टम हो पाया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को बांसवाड़ा में एक नवजात ने दम तोड़ दिया तो वहीं भरतपुर शहर में एक युवक और एक नवविवाहिता ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। जोधपुर में तो दो दिन के बाद बामुश्किल एक मृतक का पोस्टमार्टम हो पाया।