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मेले में बिक रहा है विवादित साहित्य, बच्चों को भेजने के लिए स्कूलों को लिखा लेटर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 19 Nov 2017 04:37 PM IST
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पिछले वर्ष आयोजित किए गए मेले की एक तस्वीर
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पिंकसिटी जयपुर में चल रहा आध्यात्म मेला विवादों में घिरता जा रहा है। विवाद यहां बिक रहे साहित्य और मेले में बच्चों को भेजने के लिए स्कूलों को लिखे पत्र को लेकर शुरू हुआ है।
रामबाग सर्किल के पास चल रहे इस मेले को लेकर विवाद तूल पकड़ चुका है। मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूलों के लिए इस मेले में स्टूडेंट्स को ले जाना अनिवार्य करें। इसके बाद शिक्षा विभाग इन निर्देशों की पालना में सक्रिय हो गया है। विभाग की ओर से सरकारी और सभी गैरसरकारी स्कूलों को इस बारे में निर्देश जारी किए गए हैं।
इस मेले में स्टूडेंट को अनिवार्य तौर पर भेजने के इन कथित निर्देशों और यहां बिक रहे विवादित साहित्य को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, इस मेले में बजरंग दल की स्टॉल पर 'लव जिहाद' 'ईसाई धर्मांतरण' पर लिखी गई कुछ किताबें प्रदर्शित हैं। इन पुस्तकों के जरिये इन मुद्दों को लेकर सावचेत करने का प्रयास किया गया है। यह मेला आरएसएस, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद आदि संगठनों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस मेले का मकसद बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति से रूबरू कराना है।
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रामबाग सर्किल के पास चल रहे इस मेले को लेकर विवाद तूल पकड़ चुका है। मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूलों के लिए इस मेले में स्टूडेंट्स को ले जाना अनिवार्य करें। इसके बाद शिक्षा विभाग इन निर्देशों की पालना में सक्रिय हो गया है। विभाग की ओर से सरकारी और सभी गैरसरकारी स्कूलों को इस बारे में निर्देश जारी किए गए हैं।
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इस मेले में स्टूडेंट को अनिवार्य तौर पर भेजने के इन कथित निर्देशों और यहां बिक रहे विवादित साहित्य को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, इस मेले में बजरंग दल की स्टॉल पर 'लव जिहाद' 'ईसाई धर्मांतरण' पर लिखी गई कुछ किताबें प्रदर्शित हैं। इन पुस्तकों के जरिये इन मुद्दों को लेकर सावचेत करने का प्रयास किया गया है। यह मेला आरएसएस, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद आदि संगठनों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस मेले का मकसद बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति से रूबरू कराना है।
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यह है टार्गेट
पिछले वर्ष आयोजित किए गए मेले की एक तस्वीर
जानकारी के अनुसार, मेले के आयोजनकर्ता हिंदू स्पीरिचुअल एंड सर्विस फेयर एचएसएसएफ ने शिक्षा विभाग से ज्यादा से ज्यादा संख्या में बच्चों और अध्यापकों को मेले में शामिल करने की मांग की थी।
इस बाद शिक्षा विभाग ने करीब दो हजार से ज्यादा अध्यापकों को मेले में भेजने का टार्गेट तय कर दिया। गौरतलब है कि पांच दिवसीय मेले का आयोजन राजधानी जयपुर में किया जा रहा है जिसकी शुरुआत बृहस्पिवार को हुई थी। जयपुर में लगातार तीसरे वर्ष ये मेला आयोजित किया जा रहा है जिसका समापन 20 नवंबर को होगा।
इस बाद शिक्षा विभाग ने करीब दो हजार से ज्यादा अध्यापकों को मेले में भेजने का टार्गेट तय कर दिया। गौरतलब है कि पांच दिवसीय मेले का आयोजन राजधानी जयपुर में किया जा रहा है जिसकी शुरुआत बृहस्पिवार को हुई थी। जयपुर में लगातार तीसरे वर्ष ये मेला आयोजित किया जा रहा है जिसका समापन 20 नवंबर को होगा।