यहां बालिका वधु के लिए राहत बनकर आया सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला...

अमर उजाला टीम​ डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 12 Oct 2017 10:35 AM IST
decision of supreme court can be relief for teenage girl here
supreme court of india
सुप्रीम कोर्ट के एक ऐतिहासिक फैसले से नाबालिग बेटियों की जिंदगी की राह अब आसान हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के 18 वर्ष से कम उम्र की पत्नी के साथ सबंध बनाने को दुष्कर्म की श्रेणी मे रखने के फैसले का सबसे अधिक असर शायद राजस्थान में देखने को मिलेगा। क्योंकि राजस्थान में सबसे अधिक बालिका वधु के मामले सामने आते हैं।

बाल विवाह में अग्रणी राजस्थान में सरकारी आंकड़ें चौंकाने वाले है। वर्ष 2011 के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 6.3 फीसदी लड़कियां 15-19 वर्ष की उम्र के बीच या तो गर्भवती हो जाती हैं या मां बन जाती है। यह नतीजा है बाल विवाह का और उसके बाद लड़की की प​रवाह किए बिना बनाए शारीरिक सबंध का। जिस कारण कई मौकों पर गर्भवती लड़की की मौत तक हो जाती है।
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यह कहता है नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे

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