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एमपी, महाराष्ट्र से चोरी, राजस्थान में फर्जीवाड़ा और यूपी,हरियाणा में बिक्री, जानिए पूरा खेल...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 03 Apr 2017 12:08 PM IST
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शातिर गिरोह
- फोटो : Demo pic
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भरतपुर जिला पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कि मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र से फाइनेंस पर उठाए गए ट्रेक्टरों और वाहनों को राजस्थान लेकर आता हैं। यहां इन वाहनों के फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर और कागजात तैयार करता तथा फिर इन्हें सस्ते दामों में उत्तरप्रदेश व हरियाणा में उन्हें बेच देता हैं।
भरतपुर जिले के एसपी कैलाशचंद्र विश्नोई के निर्देशन में डीग एएसपी सुरेंद्र सिंह कविया, कामां उपाधीक्षक रायसिंह बेनीवाल व थानाप्रभारी राकेश कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने हाल में दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया था। उनसे हुई पूछताछ में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आरोपियों से चोरी के चार ट्रेक्टर और फर्जी 29 फर्जी रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज एवं नंबर प्लेट बरामद हुए हैं।
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भरतपुर जिले के एसपी कैलाशचंद्र विश्नोई के निर्देशन में डीग एएसपी सुरेंद्र सिंह कविया, कामां उपाधीक्षक रायसिंह बेनीवाल व थानाप्रभारी राकेश कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने हाल में दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया था। उनसे हुई पूछताछ में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आरोपियों से चोरी के चार ट्रेक्टर और फर्जी 29 फर्जी रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज एवं नंबर प्लेट बरामद हुए हैं।
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आरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों का गिरोह से मिलीभगत का अंदेशा
Vehicle theft gang
- फोटो : Vishnu Sharma
गिरफ्तार आरोपी रसीरा मेव और आरिफ मेव है। ये दोनों कामां तहसील, भरतपुर में गांव धूलवास के रहने वाले है। कामां थानाप्रभारी राकेश कुमार को धूलवास गांव में चोरी के ट्रेक्टर व वाहनों की खरीद फरोख्त होने की सूचना मिली थी। पुलिस के बोगस ग्राहकों ने सौदा किया तो शिकायत सही निकली। तब पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को धरदबोचा।
उनसे वाहन व अन्य वाहन बरामद कर लिए। इनसे फर्जी नंबर प्लेट बनाने के लिए 20 बड़ी और 36 छोटी लोहे की डाई तथा ग्राइंडर मशीन बरामद हुई है। इन डाई पर अंग्रेजी के अक्षर व अंक लिखे हुए है। इसके अलावा कोटपूतली और झालावाड़ आरटीओ कार्यालय की मोहरें मिली है। इससे गिरोह में इन दोनों आरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों का गिरोह से मिलीभगत का अंदेशा है।
उनसे वाहन व अन्य वाहन बरामद कर लिए। इनसे फर्जी नंबर प्लेट बनाने के लिए 20 बड़ी और 36 छोटी लोहे की डाई तथा ग्राइंडर मशीन बरामद हुई है। इन डाई पर अंग्रेजी के अक्षर व अंक लिखे हुए है। इसके अलावा कोटपूतली और झालावाड़ आरटीओ कार्यालय की मोहरें मिली है। इससे गिरोह में इन दोनों आरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों का गिरोह से मिलीभगत का अंदेशा है।
वाहनों को चुराकर या सस्ते दामों में राजस्थान ले आते है
Theft gang in rajasthan
- फोटो : Vishnu Sharma
एसपी विश्नोई के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोग गिरोह के साथियों की मिलीभगत से महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और विभिन्न राज्यों में फाइनेंस पर चल रहे वाहनों को चुराकर या फिर सस्ते दामों में खरीदकर राजस्थान ले आते है।
यहां ग्राइन्डर मशीन से वाहनों पर लिखे इंजन व चैसिस नंबरों को घिसकर हटा देते है। फिर लोहे की डाई से नए इंजन व चैसिस नंबर लिख देते है। इसके बाद आरटीओ कार्यालय की मुहर से उन्हीं नंबरों के आधार पर फर्जी रजिस्ट्रेशन कॉपी यानी आरसी तैयार कर ऐसे वाहनों को उत्तरप्रदेश व हरियाणा में बेच देते है। इस गिरोह के साथी यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश सहित राजस्थान में हो सकते है। यह गिरोह पिछले करीब दो साल से फर्जी आरसी व नंबरों से चोरी के वाहनों की खरीद फरोख्त कर रहा है। उनसे पूछताछ में और भी खुलासे होने की संभावना है।