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बाघों के शिकारी अरेस्ट, यहां किया था शिकार

Wed, 20 Sep 2017 03:16 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Wed, 20 Sep 2017 03:16 PM IST
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Tigers hunted 12 years ago, now they are caught
गिरफ्तार ग्यारस्या बावरिया और प्रभु दयाल - फोटो : Amar Ujala
पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो शिकारियों को अरेस्ट किया है। इन शिकारियों ने राजस्थान के सरिस्का में बाघों का शिकार किया था।
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पुलिस ने अनुसार दोनों शिकारी करीब 12 साल से फरार चल रहे थे। एसपी राहुल प्रकाश के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ग्यारस्या बावरिया और प्रभु दयाल बावरिया है। ये दोनों  कुख्यात शिकारी कल्या बावरिया के साथ मिलकर सरिस्का में बाघों का शिकार करते थे। वर्ष 2005 में इस शिकार गिरोह के खिलाफ सरिस्का के अजबगढ़ रेंज में सागर के ऊपर बाघ का शिकार करने का मामला दर्ज हुआ था।

तब से दोनों आरोपी शिकारी फरार चल रहे थे। कल सरिस्का प्रशासन ने मुखबिर की सूचना पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद अलवर के कालेड़ गांव में दबिश देकर ग्यारस्या बावरिया और प्रभुदयाल बावरिया को गिरफ्तार कर लिया।
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पहली बार बाघ की एयर लिफ्ट से हुई थी यहां शिफ्टिंग

Tigers hunted 12 years ago, now they are caught
बाघ - फोटो : social media
विश्व प्रसिद्ध सरिस्का में बाघों का जमकर शिकार हुआ और वर्ष 2005 में यहां एक भी बाघ नहीं बचा। यहां कल्या बावरिया और संसार चंद की गैंग सक्रिय थी। 

बाद में केंद्र और राज्य सरकार ने वर्ष 2008 में सरिस्का में बाघ की शिफ्टिंग का प्लान बनाया। यहां पर पहली बार एयर लिफ्ट से बाघों की शिफ्टिंग हुई। रणथम्भोर नेशनल पार्क से बाघों को हेलीकॉप्टर के जरिए सरिस्का में शिफ्ट किया गया था। उसके बाद भी 2010 में सरिस्का में शिफ्ट किए गए बाघ एसटी 1 की ग्रामीणों ने जहर देकर हत्या कर दी थी। फिलहाल सरिस्का में 13 बाघ बाघिन मौजूद हैं।
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