{"_id":"590496724f1c1b1035c0eb8d","slug":"life-imprisoned-for-killing-two-innocent-girls","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो मासूम बच्चियों की हत्या करने वाली मां को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दो मासूम बच्चियों की हत्या करने वाली मां को उम्रकैद
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 29 Apr 2017 07:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपनी दो बच्चियों को मौत के घाट उतारकर कुएं में फेंकने वाली मां को कोर्ट ने उम्रकैद और 25 हजार के जुर्माने से दण्डित किया है। मामला अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र का है।
अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या—2 के न्यायाधीश बालकृष्ण गोयल ने ये आदेश दिए। अतिरिक्त लोक अभियोजक अशोक अग्रवाल ने बताया कि अलवर गेट थाना क्षेत्र के नगरा में रहने वाली रत्ना सोनी ने अपनी तीन साल की बेटी सोनिया और चार माह की बेटी समृद्धि को मौत के घाट उतारा। इसके बाद दोनों को कट्टे में बांधकर घर के पास ही स्थित कुएं में फेंक दिया। रत्ना के जेठ के लड़के को जब बच्चियां नजर नहीं आई तो उसने कुएं में देखा। कुएं में दोनों बच्चियों के शव पड़े दिखाई दिए।
इस पर अलवर गेट थाना पुलिस ने जब रत्ना से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बच्चियों को दूध में लोहे की कील पिलाकर मारने की बात कबूली। अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाह, 44 दस्तावेज और 38 आर्टिकल भी पेश किए गए। अग्रवाल ने कहा कि रत्ना की करतूत से दुखी होकर उसके पति अरुण सोनी ने भी कुछ समय बाद ही आत्महत्या कर जान दे दी थी। वह अचार कम्पनी में काम करता था और काम के सिलसिले में अजमेर से बाहर था।
विज्ञापन
विज्ञापन
अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या—2 के न्यायाधीश बालकृष्ण गोयल ने ये आदेश दिए। अतिरिक्त लोक अभियोजक अशोक अग्रवाल ने बताया कि अलवर गेट थाना क्षेत्र के नगरा में रहने वाली रत्ना सोनी ने अपनी तीन साल की बेटी सोनिया और चार माह की बेटी समृद्धि को मौत के घाट उतारा। इसके बाद दोनों को कट्टे में बांधकर घर के पास ही स्थित कुएं में फेंक दिया। रत्ना के जेठ के लड़के को जब बच्चियां नजर नहीं आई तो उसने कुएं में देखा। कुएं में दोनों बच्चियों के शव पड़े दिखाई दिए।
विज्ञापन
इस पर अलवर गेट थाना पुलिस ने जब रत्ना से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बच्चियों को दूध में लोहे की कील पिलाकर मारने की बात कबूली। अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाह, 44 दस्तावेज और 38 आर्टिकल भी पेश किए गए। अग्रवाल ने कहा कि रत्ना की करतूत से दुखी होकर उसके पति अरुण सोनी ने भी कुछ समय बाद ही आत्महत्या कर जान दे दी थी। वह अचार कम्पनी में काम करता था और काम के सिलसिले में अजमेर से बाहर था।
विज्ञापन