{"_id":"59b6aee94f1c1be87f8b5e12","slug":"inter-state-gang-caught-and-sold-fake-arms-licenses","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फर्जी लाइसेंस बनाकर हथियार सप्लाई करता था ये अंतरराज्यीय गिरोह ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी लाइसेंस बनाकर हथियार सप्लाई करता था ये अंतरराज्यीय गिरोह
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 11 Sep 2017 09:26 PM IST
विज्ञापन
अवैध हथियार
- फोटो : Demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश की एटीएस पुलिस ने अवैध तरीके से हथियारों के लाइसेंस बनाने और हथियार बेचने वाले एक अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के सरगना सहित उसके साथियों को पकड़ा है। राजस्थान एटीएस के एडीजी उमेश मिश्रा ने बताया कि चार माह पहले सूचना मिली थी कि एक गिरेाह अवैध रूप से हथियार बेचने-खरीदने और आर्म्स लाइसेंस बनाने का अवैध कारोबार करता है।
गिरोह से जुड़े लोग वर्ष 2007-08 में बने लाइसेंसों में कांटछांट कर अब नई तारीख से बनाकर देते हैं। यह गिरोह इन हथियार लाइसेंसों का पुलिस सत्यापन भी नहीं करवाता। साथ ही, संबंधित थाने में हथियारों का इंद्राज नहीं करवाते हैं। आईजी बीजू जार्ज जोजफ ने बताया कि एडिशनल एसपी बजरंग सिंह के निर्देशन में 12 टीमों का गठन किया गया। जिसमें पुलिस इंस्पेक्टर श्याम सिंह, मनीष शर्मा, राजेश दुरेजा, कामरान खान, प्रदीप सिंह को शामिल किया गया।
वहीं, एटीएस की उदयपुर यूनिट के पुलिस इंस्पेक्टर श्याम सिंह रत्नू के नेतृत्व में टीम को अबोहर, पंजाब, जम्मू भेजा गया। जिसके माध्यम से गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई गई। तब एटीएस की पड़ताल में उदयपुर निवासी एक व्यक्ति ने एटीएस मुख्यालय में अजमेर निवासी जुबेर नाम के व्यक्ति के खिलाफ सूचना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गिरोह से जुड़े लोग वर्ष 2007-08 में बने लाइसेंसों में कांटछांट कर अब नई तारीख से बनाकर देते हैं। यह गिरोह इन हथियार लाइसेंसों का पुलिस सत्यापन भी नहीं करवाता। साथ ही, संबंधित थाने में हथियारों का इंद्राज नहीं करवाते हैं। आईजी बीजू जार्ज जोजफ ने बताया कि एडिशनल एसपी बजरंग सिंह के निर्देशन में 12 टीमों का गठन किया गया। जिसमें पुलिस इंस्पेक्टर श्याम सिंह, मनीष शर्मा, राजेश दुरेजा, कामरान खान, प्रदीप सिंह को शामिल किया गया।
विज्ञापन
वहीं, एटीएस की उदयपुर यूनिट के पुलिस इंस्पेक्टर श्याम सिंह रत्नू के नेतृत्व में टीम को अबोहर, पंजाब, जम्मू भेजा गया। जिसके माध्यम से गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई गई। तब एटीएस की पड़ताल में उदयपुर निवासी एक व्यक्ति ने एटीएस मुख्यालय में अजमेर निवासी जुबेर नाम के व्यक्ति के खिलाफ सूचना दी।
विज्ञापन
12 लाख रुपए में किया सौदा और फिर यूं हुआ खुलासा
revolver
- फोटो : Demo pic
जिसमें बताया गया कि जुबेर ने आर्म्स लाइसेंस बनाने के नाम पर व हथियार उपलब्ध करवाकर 12 लाख रुपए ले लिए। इसके बावजूद हथियार व आर्म्स लाइसेंस उसे उपलब्ध करवाए, जो संदिग्ध लग रहे थे। इस पर पड़ताल में अवैध लाइसेंस के कारोबारियों को रंगेहाथों पकड़ने के लिए एएसपी बजरंग सिंह को सिरोही भेजा गया।
वहां जुबेर नाम का व्यक्ति से एक बोगस ग्राहक ने संपर्क किया। इसके बाद फिर दो लाख रुपए का एक चेक व 30 हजार रुपए नकद तथा छह अवैध हथियारों के साथ जुबेर को पकड़ लिया। इसके बाद अन्य आरोपियों के घरों पर भी छापा मारा, जहां अवैध आर्म्स लाइसेंस व अवैध हथियार पड़े हुए हैं।
जुबेर से मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान व बाहर के राज्यों में दबिश देते हुए सैंकड़ों की संख्या में अवैध आर्म्स लाइसेंस पड़े मिले। पूछताछ के बाद जुबेर को गिरफ्तार किया गया व अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। जुबेर के सहयोगी विशाल व राहुल से पूछताछ की जा रही है। शीघ्र ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान एटीएस टीम ने राजस्थान, पंजाब, जम्मू, मध्यप्रदेश में अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर हथियार लाइसेंस व अवैध हथियार बरामद किए।
वहां जुबेर नाम का व्यक्ति से एक बोगस ग्राहक ने संपर्क किया। इसके बाद फिर दो लाख रुपए का एक चेक व 30 हजार रुपए नकद तथा छह अवैध हथियारों के साथ जुबेर को पकड़ लिया। इसके बाद अन्य आरोपियों के घरों पर भी छापा मारा, जहां अवैध आर्म्स लाइसेंस व अवैध हथियार पड़े हुए हैं।
जुबेर से मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान व बाहर के राज्यों में दबिश देते हुए सैंकड़ों की संख्या में अवैध आर्म्स लाइसेंस पड़े मिले। पूछताछ के बाद जुबेर को गिरफ्तार किया गया व अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। जुबेर के सहयोगी विशाल व राहुल से पूछताछ की जा रही है। शीघ्र ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान एटीएस टीम ने राजस्थान, पंजाब, जम्मू, मध्यप्रदेश में अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर हथियार लाइसेंस व अवैध हथियार बरामद किए।