फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   In the matter of murder, two years ago, the court directed the police

दो साल पहले हुई थी हत्या, तांत्रिक अब तक नहीं पकड़ा, कोर्ट ने लगाई लताड़

Sun, 26 Nov 2017 09:26 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sun, 26 Nov 2017 09:26 AM IST
विज्ञापन
In the matter of murder, two years ago, the court directed the police
अदालत। - फोटो : amar ujala
राजस्थान हाईकोर्ट ने अलवर के पहल गांव में मई 2015 में दो बच्चों की हत्या के आरोपी तांत्रिक व अन्य के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर अलवर एसपी को निर्देश दिए हैं कि वह तांत्रिक व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई करे। अदालत ने जरूरत पडने पर स्पेशल टीम गठित कर हर पन्द्रह दिन में प्रगति रिपोर्ट अधीनस्थ अदालत में पेश करने को कहा है।
विज्ञापन


न्यायाधीश महेन्द्र माहेश्वरी की एकलपीठ ने यह आदेश मृतक बच्चों के पिता भीम कुमार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने 20 मई 2015 को दोनों बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं 24 मई को दोनों बच्चों की लाश गांव के एक खंडहर में मिली। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा और उनकी शिनाख्त पर बच्चों के कपडे व अन्य साक्ष्य बरामद की।
विज्ञापन

 

यह था याचिका में

In the matter of murder, two years ago, the court directed the police
court
याचिका में कहा गया कि तीनों आरोपियों ने तांत्रिक इकबाल व अन्य लोगों की मिलीभगत भी बताई, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस ने जांच लंबित रखते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र भी पेश कर दिया।

याचिका में कहा गया कि मामला मानव अंगों की तस्करी का हो सकता है और पूर्व में भी कुछ बच्चे लापता हुए थे, लेकिन पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। यहां तक की मृतकों का सही पोस्टमार्टम तक नहीं कराया। याचिका में गुहार की गई की प्रकरण की जांच सीबीआई या एसओजी से कराई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed