{"_id":"5931712e4f1c1b7873bdb39b","slug":"high-court-creates-five-ras-parties","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरएएस से आईएएस प्रमोशन: हाईकोर्ट ने पांच आरएएस को पक्षकार बनाया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आरएएस से आईएएस प्रमोशन: हाईकोर्ट ने पांच आरएएस को पक्षकार बनाया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 02 Jun 2017 07:44 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : Demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान हाईकोर्ट ने आरएएस से आईएएस प्रमोशन के मामले में प्रभावित पांच आरएएस विरेन्द्र सिंह बंकावत, दीपक नंदी, सांवरमल वर्मा, रमेशचन्द्र और दिनेश चंद जैन को पक्षकार बनाते हुए मामले की सुनवाई 11 जुलाई को तय की है।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश आरएएस रेणु जयपाल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि खाली हुए पद की गणना कर पदोन्नति समिति की 29 अक्टूबर 2012 को हुई बैठक की रिव्यू बैठक बुलाई जाए। इस संबंध में राजस्थान प्रशासनिक न्यायाधीकरण ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला दिया था। जिसे सरकार की रिव्यू याचिका में वापस ले लिया गया।
वहीं प्रभावित आरएएस अधिकारियों की ओर से कहा गया कि रेट ने आरएएस सर्विस रूल्स के प्रभावहीन हो चुके नियम के तहत याचिकाकर्ता के पक्ष में आदेश दिया था। जिसकी रिव्यु याचिका लगाने पर रेट ने अपना यह आदेश वापस ले लिया। ऐसे में नियमानुसार एक बार डीपीसी होने के बाद रिक्त हुए पद की गणना अगले वर्ष में ही की जाती है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने प्रभावित आरएएस अफसरों को पक्षकार बनाते हुए मामले की सुनवाई 11 जुलाई को तय की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश आरएएस रेणु जयपाल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि खाली हुए पद की गणना कर पदोन्नति समिति की 29 अक्टूबर 2012 को हुई बैठक की रिव्यू बैठक बुलाई जाए। इस संबंध में राजस्थान प्रशासनिक न्यायाधीकरण ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला दिया था। जिसे सरकार की रिव्यू याचिका में वापस ले लिया गया।
विज्ञापन
वहीं प्रभावित आरएएस अधिकारियों की ओर से कहा गया कि रेट ने आरएएस सर्विस रूल्स के प्रभावहीन हो चुके नियम के तहत याचिकाकर्ता के पक्ष में आदेश दिया था। जिसकी रिव्यु याचिका लगाने पर रेट ने अपना यह आदेश वापस ले लिया। ऐसे में नियमानुसार एक बार डीपीसी होने के बाद रिक्त हुए पद की गणना अगले वर्ष में ही की जाती है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने प्रभावित आरएएस अफसरों को पक्षकार बनाते हुए मामले की सुनवाई 11 जुलाई को तय की है।
विज्ञापन