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गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर की सरकार करेगी CBI जांच की सिफारिश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 18 Jul 2017 06:13 PM IST
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श्रीराजपूत सभा भवन में संयुक्त प्रेस वार्ता
- फोटो : File photo
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सरकार कुख्यात गैंगस्टर आनन्दपाल एनकाउंटर की सीबीआई जांच की सिफारिश करेगी। सरकार और राजपूत नेताओं के बीच इस पर सहमति बन गई है। पुलिस द्वारा आनंदपाल का एनकाउंटर 24 जून को किया गया था।
आनन्दपाल के एनकाउंटर के बाद से ही सीबीआई जांच और अन्य मांगों को लेकर राजपूत समाज का गतिरोध आज समाप्त हो गया। अब कभी भी राजपूत नेता आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर सकते हैं।
राजस्थान शासन सचिवालय में सरकार और राजपूत नेताओं के बीच वार्ता हुई। करीब तीन घंटे चली वार्ता के बाद राज्य सरकार ने एनकाउंटर के बाद दर्ज हुए दो मुकदमों की सीबीआई जांच की अनुशंषा करने का फैसला लिया। इसके लिए शीघ्र केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही, वार्ता में राजपूत नेताओं की छह अन्य मांगों पर सहमति बन गई।
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श्री राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाड़ा के मुताबिक सरकार से सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच वार्ता हुई। जिसमें गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, केबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ के अलावा डीजी जेल अजीत सिंह शेखावत, एडीजी पीके सिंह समेत राजपूत नेता लोकेंद्र सिंह कालवी, महावीर सिंह सरावड़ी और अन्य नेता अधिकारी मौजूद रहे।
लोटवाड़ा के मुताबिक सरकार से वार्ता के बाद जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें आनंदपाल की दुबई में मौजूद बेटी चीनू के राजस्थान में लौटने पर गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। उसे यहां लाने में सरकार की ओर से कोई परेशानी नहीं उत्पन्न की जाएगी।
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आनन्दपाल के एनकाउंटर के बाद से ही सीबीआई जांच और अन्य मांगों को लेकर राजपूत समाज का गतिरोध आज समाप्त हो गया। अब कभी भी राजपूत नेता आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर सकते हैं।
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राजस्थान शासन सचिवालय में सरकार और राजपूत नेताओं के बीच वार्ता हुई। करीब तीन घंटे चली वार्ता के बाद राज्य सरकार ने एनकाउंटर के बाद दर्ज हुए दो मुकदमों की सीबीआई जांच की अनुशंषा करने का फैसला लिया। इसके लिए शीघ्र केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही, वार्ता में राजपूत नेताओं की छह अन्य मांगों पर सहमति बन गई।
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श्री राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाड़ा के मुताबिक सरकार से सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच वार्ता हुई। जिसमें गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, केबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ के अलावा डीजी जेल अजीत सिंह शेखावत, एडीजी पीके सिंह समेत राजपूत नेता लोकेंद्र सिंह कालवी, महावीर सिंह सरावड़ी और अन्य नेता अधिकारी मौजूद रहे।
लोटवाड़ा के मुताबिक सरकार से वार्ता के बाद जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें आनंदपाल की दुबई में मौजूद बेटी चीनू के राजस्थान में लौटने पर गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। उसे यहां लाने में सरकार की ओर से कोई परेशानी नहीं उत्पन्न की जाएगी।
आनन्दपाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर ये रखी मांग...
हुंकार रैली श्रद्धांजली सभा
- फोटो : File photo
इसके अलावा 12 जुलाई को उपद्रव में हुई फायरिंग में गोली लगने से मारे गए मालासर निवासी सुरेंद्र सिंह को सरकार आर्थिक मुआवजा और मृतक के आश्रित को नौकरी देने की मांग मानी गई।
वहीं, एनकाउंटर में गोली लगने से गंभीर घायल कमांडों सोहन सिंह को उसके परिजनों से मिलने देने तथा मालासर में श्रवण सिंह राजपूत और उसके परिजनों पर नजरबंदी हटाने पर भी सहमति बनी। श्रवण सिंह के घर पर ही आनन्दपाल का एनकाउंटर किया गया था।
साथ ही, हिंसक आंदोलन में जो मुकदमे दर्ज हुए उनमें द्वेषतापूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी, यह भी सहमति बनी। आनंदपाल के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट 24 घंटे में मुहैया करवाने की मांग पर भी सहमति बनी।
गौरतलब है कि इससे पहले कल राजपूत सभा भवन में समाज की सभा हुई थी। जिसमें शामिल राजपूत नेताओं ने 22 जुलाई को जयपुर कूच का ऐलान किया था। इससे प्रशासन सकते में आ गया।
आनन फानन में सरकार ने राजपूत नेताओं को मंगलवार को सचिवालय में वार्ता करने का न्यौता दिया गया। इसके बाद आज सुबह 11 बजे जयपुर स्थित शासन सचिवालय में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया की मौजूदगी में वार्ता शुरु हुई थी।
वहीं, एनकाउंटर में गोली लगने से गंभीर घायल कमांडों सोहन सिंह को उसके परिजनों से मिलने देने तथा मालासर में श्रवण सिंह राजपूत और उसके परिजनों पर नजरबंदी हटाने पर भी सहमति बनी। श्रवण सिंह के घर पर ही आनन्दपाल का एनकाउंटर किया गया था।
साथ ही, हिंसक आंदोलन में जो मुकदमे दर्ज हुए उनमें द्वेषतापूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी, यह भी सहमति बनी। आनंदपाल के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट 24 घंटे में मुहैया करवाने की मांग पर भी सहमति बनी।
गौरतलब है कि इससे पहले कल राजपूत सभा भवन में समाज की सभा हुई थी। जिसमें शामिल राजपूत नेताओं ने 22 जुलाई को जयपुर कूच का ऐलान किया था। इससे प्रशासन सकते में आ गया।
आनन फानन में सरकार ने राजपूत नेताओं को मंगलवार को सचिवालय में वार्ता करने का न्यौता दिया गया। इसके बाद आज सुबह 11 बजे जयपुर स्थित शासन सचिवालय में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया की मौजूदगी में वार्ता शुरु हुई थी।