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एक गैंगस्टर हो गया दोस्त के खून का प्यासा, गंदा है पर धंधा....
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 26 Jun 2017 02:49 PM IST
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आनंदपाल
- फोटो : फाइल फोटो
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कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल के जिंदगी के पन्ने इतनी तेजी से बदले की दो जिगरी दोस्त दो एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए। आनंदपाल कभी जिस शख्स की दोस्ती के कसमें खाता था, उसकी ही जान का दुश्मन बन गया।
एसओजी ने कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल का एनकाउंटर कर दिया। जानकार बताते है कि आनंदपाल शादी होने तक सीधा सादा इंसान था। शादी के समय गांव के दबंगों ने आनंदपाल की घोड़ी पर बिंदौरी नहीं निकालने दी। तब आनंदपाल ने अपने दोस्त और छात्रनेता जीवनराम गोदारा से बात की। गोदारा ने अपने खुद अपनी टीम के साथ खड़े रहकर शादी पूरी करवाई।
इसके बाद दोनों के बीच दोस्ती और भी गहरी हो गई। आनंदपाल ने बीएड की, फिर सीमेंट का काम भी किया। इस दौरान वह राजनीति में भी उतरा। प्रधान का चुनाव लड़ा पर हार गया। कहा जाता है कि राजनीतिक दबाव के चलते इस दौरान आनंदपाल पर राजकार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया। इससे गुस्साए आनंदपाल ने खेराज हत्याकांड को अंजाम दे दिया। इस हत्याकांड ने आनंदपाल और उसके सबसे करीबी दोस्त जीवनराम गोदारा के बीच दुश्मनी की दीवार खड़ी कर दी।
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एसओजी ने कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल का एनकाउंटर कर दिया। जानकार बताते है कि आनंदपाल शादी होने तक सीधा सादा इंसान था। शादी के समय गांव के दबंगों ने आनंदपाल की घोड़ी पर बिंदौरी नहीं निकालने दी। तब आनंदपाल ने अपने दोस्त और छात्रनेता जीवनराम गोदारा से बात की। गोदारा ने अपने खुद अपनी टीम के साथ खड़े रहकर शादी पूरी करवाई।
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इसके बाद दोनों के बीच दोस्ती और भी गहरी हो गई। आनंदपाल ने बीएड की, फिर सीमेंट का काम भी किया। इस दौरान वह राजनीति में भी उतरा। प्रधान का चुनाव लड़ा पर हार गया। कहा जाता है कि राजनीतिक दबाव के चलते इस दौरान आनंदपाल पर राजकार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया। इससे गुस्साए आनंदपाल ने खेराज हत्याकांड को अंजाम दे दिया। इस हत्याकांड ने आनंदपाल और उसके सबसे करीबी दोस्त जीवनराम गोदारा के बीच दुश्मनी की दीवार खड़ी कर दी।
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सबसे करीबी दोस्त को गोलियों से भून दिया
वर्ष 2004 में डीडवाना में जीवनराम के घर हमला हुआ। इस हमले के लिए उसके दोस्त रहे आनंदपाल का नाम सामने आया।
आरोप लगा कि जीवनराम से नाराजगी के चलते आनंदपाल ने यह हमला कराया है। दरअसल खेराज हत्याकांड के मुख्य गवाह को जीवन राम ने शरण दी। आनंदपाल गिरफ्तार को पुलिस ने जीवनराम के घर हमले के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद ये रंजिश लगातार बढ़ती गई।
दोनों एक दूसरे को खत्म करने का मौका देखने लगे। दो साल बाद साल 2006 में डीडवाना में ही गोदारा को फिर हमला किया और गोलियों से भून दिया गया। इस हत्याकांड ने आनंदपाल को अपराध जगत का बड़ा नाम बना दिया।
आरोप लगा कि जीवनराम से नाराजगी के चलते आनंदपाल ने यह हमला कराया है। दरअसल खेराज हत्याकांड के मुख्य गवाह को जीवन राम ने शरण दी। आनंदपाल गिरफ्तार को पुलिस ने जीवनराम के घर हमले के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद ये रंजिश लगातार बढ़ती गई।
दोनों एक दूसरे को खत्म करने का मौका देखने लगे। दो साल बाद साल 2006 में डीडवाना में ही गोदारा को फिर हमला किया और गोलियों से भून दिया गया। इस हत्याकांड ने आनंदपाल को अपराध जगत का बड़ा नाम बना दिया।
और फिर बन गया दहशत का दूसरा नाम
गैंगस्टर आनंदपाल
- फोटो : File
जीवनराम गोदारा हत्याकांड के बाद वह हार्डकोर अपराधी बन गया। लूट, डकैती और हत्या के कई मामले उसके खिलाफ दर्ज हुए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजस्थान, हरियाणा समेत पांच राज्यों में उसका नाम था। वह कई मामलों में वांछित था। उसे गिरफ्तार किया गया तथा अजमेर की हाई सिक्युरिटी जेल में रखा गया। सितंबर में पेशी पर लाते समय उसने पुलिस वालों को विषाक्त मिठाई खिलाकर तथा हमलाकर फरार हो गया। उस पर पांच लाख रुपए का ईनाम था।