{"_id":"59ba77ab4f1c1b29688b48ad","slug":"fraud-in-ajmer-gypan-to-collector","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंडित दीनदयाल के नाम पर लाखों रुपए का गबन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पंडित दीनदयाल के नाम पर लाखों रुपए का गबन
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 14 Sep 2017 06:06 PM IST
विज्ञापन
ज्ञापन सौंपने जाते पीड़ित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा के आदर्श दिवंगत नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से संस्था बनाकर लाखों रुपए गबन का मामला सामने आया है। पीड़ित युवतियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।
अजमेर शहर की युवतियां आज यहां जिला कलक्ट्रेट पहुंची। उन्होंने बताया कि भाजपा के आदर्श दिवंगत नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से शिक्षा कार्यक्रम सुलतानपुर की संस्था ने शुरू किया था। इसमें 160 सेंटर्स बनाकर युवतियों को शिक्षिका के पद पर नौकरी दी। शिक्षिकाओं को साढ़े पांच हजार रुपए वेतन देने और इसके एवज में 40-40 बच्चों का 56 रुपए प्रत्येक बच्चे से लेकर रजिस्ट्रेशन करवाने की बात कही। इसके बाद बच्चों को कोचिंग भी देने को कहा।
सभी सेंटर्स पर रुपए एकत्रित कर जिला संयोजक विशाल सक्सैना को रुपए दे दिए गए और बच्चों को कोचिंग भी देना शुरू कर दिया गया। इसके बाद संस्था की ओर से जो लाभ व वेतन शिक्षिकाओं को मिलना था वह नहीं दिया गया। उन्होंने विशाल सक्सैना से बात की तो वह उन्हें गुमराह करता रहा और अंत में अपना फोन बंद करके फरार हो गया। पीड़ित युवतियों की शिकायत पर अतिरिक्त जिला कलक्टर किशोर कुमार ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर पीड़ित युवतियों को राहत दिलवाने के आदेश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
अजमेर शहर की युवतियां आज यहां जिला कलक्ट्रेट पहुंची। उन्होंने बताया कि भाजपा के आदर्श दिवंगत नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से शिक्षा कार्यक्रम सुलतानपुर की संस्था ने शुरू किया था। इसमें 160 सेंटर्स बनाकर युवतियों को शिक्षिका के पद पर नौकरी दी। शिक्षिकाओं को साढ़े पांच हजार रुपए वेतन देने और इसके एवज में 40-40 बच्चों का 56 रुपए प्रत्येक बच्चे से लेकर रजिस्ट्रेशन करवाने की बात कही। इसके बाद बच्चों को कोचिंग भी देने को कहा।
विज्ञापन
सभी सेंटर्स पर रुपए एकत्रित कर जिला संयोजक विशाल सक्सैना को रुपए दे दिए गए और बच्चों को कोचिंग भी देना शुरू कर दिया गया। इसके बाद संस्था की ओर से जो लाभ व वेतन शिक्षिकाओं को मिलना था वह नहीं दिया गया। उन्होंने विशाल सक्सैना से बात की तो वह उन्हें गुमराह करता रहा और अंत में अपना फोन बंद करके फरार हो गया। पीड़ित युवतियों की शिकायत पर अतिरिक्त जिला कलक्टर किशोर कुमार ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर पीड़ित युवतियों को राहत दिलवाने के आदेश दिए।
विज्ञापन