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वसूली के लिए पूर्व मंत्री का पोता बना फर्जी पुलिस अफसर, स्पूफिंग का पहला मामला

Wed, 09 Aug 2017 06:40 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Wed, 09 Aug 2017 06:40 PM IST
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former minister's grand son arrested in fraud case by acb jaipur
आरोपी साहिल राजपाल - फोटो : File photo
एक पूर्व मंत्री का पोता अवैध वसूली के लिए फर्जी पुलिस अफसर बना और स्पूफिंग के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय कॉल कर चौथ वसूली के लोगों को धमकाने लगा।
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राजस्थान में संभवतया पहली बार स्पूफिंग कॉलिंग के जरिए खुद को एसीबी अधिकारी बताकर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। एसीबी टीम ने मास्टरमाइंड आरोपी साहिल राजपाल को जयपुर में जालूपुरा स्थित एमएलए क्वाटर्स से गिरफ्तार कर लिया। वह राजस्थान के पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर का पोता है। फिलहाल उसे बापर्दा रखा गया है।

एडीजी एसीबी आलोक त्रिपाठी ने बताया कि करीब छह माह पहले आरोपी साहिल राजपाल ने पीएचईडी विभाग के इंजीनियर्स को स्पूफिंग इंटरनेट कॉलिंग के जरिए फोन किए थे। फरवरी माह में एक इंजीनियर ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें बताया कि कोई शख्स खुद को एसीबी में तैनात एडिशनल एसपी शंकरदत्त शर्मा बताकर पीएचईडी के इंजीनियर्स को फोन करता है।
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वह कहता है कि आप के खिलाफ एसीबी में शिकायत है, जिसका मैं निपटारा करवा दूंगा। इसके बदले में आपको मुझे 10 लाख रूपए देने होंगे। इस तरह, आरोपी साहिल ने पीड़ित इंजीनियर को विभाग में भ्रष्टाचार करने पर कार्रवाई करने की धमकियां देते हुए करीब डेढ़ लाख रुपए भी वसूल कर लिए।
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मामला सुलझाने के लिए एसीबी के छूटे पसीने

former minister's grand son arrested in fraud case by acb jaipur
Internet Users - फोटो : Demo pic
एडीजी त्रिपाठी के मुताबिक पीड़ित इंजीनियर को एएसपी शर्मा की पुलिस विभाग में अच्छी छवि का पता था। इसलिए इंजीनियर ने एडीजी त्रिपाठी से मिलकर कॉलिंग की शिकायत कर मुकदमा दर्ज करवाया।

इसी तरह, आरोपी साहिल राजपाल ने स्पूफिंग कॉलिंग कर एसपीएमएल कंपनी के अधिकारियों को फोन करके धमकाया और दिल्ली स्थित उनके कार्यालय पहुंचकर ब्लैकमेलिंग कर रुपए मांगे। इस पर कंपनी ने दिल्ली में सीबीआई में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने एसीबी के अधिकारी व थाने से वसूली की शिकायत की।

महत्वपूर्ण एवं तकनीकी होने से जांच महानिरीक्षक सचिन मित्तल को दी गई। एसीबी ने दिल्ली में सीबीआई से संपर्क कर शिकायत के दस्तावेज जुटाए। करीब 6 महीने की गहन तकनीकी जांच के दौरान 9 देशों से सम्पर्क किया गया। आरोपी के मोबाइल नम्बर ट्रेस करने में एसीबी के पसीने छूट गए। तब जाकर साहिल राजपाल का मोबाइल नंबर ट्रेस हुआ।

इस तरह होती है स्पूफिंग कॉल, जानें

former minister's grand son arrested in fraud case by acb jaipur
calls
साहिल आईटी का उपयोग कर इंटरनेट कॉल द्वारा सरकारी अधिकारियों के पास एसीबी के अधिकारियों के फोन नंबर दर्शाकर स्पूफिंग कॉलिंग कर चौथ वसूली का काम किया जा रहा था। इसके बाद आरोपी साहिल राजपाल को एसीबी ने जयपुर के जालूपुरा स्थित एमएलए क्वाटर से गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले की तफ्तीश अब एसपी तेजस्वनी गौतम को सौंपी गई है। एडीजी त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश का सम्भवतः यह पहला मामला है जिसमें स्पूफिंग अन्तर्राष्ट्रीय गेटवे इंटरनेट कॉलिंग द्वारा एसीबी की कार्यवाही का भय दिखा कर एसीबी के अधिकारियों से काम करवाने की एवज में पैसे की मांग की गई।

 एडीजी ने बताया कि स्पूफिंग इंटरनेट सर्वर के होने वाली कॉलिंग में मनचाहे नम्बर डिस्प्ले करके बात की जा सकती है। यानी इसमें फोनकर्ता का मोबाइल नंबर नजर नहीं आता। बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल नंबर से फोन करता है और वही नंबर जिस व्यक्ति को फोन किया है। उसके मोबाइल की डिस्प्ले पर आता है।

इसमें मोबाइल कंपनी के पास भी कॉल का रिकार्ड नहीं रहता है। कॉल डिटेल निकालवाने पर भी वही नंबर आता है। जिनको आरोपी ने स्पूफिंग कॉल में इस्तेमाल किया था। आईजी सचिन मित्तल के मुताबिक एडिशनल एसपी शंकरदत्त शर्मा के नेतृत्व में एसीबी ने कुछ महीनों पहले पीएचइडी में भ्रष्टाचार का खुलासा किया था।
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