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कर्ज से उबरने के लिए किया था सीकर से ध्रुव का अपहरण, मुख्य सरगना गिरफ्तार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 22 May 2017 08:25 PM IST
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अपहृत ध्रुव का फाइल फोटो
- फोटो : Amar Ujala
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सीकर जिले के फतेहपुर क़स्बे में आठ दिन पहले ज्वैलर व्यापारी ललित पोद्दार के 13 साल के अपहृत बेटे ध्रुव को सीकर पुलिस ने मुंबई से सकुशल मुक्त करवा लिया। मामले में पुलिस ने अपहरण के मास्टरमाइंड साजिद बेग समेत पांच जनों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार तक पुलिस टीम अपहृत बच्चे ध्रुव और अपहरणकर्ताओं को लेकर सीकर पहुंचेगी।
एसपी विनीत कुमार ने बताया कि गिरफ्तार साजिद बेग मूल रुप से फतेहपुर, सीकर का रहने वाला है। वह पिछले कई सालों से मुंबई में रहकर कारोबार करता है। लेकिन कारोबार में नुकसान होने से वह आर्थिक कर्ज में डूब गया। इससे उबरने के लिए उसने फतेहपुर में ज्वैलर ललित के परिवार की रैकी कर उसके मासूम बेटे ध्रुव का अपहरण करने की साजिश रची।
इसके लिए लक्ष्मणगढ़, सीकर में एक शादी का नकली विवाह का कार्ड छपवाया। जिसमें गलत पता व मोबाइल नंबर प्रकाशित करवाए। इसके बाद साजिश के अनुसार साजिद बेग 13 मई को सुबह 11 बजे ज्वैलर व्यवसायी ललित के घर पहुंचा। उनकी पत्नी को कार्ड दे दिया। फिर व्यवसायी ललित के भांजे को कार्ड देने के बहाने उसके बेटे ध्रुव को पता बताने के बहाने ले गया। कुछ दूर पैदल चलने के बाद आरोपी साजिद ने ध्रुव को अपहरण कर अपनी कार में बैठा लिया। फिर सीधे पेट्रोल पम्प पहुंचकर पेट्रोल भरवाया। उसने ध्रुव को नींद की गोलियां खिला दी। इससे वह बेहोश हो गया और साजिद अपनी कार से उसे मुंबई ले गया। वहां रोजाना लोकेशन बदल रहा था।
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अपहरण के दो दिन बाद साजिद ने व्यवसायी ललित को फोन कर 70 लाख रुपए की फिरौती मांगी और बच्चे को छोड़ने के लिए कहा। एडिशनल एसपी तेजपाल सिंह, सीओ रामचंद्र मूंड के निर्देशन में पुलिस टीमें गठित कर उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र भेजी गई। यहां थानाप्रभारी महावीर सिंह राठौड़ की टीम ने मोबाइल नंबरों को ट्रेस करते हुए पुलिस टीम आरोपी साजिद बेग के बांद्रा स्थित फ्लैट पहुंच गई। जहां उसने बच्चे ध्रुव को अपहरण कर रखा था। इस पर पुलिस ने साजिद समेत पांच आरोपियों को दबोच कर ध्रुव को मुक्त करवा लिया। इन आरोपियों में दो महिलाएं और दो स्थानीय लोग भी शामिल है।
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एसपी विनीत कुमार ने बताया कि गिरफ्तार साजिद बेग मूल रुप से फतेहपुर, सीकर का रहने वाला है। वह पिछले कई सालों से मुंबई में रहकर कारोबार करता है। लेकिन कारोबार में नुकसान होने से वह आर्थिक कर्ज में डूब गया। इससे उबरने के लिए उसने फतेहपुर में ज्वैलर ललित के परिवार की रैकी कर उसके मासूम बेटे ध्रुव का अपहरण करने की साजिश रची।
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इसके लिए लक्ष्मणगढ़, सीकर में एक शादी का नकली विवाह का कार्ड छपवाया। जिसमें गलत पता व मोबाइल नंबर प्रकाशित करवाए। इसके बाद साजिश के अनुसार साजिद बेग 13 मई को सुबह 11 बजे ज्वैलर व्यवसायी ललित के घर पहुंचा। उनकी पत्नी को कार्ड दे दिया। फिर व्यवसायी ललित के भांजे को कार्ड देने के बहाने उसके बेटे ध्रुव को पता बताने के बहाने ले गया। कुछ दूर पैदल चलने के बाद आरोपी साजिद ने ध्रुव को अपहरण कर अपनी कार में बैठा लिया। फिर सीधे पेट्रोल पम्प पहुंचकर पेट्रोल भरवाया। उसने ध्रुव को नींद की गोलियां खिला दी। इससे वह बेहोश हो गया और साजिद अपनी कार से उसे मुंबई ले गया। वहां रोजाना लोकेशन बदल रहा था।
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अपहरण के दो दिन बाद साजिद ने व्यवसायी ललित को फोन कर 70 लाख रुपए की फिरौती मांगी और बच्चे को छोड़ने के लिए कहा। एडिशनल एसपी तेजपाल सिंह, सीओ रामचंद्र मूंड के निर्देशन में पुलिस टीमें गठित कर उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र भेजी गई। यहां थानाप्रभारी महावीर सिंह राठौड़ की टीम ने मोबाइल नंबरों को ट्रेस करते हुए पुलिस टीम आरोपी साजिद बेग के बांद्रा स्थित फ्लैट पहुंच गई। जहां उसने बच्चे ध्रुव को अपहरण कर रखा था। इस पर पुलिस ने साजिद समेत पांच आरोपियों को दबोच कर ध्रुव को मुक्त करवा लिया। इन आरोपियों में दो महिलाएं और दो स्थानीय लोग भी शामिल है।