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बैंक मैनेजर बन जयपुर में ठगी करने वाला झारखंड में पकड़ा गया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 26 Apr 2017 09:23 PM IST
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- फोटो : google
बैंक मैनेजर बनकर फर्जी फोन कॉल्स से एक व्यक्ति के खाते से आॅनलाइन 30 हजार रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी पश्चिम अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी 22 वर्षीय प्रकाश रजक है। वह झारखंड के जामताड़ा जिले में नारायणपुरा में बरगढ़ा का रहने वाला है। गत 14 सितंबर को नांगल जैसा बोहरा, ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी भंवर सिंह ने करधनी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था जिसमें बताया कि 8 सितंबर को उनके मोबाइल फोन आया। जिसमें साइबर ठग आरोपी प्रकाश ने खुद को बैंक मैनेजर बताते हुए कहा कि आपके एटीएम का दोबारा रजिस्ट्रेशन होगा। इसके लिए पिन नंबर बदलना पड़ेगा और साथ ही एटीएम को भी अपडेट करना है।
ऐसे बहाने बताकर आरोपी ने पीड़ित भंवर सिंह से उनके एटीएम के सीरियल नंबर व ओटीपी नंबर मांग लिए। इसके करीब 24 घंटे के भीतर ही भंवर सिंह के खाते से 30 हजार रुपए निकल गए। तब उन्होंने करधनी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
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जानकारी के अनुसार डीसीपी क्राइम विकास पाठक के निर्देशन में साइबर सेल के सबइंस्पेक्टर मनोज कुमार व हैडकांस्टेबल रतनदीप ने जामताड़ा में होने की जानकारी जुटा ली। तब पुलिस टीम वहां पहुंची लेकिन भनक लगने पर आरोपी प्रकाश भाग निकला। इसके बाद प्रकाश के विधिक राय लेने के सिलसिले में आरोपी प्रकाश के नारायणपुरा में आने का पता चला। तब करधनी थानाप्रभारी अनिल जसोरिया और उनकी टीम ने जामताड़ा में रेलवे स्टेशन पर ही प्रकाश को मुखबिर की सूचना पर दबोच लिया। उससे पूछताछ की जा रही है।
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डीसीपी पश्चिम अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी 22 वर्षीय प्रकाश रजक है। वह झारखंड के जामताड़ा जिले में नारायणपुरा में बरगढ़ा का रहने वाला है। गत 14 सितंबर को नांगल जैसा बोहरा, ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी भंवर सिंह ने करधनी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था जिसमें बताया कि 8 सितंबर को उनके मोबाइल फोन आया। जिसमें साइबर ठग आरोपी प्रकाश ने खुद को बैंक मैनेजर बताते हुए कहा कि आपके एटीएम का दोबारा रजिस्ट्रेशन होगा। इसके लिए पिन नंबर बदलना पड़ेगा और साथ ही एटीएम को भी अपडेट करना है।
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ऐसे बहाने बताकर आरोपी ने पीड़ित भंवर सिंह से उनके एटीएम के सीरियल नंबर व ओटीपी नंबर मांग लिए। इसके करीब 24 घंटे के भीतर ही भंवर सिंह के खाते से 30 हजार रुपए निकल गए। तब उन्होंने करधनी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
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जानकारी के अनुसार डीसीपी क्राइम विकास पाठक के निर्देशन में साइबर सेल के सबइंस्पेक्टर मनोज कुमार व हैडकांस्टेबल रतनदीप ने जामताड़ा में होने की जानकारी जुटा ली। तब पुलिस टीम वहां पहुंची लेकिन भनक लगने पर आरोपी प्रकाश भाग निकला। इसके बाद प्रकाश के विधिक राय लेने के सिलसिले में आरोपी प्रकाश के नारायणपुरा में आने का पता चला। तब करधनी थानाप्रभारी अनिल जसोरिया और उनकी टीम ने जामताड़ा में रेलवे स्टेशन पर ही प्रकाश को मुखबिर की सूचना पर दबोच लिया। उससे पूछताछ की जा रही है।