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लालच ने बना दिया था इसे 'हैवान', अब भुगतनी होगी सजा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 19 Aug 2017 06:27 PM IST
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हत्या
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एक छोटे से लालच के लिए एक वृद्धा की जान लेने वाले को अब उम्र कैद भुगतनी होगी। लालच में अंधा होकर इस वहशीयाना कृत्य को अंजाम देने वाले को कोर्ट ने यह सजा सुनाई है।
मामला अजमेर का है। अजमेर की महिला उत्पीड़न न्यायालय ने 80 वर्षीय वृद्धा को मौत के घाट उतारने के मामले में फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने हत्यारे को आजीवन कारावास और 20 हजार रूपए के जुर्माने से दंडित किया।
अतिरिक्त सेशन न्यायालय महिला उत्पीड़न के अतिरिक्त लोक अभियोजक सीमांत भारद्वाज ने बताया कि अगस्त 2014 में पीसांगन थाना क्षेत्र के चैनपुरा गांव में 80 वर्षीया सायरी देवी की हत्या कर दी गई थी। सोने चांदी के गहने चुराने को लेकर सायरी देवी की गला घोंटकर हत्या की गई। पुलिस ने मामले में हत्यारे पीसांगन निवासी फारूख पठान को गिरफ्तार किया। पठान की निशानदेही पर उसकी खून के धब्बे लगी शर्ट और चोरी गए जेवरात पुलिस ने बरामद किए।
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मामला अजमेर का है। अजमेर की महिला उत्पीड़न न्यायालय ने 80 वर्षीय वृद्धा को मौत के घाट उतारने के मामले में फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने हत्यारे को आजीवन कारावास और 20 हजार रूपए के जुर्माने से दंडित किया।
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अतिरिक्त सेशन न्यायालय महिला उत्पीड़न के अतिरिक्त लोक अभियोजक सीमांत भारद्वाज ने बताया कि अगस्त 2014 में पीसांगन थाना क्षेत्र के चैनपुरा गांव में 80 वर्षीया सायरी देवी की हत्या कर दी गई थी। सोने चांदी के गहने चुराने को लेकर सायरी देवी की गला घोंटकर हत्या की गई। पुलिस ने मामले में हत्यारे पीसांगन निवासी फारूख पठान को गिरफ्तार किया। पठान की निशानदेही पर उसकी खून के धब्बे लगी शर्ट और चोरी गए जेवरात पुलिस ने बरामद किए।
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उम्रकैद की मिली सजा
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भारद्वाज ने कहा कि चार्जशीट पेश करने के बाद उन्होंने 20 गवाह और 48 दस्तावेज न्यायाधीश के सामने प्रदर्शित करवाए। इसके आधार पर न्यायाधीश नुसरत बानो ने फारूख पठान को आजीवन कारावास और 20 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। घटना के बाद से ही आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है।