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रेलवे अधिकारी बनकर ये शख्स कई राज्यों में ऐसे कर रहा था ठगी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 17 Aug 2017 07:58 PM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपित
- फोटो : amar ujala
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रेलवे अधिकारी बनकर ट्रक और ट्रेलर मालिकों को लाखों का चूना लगाने वाले शातिर अपराधी को आज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शातिर अपराधी ने एक दर्जन से अधिक वारदात राजस्थान, गुजरात सहित अन्य राज्यों में करने की बात कबूली है। वारदात में उसका साथ देने वाले परिवहन विभाग के क्लर्क को भी पुलिस ने दबोचा है।
आईपीएस मोनिका सैन ने बताया कि अप्रेल माह में प्रेम सिंह नामक व्यक्ति ने अजमेर के अलवर गेट थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इसमें बताया कि एक व्यक्ति ने उसे फोन करके खुद को ट्रांसपोर्ट कम्पनी का मैनेजर बताया और रेलवे में माल ढोने के लिए उसके दो ट्रेलर की जरूरत बताई। उसने उसके ट्रेलर रेलवे में लगाने का प्रलोभन दिया। उसने लोको कारखाने के बाहर एक रेलवे के अधिकारी मनीष से मिलने की बात भी कही। वह जब कथित रेलवे अधिकारी मनीष से मिला तो उसने दोनों वाहनों के 61-61 हजार रुपए और अन्य दस्तावेज ले लिए।
बाद में ट्रांसपोर्ट मैनेजर व मनीष दोनों का फोन बंद रहने लगा। आईपीएस सैन ने बताया कि मामले की जांच में सामने आया कि इस तरह की वारदात छह महीने पहले ही जेल से छूटकर आया फकीराखेड़ा, सोमलपुर निवासी रमजान उर्फ कालू अंजाम दे रहा है। उसके खिलाफ पूर्व में भी नकबजनी, अवैध हथियार सहित प्रकरण दर्ज है। वारदात में उसका साथ परिवहन विभाग का क्लर्क नसीराबाद निवासी अब्दुल रउफ देता था।
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रउफ ने रमजान का फिरोज नाम से फर्जी लाइसेंस भी बनवा दिया था। जिसके आधार पर उसने पैन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज फर्जी बनवा लिए और देश छोड़ने की फिराक में था। उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
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आईपीएस मोनिका सैन ने बताया कि अप्रेल माह में प्रेम सिंह नामक व्यक्ति ने अजमेर के अलवर गेट थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इसमें बताया कि एक व्यक्ति ने उसे फोन करके खुद को ट्रांसपोर्ट कम्पनी का मैनेजर बताया और रेलवे में माल ढोने के लिए उसके दो ट्रेलर की जरूरत बताई। उसने उसके ट्रेलर रेलवे में लगाने का प्रलोभन दिया। उसने लोको कारखाने के बाहर एक रेलवे के अधिकारी मनीष से मिलने की बात भी कही। वह जब कथित रेलवे अधिकारी मनीष से मिला तो उसने दोनों वाहनों के 61-61 हजार रुपए और अन्य दस्तावेज ले लिए।
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बाद में ट्रांसपोर्ट मैनेजर व मनीष दोनों का फोन बंद रहने लगा। आईपीएस सैन ने बताया कि मामले की जांच में सामने आया कि इस तरह की वारदात छह महीने पहले ही जेल से छूटकर आया फकीराखेड़ा, सोमलपुर निवासी रमजान उर्फ कालू अंजाम दे रहा है। उसके खिलाफ पूर्व में भी नकबजनी, अवैध हथियार सहित प्रकरण दर्ज है। वारदात में उसका साथ परिवहन विभाग का क्लर्क नसीराबाद निवासी अब्दुल रउफ देता था।
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रउफ ने रमजान का फिरोज नाम से फर्जी लाइसेंस भी बनवा दिया था। जिसके आधार पर उसने पैन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज फर्जी बनवा लिए और देश छोड़ने की फिराक में था। उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।