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दलित किशोरी का अपहरण कर किया था दुष्कर्म, कोर्ट ने सुनाई ये सजा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 17 Nov 2017 07:45 PM IST
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दलित किशोरी का अपहरण करके दुराचार करने के मामले में एससी एसटी न्यायालय ने फैसला सुनाया है।
न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने आरोपी को आजीवन कारावास और 80 हजार रूपए के जुर्माने से दंडित किया। एससी एसटी न्यायालय के विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज जैन ने बताया कि 9 मार्च 2015 को अजमेर के केकड़ी थाना क्षेत्र में रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग को मध्यप्रदेश के राजगढ़ निवासी करण सिंह तंवर अपहरण करके ले गया था। नाबालिग के पिता की रिपोर्ट पर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोपी करण सिंह को गिरफ्तार कर पीड़िता को उसके चंगुल से मुक्त करवाया गया। जैन ने बताया कि पुलिस की ओर से न्यायालय में चार्जशीट पेश की। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने 7 गवाह और 17 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। इसके आधार पर न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने आरोपी को आजीवन कारावास के कठोर दंड और 80 हजार रूपए के जुर्माने से दंडित करने की सजा सुनाई है।
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न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने आरोपी को आजीवन कारावास और 80 हजार रूपए के जुर्माने से दंडित किया। एससी एसटी न्यायालय के विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज जैन ने बताया कि 9 मार्च 2015 को अजमेर के केकड़ी थाना क्षेत्र में रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग को मध्यप्रदेश के राजगढ़ निवासी करण सिंह तंवर अपहरण करके ले गया था। नाबालिग के पिता की रिपोर्ट पर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोपी करण सिंह को गिरफ्तार कर पीड़िता को उसके चंगुल से मुक्त करवाया गया। जैन ने बताया कि पुलिस की ओर से न्यायालय में चार्जशीट पेश की। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने 7 गवाह और 17 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। इसके आधार पर न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने आरोपी को आजीवन कारावास के कठोर दंड और 80 हजार रूपए के जुर्माने से दंडित करने की सजा सुनाई है।
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