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बुकिंग के बावजूद विदेश की सैर नहीं कराना पड़ा महंगा, अब देने पड़ेंगे लाखों
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 02 Nov 2017 08:23 PM IST
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जयपुर जिला मंच उपभोक्ता संरक्षण प्रथम ने बुकिंग कराने के बावजूद भी विदेश यात्रा नहीं कराने पर मैक माय ट्रिप पर 31 हजार रुपए का हर्जाना लगाया है। इसके साथ ही मंच ने वसूली गई 2 लाख 52 हजार 970 रुपए की राशि ब्याज सहित लौटाने को कहा है। मंच ने यह आदेश विजेंद्र माथुर की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए।
परिवाद में अधिवक्ता सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि परिवादी ने 23 मई 2013 को मैक माय ट्रिप से तीन लोगों के लिए यूनिक स्विस पेरिस डिलाईट पैकेज ट्यूर बुक कराया।
बुकिंगकर्ता ने 25 अगस्त 2013 से ट्यूर आरंभ करना बताकर 21 अगस्त को परिवादी से पूरी राशि वसूल कर ली। जब परिवाादी ने ट्यूर पर भेजने की मांग की तो कंपनी ने 26 अगस्त
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को बताया कि स्विस एम्बेसी ने वीसा कैंसिल कर दिया है। इस पर परिवादी ने वसूली गई राशि लौटाने को कहा। जिसके जवाब में कंपनी ने वीसा, एयर टिकट रिफ्यूजल भेजते हुए राशि लौटाने से इनकार कर दिया। परिवाद में कहा गया कि कंपनी ने 20 अगस्त को पैकेज राशि मांगी थी, जबकि कंपनी को 19 अगस्त को ही रिफ्यूजल लैटर मिल गया था। ट्यूर रद्द होने की जानकारी के बाद भी कंपनी ने परिवादी से रुपए मांगकर सेवादोष कारित किया है।
जिस पर सुनवाई करते हुए मंच ने कंपनी पर 31 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए वसूली गई राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं।
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परिवाद में अधिवक्ता सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि परिवादी ने 23 मई 2013 को मैक माय ट्रिप से तीन लोगों के लिए यूनिक स्विस पेरिस डिलाईट पैकेज ट्यूर बुक कराया।
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बुकिंगकर्ता ने 25 अगस्त 2013 से ट्यूर आरंभ करना बताकर 21 अगस्त को परिवादी से पूरी राशि वसूल कर ली। जब परिवाादी ने ट्यूर पर भेजने की मांग की तो कंपनी ने 26 अगस्त
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को बताया कि स्विस एम्बेसी ने वीसा कैंसिल कर दिया है। इस पर परिवादी ने वसूली गई राशि लौटाने को कहा। जिसके जवाब में कंपनी ने वीसा, एयर टिकट रिफ्यूजल भेजते हुए राशि लौटाने से इनकार कर दिया। परिवाद में कहा गया कि कंपनी ने 20 अगस्त को पैकेज राशि मांगी थी, जबकि कंपनी को 19 अगस्त को ही रिफ्यूजल लैटर मिल गया था। ट्यूर रद्द होने की जानकारी के बाद भी कंपनी ने परिवादी से रुपए मांगकर सेवादोष कारित किया है।
जिस पर सुनवाई करते हुए मंच ने कंपनी पर 31 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए वसूली गई राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं।