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तो फेसबुक बन गई एक बालिका वधु के लिए वरदान, जानें कैसे...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 13 Oct 2017 02:10 PM IST
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फाइल फोटो।
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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और फोटो ज्यादातर मौकों पर लोगों के लिए परेशानी का सबब बनते आए है। लेकिन एक मामले में इससे बिलकुल उलट हुआ है।
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सोशल साइट 'फेसबुक' राजस्थान के बाड़मेर की रहने वाली एक बालिका वधु के लिए वरदान साबित हुई है। फेसबुक पर उपलब्ध जानकारी को सबूत मानते हुए कोर्ट ने बालिका वधु को शादी के बंधन से मुक्त करने का निर्णय सुनाया है।
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दरअसल वर्ष 2010 में बाड़मेर के गांव में गुपचुप हुए एक बाल विवाह में पीड़िता की जबरदस्ती शादी करा दी गई थी। जानकारी के अनुसार इस विवाह के समय लड़का-लड़की दोनों ही नाबलिग थे और उस वक्त दोनों की उम्र 12 साल के कम थी।
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शादी के बाद लड़की के माता-पिता ने रीति-रिवाज का पालन करते हुए उसे 18 वर्ष का होने तक ससुराल नहीं भेजा। जब संबंधित युवती 18 वर्ष की हुई, तो उसके माता-पिता ससुराल जाने का दबाव बनाने लगे। जब माता-पिता ने जबरदस्ती की तो लड़की घर से भाग गई।
मिला बालिका वधु को न्याय
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इसके बाद पीड़िता ने एक सामजिक संस्था की मदद से कोर्ट में शादी के बंधन को खत्म करने की गुहार लगाई। पीड़िता ने इसके लिए अपने पति की फेसबुक आईडी पर उपलब्ध शादी के दिनों की फोटो को सबूत के तौर पर पेश किया।
सामजिक संस्था की कार्यकर्ता के अनुसार लड़की आगे पढ़ना चाहती है, इसलिए वह शादी के बंधन से मुक्त होना चाहती थी। कोर्ट ने फेसबुक व अन्य सबूतों के आधार पर बीते सोमवार को निर्णय सुनाते हुए इस शादी को अवैध करार दिया है।
गौरतलब है कि राजस्थान बाल विवाह के मामलों में देश में सबसे आगे है। वर्ष 2011 के आंकड़ों के अनुसार यहां 31 फीसदी लड़कियों की शादी 14 से 19 साल के बीच हो जाती है।
इधर, हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नाबालिग से यदि उसका पति भी संबंध बनाता है, तो वह दुष्कर्म माना जाएगा।
सामजिक संस्था की कार्यकर्ता के अनुसार लड़की आगे पढ़ना चाहती है, इसलिए वह शादी के बंधन से मुक्त होना चाहती थी। कोर्ट ने फेसबुक व अन्य सबूतों के आधार पर बीते सोमवार को निर्णय सुनाते हुए इस शादी को अवैध करार दिया है।
गौरतलब है कि राजस्थान बाल विवाह के मामलों में देश में सबसे आगे है। वर्ष 2011 के आंकड़ों के अनुसार यहां 31 फीसदी लड़कियों की शादी 14 से 19 साल के बीच हो जाती है।
इधर, हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नाबालिग से यदि उसका पति भी संबंध बनाता है, तो वह दुष्कर्म माना जाएगा।