सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग को मुआवजा क्यों नहीं
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राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रमुख वित्त सचिव और भरतपुर एसपी सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि सामूहिक दुष्कर्म की शिकार नाबालिग लड़की को मुआवजा क्यों नहीं दिया गया। न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार की एकलपीठ ने यह आदेश पीड़िता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में कहा गया की भरतपुर की कामा तहसील से 31 अगस्त 2017 को उसका अपहरण किया गया। इसके बाद कई दिनों तक बंधक बनाए रखने के दौरान उसके साथ कुछ लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता लोगों के घर में साफ सफाई कर अपना जीवन यापन कर रही है।
याचिकाकर्ता की ओर से राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव को प्रार्थना पत्र पेश कर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357ए के तहत मुआवजा देने की गुहार की गई, लेकिन प्राधिकरण की ओर से कोई मुआवजा राशि नहीं दिलाई गई। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार और विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश जारी कर याचिकाकर्ता को मुआवजा राशि दिलाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।