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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में किशोर की भूख से मौत! महामारी की भी आशंका
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 03 Aug 2017 03:23 PM IST
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बाढ़ के हालातों के बीच एक किशोर की भूख से मरने की सूचना है। वहीं, इन क्षेत्रों में महामारी की आशंका फैल गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र सरकार के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।
राजस्थान के जालोर जिले में साचौर के यहां के नेहड़ क्षेत्र में एक 13 वर्षीय किशोर की मौत की सूचना सामने आई है। बच्चे के परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे भागीरथ की मौत भूख के कारण हुई है। वहीं, प्रशासन का दावा है कि भागीरथ की मौत भूख से नहीं, बल्कि बीमारी से हुई है।
प्रशासन के अनुसार भागीरथ बीमारी के कारण कमजोर हो गया था, जिससे उसकी मौत हो गई है। लेकिन प्रशासन की बात भागीरथ के परिजन मानने के तैयार नहीं है।
गौरतलब है कि राजस्थान के चार जिले पाली, सिरोही, जालोर और बाड़मेर में बाढ़ के हालातों में खास सुधार नहीं है। राजस्थान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कल तक 59 मौत हो चुकी हैं।
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राजस्थान के जालोर जिले में साचौर के यहां के नेहड़ क्षेत्र में एक 13 वर्षीय किशोर की मौत की सूचना सामने आई है। बच्चे के परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे भागीरथ की मौत भूख के कारण हुई है। वहीं, प्रशासन का दावा है कि भागीरथ की मौत भूख से नहीं, बल्कि बीमारी से हुई है।
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प्रशासन के अनुसार भागीरथ बीमारी के कारण कमजोर हो गया था, जिससे उसकी मौत हो गई है। लेकिन प्रशासन की बात भागीरथ के परिजन मानने के तैयार नहीं है।
गौरतलब है कि राजस्थान के चार जिले पाली, सिरोही, जालोर और बाड़मेर में बाढ़ के हालातों में खास सुधार नहीं है। राजस्थान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कल तक 59 मौत हो चुकी हैं।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इन हालातों ने बढ़ाया तनाव
फाइल फोटो।
जालोर के सांचोर क्षेत्र के 50 से अधिक गांव तो अभी तक जलमग्न है। सहीं समय पर चिकित्सकीय सुविधा और खाना नहीं मिलने के कारण स्थानीय लोगों की जान पर बन आई है। भागीरथ के परिजनों के आरोप के बाद सरकार और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिक समय तक पानी ओर गदंगी जमा रहने के कारण महामारी की आशंका भी बढ़ गई है। हालांकि सरकार की ओर से इन क्षेत्रों में सरकार ने मेडिकल की अतिरिक्त टीमें लगाई हैं। लेकिन हालात अभी नियंत्रण में नहीं कहे जा सकते।
राज्य सरकार ने हालात पर काबू पाने के लिए केन्द्र सरकार से 1550 करोड़ रुपए के पैकेज की भी मांग की है।
वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिक समय तक पानी ओर गदंगी जमा रहने के कारण महामारी की आशंका भी बढ़ गई है। हालांकि सरकार की ओर से इन क्षेत्रों में सरकार ने मेडिकल की अतिरिक्त टीमें लगाई हैं। लेकिन हालात अभी नियंत्रण में नहीं कहे जा सकते।
राज्य सरकार ने हालात पर काबू पाने के लिए केन्द्र सरकार से 1550 करोड़ रुपए के पैकेज की भी मांग की है।