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हाउसिंग बोर्ड को देना होगा दो लाख रुपए का हर्जाना, यह है मामला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 23 Oct 2017 07:35 PM IST
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जयपुर के जिला मंच उपभोक्ता संरक्षण क्रम-4 ने प्रताप नगर स्थित मेवाड अपार्टमेंट में तय सुविधाएं नहीं देने पर राजस्थान आवासन मंडल पर दो लाख रुपए का हर्जाना लगाया है। इसके साथ ही मंच ने दस हजार रुपए परिवाद व्यय के तौर पर भी अदा करने को कहा है।
मंच ने यह आदेश जगवीरसिंह की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए। परिवाद में कहा गया कि आवासन मंडल ने प्रताप नगर में बहुमंजिला मेवाड अपार्टमेंट का वर्ष 2007 में काम आरंभ किया गया। परिवादी ने उच्च आय वर्ग में पंजीकरण कराया था। मंडल की ओर से वर्ष 2008 में फ्लैट आवंटित किया गया और 2011 में परिवादी को कब्जा पत्र दिया गया। परिवाद में कहा गया कि मंडल ने बोर्शर में दिखाई गई सुविधाएं अपार्टमेंट में नहीं रखी। जिसके चलते मंडल की ओर से सेवादोष कारित किया गया है। ऐसे में परिवादी को हर्जाना दिलाया जाए।
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मंच ने यह आदेश जगवीरसिंह की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए। परिवाद में कहा गया कि आवासन मंडल ने प्रताप नगर में बहुमंजिला मेवाड अपार्टमेंट का वर्ष 2007 में काम आरंभ किया गया। परिवादी ने उच्च आय वर्ग में पंजीकरण कराया था। मंडल की ओर से वर्ष 2008 में फ्लैट आवंटित किया गया और 2011 में परिवादी को कब्जा पत्र दिया गया। परिवाद में कहा गया कि मंडल ने बोर्शर में दिखाई गई सुविधाएं अपार्टमेंट में नहीं रखी। जिसके चलते मंडल की ओर से सेवादोष कारित किया गया है। ऐसे में परिवादी को हर्जाना दिलाया जाए।
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