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ऐसिड अटैक महिलाओं के लिए दुष्कर्म के समान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 26 Mar 2017 04:25 PM IST
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न्यायाधीश अरुण मिश्रा
- फोटो : demo pic
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उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने ऐसिड अटैक को महिलाओं के लिए दुष्कर्म के समान बताया है। मिश्रा रविवार को जयपुर में बोल रहे थे।
राज्य विधिक सेवा और यूनीसेफ की ओर से रविवार को दुर्गापुरा स्थित कृषि अनुसंधान केन्द्र में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका विषय बाल विवाह और भारत में हो रहे ऐसिड हमले को रखा गया। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने कहा कि ऐसिड अटैक महिलाओं के लिए दुष्कर्म के समान है। ऐसी घटनाएं समाज में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह और ऐसिड अटैक जैसी घटनाओं में पीड़ित को मानसिक और शारीरिक पीड़ा भुगतनी पड़ती है। ये घटनाएं महिलाओं का जीवन ही बिखेर देती हैं। यहां तक कि उसे समाज में अपनी पहचान को ही ढूंढना पड़ता है।
मिश्रा ने कहा कि ऐसी घटनाएं करने वाले आरोपियों के लिए तो उम्रकैद की सजा भी कम है। जानकारी देते हुए मिश्रा ने बताया कि ऐसिड अटैक की पीड़िताओं को दिव्यांग की सूची में शामिल करने का प्रावधान है। कार्यशाला मे उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश नवीन सिन्हा और राजस्थान हाइकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश केएस झवेरी सहित अन्य न्यायाधीश भी शामिल हुए।
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राज्य विधिक सेवा और यूनीसेफ की ओर से रविवार को दुर्गापुरा स्थित कृषि अनुसंधान केन्द्र में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका विषय बाल विवाह और भारत में हो रहे ऐसिड हमले को रखा गया। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने कहा कि ऐसिड अटैक महिलाओं के लिए दुष्कर्म के समान है। ऐसी घटनाएं समाज में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह और ऐसिड अटैक जैसी घटनाओं में पीड़ित को मानसिक और शारीरिक पीड़ा भुगतनी पड़ती है। ये घटनाएं महिलाओं का जीवन ही बिखेर देती हैं। यहां तक कि उसे समाज में अपनी पहचान को ही ढूंढना पड़ता है।
मिश्रा ने कहा कि ऐसी घटनाएं करने वाले आरोपियों के लिए तो उम्रकैद की सजा भी कम है। जानकारी देते हुए मिश्रा ने बताया कि ऐसिड अटैक की पीड़िताओं को दिव्यांग की सूची में शामिल करने का प्रावधान है। कार्यशाला मे उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश नवीन सिन्हा और राजस्थान हाइकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश केएस झवेरी सहित अन्य न्यायाधीश भी शामिल हुए।
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