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इस वायरस से पीड़ित को परीक्षा देने रोका, मच गया हड़कंप
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 30 Dec 2017 02:27 PM IST
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वह परीक्षा देने पहुंचा तो उसे देख परीक्षा हॉल में हड़कंप मच गया। उसे परीक्षा देने से रोक दिया गया। छात्र के परिजन एग्जाम कंट्रोलर के पास पहुंचे, लेकिन वहां से भी कोई बड़ी राहत नहीं मिली।
मामला राजस्थान यूनिवर्सिटी के लॉ कॉलेज से जुड़ा है। यहां फाइव ईयर के छात्र को परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। दरअसल, इस छात्र को स्वाइन फ्लू था। जब वह परीक्षा देने पहुंचा तो उसे वहां मौजूद स्टाफ ने एग्जाम हॉल में बैठकर परीक्षा देने की मंजूरी देने से साफ तौर पर मना कर दिया।
छात्र के भविष्य को देखते हुए उसके परिजनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और एग्जाम कंट्रोलर से गुहार लगाई। उन्होंने भी परीक्षा दे रहे अन्य छात्रों के स्वास्थ्य की सुरक्षा का हवाला देते हुए परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी। इस बारे में परिजनों ने लिखित शिकायत की।
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मामला राजस्थान यूनिवर्सिटी के लॉ कॉलेज से जुड़ा है। यहां फाइव ईयर के छात्र को परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। दरअसल, इस छात्र को स्वाइन फ्लू था। जब वह परीक्षा देने पहुंचा तो उसे वहां मौजूद स्टाफ ने एग्जाम हॉल में बैठकर परीक्षा देने की मंजूरी देने से साफ तौर पर मना कर दिया।
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छात्र के भविष्य को देखते हुए उसके परिजनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और एग्जाम कंट्रोलर से गुहार लगाई। उन्होंने भी परीक्षा दे रहे अन्य छात्रों के स्वास्थ्य की सुरक्षा का हवाला देते हुए परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी। इस बारे में परिजनों ने लिखित शिकायत की।
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फिर दी ये राहत
राजस्थान यूनिवर्सिटी
- फोटो : अमर उजाला
बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में छात्र को मामूली राहत दी। प्रशासन ने कहा कि छात्र को इस स्थिति में परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यदि चिकित्सक छात्र की स्थिति के बारे में लिखकर दे देते हैं तो विवि की ओर से उसे अगले साल परीक्षा देने की अनुमति दी जा सकती है। उस दौरान उससे सेमेस्टर फीस नहीं ली जाएगी। वह उस सेमेस्टर में पास हो जाता है कि इस सेमेस्टर की मार्कशीट की जगह नई मार्कशीट जारी कर दी जाएगी।