{"_id":"590843324f1c1bcc3a442fdb","slug":"brown-beer-seen-for-the-first-time-in-rajasthan","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यहां पहली बार दिखा Brown Bear, चौंके वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यहां पहली बार दिखा Brown Bear, चौंके वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 02 May 2017 03:00 PM IST
विज्ञापन
ब्राउन बीयर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान के वन्यजीवों के इतिहास में संभवतः पहली बार करौली जिला स्थित कैलादेवी के जंगलों में भूरे रंग का भालू देखने को मिला है। आमतौर पर नजर आने वाले जंगली भालू काले रंग के हुआ करते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि पहली बार ब्राउन स्लोथ बियर की तस्वीर सामने आई है।
दरअसल कैलादेवी के आस पास के जंगलों में जनवरी और फरवरी के माह में ब्राउन स्लोथ बियर की तस्वीरें ली गई। ये तस्वीरें इन जंगलों में लगाए गए कैमरों में कैद हुई। दो ग्रामीण वॉलेंटियर हरिमोहन और हरिकेश गुर्जर, जो रणथंभौर टाइगर रिजर्व और स्वयं सेवी संस्था टाइगर वॉच के कोलोब्रेशन में चल रहे प्रोग्राम से जुड़े हैं, ने इन तस्वीरों को कैद किया है। पहली तस्वीर 22 जनवरी और दूसरी तस्वीर 22 फरवरी को ली गई है।
इन तस्वीरों में सबसे अनूठी बात ये है कि दोनों तस्वीरों में दो भालू नजर आ रहे हैं। तस्वीरों में दोनों भालुओं के रंग का फर्क साफ नजर आ रहा है। एक भूरे रंग का है और दूसरा काले रंग का। जो राजस्थान में भूरे रंग के भालू की अनूठी बात को बताता है।
विज्ञापन
इन तस्वीरों को लेकर वन्य जीव विशेषज्ञों और वन विभाग अधिकारियों के बीच काफी चर्चा रही। इन्हें विशेषज्ञों के पास जांच के लिए भेजा गया। विशेषज्ञों ने इन तस्वीरों को अनूठी बताया।
विज्ञापन
दरअसल कैलादेवी के आस पास के जंगलों में जनवरी और फरवरी के माह में ब्राउन स्लोथ बियर की तस्वीरें ली गई। ये तस्वीरें इन जंगलों में लगाए गए कैमरों में कैद हुई। दो ग्रामीण वॉलेंटियर हरिमोहन और हरिकेश गुर्जर, जो रणथंभौर टाइगर रिजर्व और स्वयं सेवी संस्था टाइगर वॉच के कोलोब्रेशन में चल रहे प्रोग्राम से जुड़े हैं, ने इन तस्वीरों को कैद किया है। पहली तस्वीर 22 जनवरी और दूसरी तस्वीर 22 फरवरी को ली गई है।
विज्ञापन
इन तस्वीरों में सबसे अनूठी बात ये है कि दोनों तस्वीरों में दो भालू नजर आ रहे हैं। तस्वीरों में दोनों भालुओं के रंग का फर्क साफ नजर आ रहा है। एक भूरे रंग का है और दूसरा काले रंग का। जो राजस्थान में भूरे रंग के भालू की अनूठी बात को बताता है।
विज्ञापन
इन तस्वीरों को लेकर वन्य जीव विशेषज्ञों और वन विभाग अधिकारियों के बीच काफी चर्चा रही। इन्हें विशेषज्ञों के पास जांच के लिए भेजा गया। विशेषज्ञों ने इन तस्वीरों को अनूठी बताया।
एक्सपर्ट ने बोले 40 साल के अनुभव में पहली बार हुआ एेसा
ब्राउन बीयर
- फोटो : अमर उजाला
इन तस्वीरों को देखकर वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट वाल्मिक थापर खुद अचंभित रह गए। उन्होंने बताया कि मेरे चालीस साल के अनुभव में ऐसा पहली बार देखा है, जब इस तरह का भूरे रंग का जंगली भालू देखने को मिल रहा है। उन्होंने ये तस्वीरें वाइल्ड इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के एक्सपर्ट डॉ. वाय वी. झाला को भेजी। झाला ने कहा कि यह अपने आप में युनिक बात है।
वाल्मिकी ने ये भी कहा कि कैलादेवी और धौलपुर के बीच की दूरी ज्यादा नहीं है। इससे पहले मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी कह चुकी हैं कि धौलपुर में भूरे रंग का भालू नजर आ चुका है। यह तस्वीरें उनकी उस बात को पुख्ता करती हैं।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के फील्ड ऑफिसर वाय.के. साहू बताया कि ऐसा पहली बार ही देखने को मिला है, जब इस इलाके में भूरे और काले रंग का भालू एक साथ देखने को मिला है। यह मेरे लिए तो पहला मौका है, जो बेहद खास भी है।
जहां तक ब्राउन बियर की बात है, यह हिमालय व उसके आस पास के इलाके में पाया जाता है, लेकिन कैलादेवी में नजर आया भालू हिमालयन ब्राउन बियर से बिल्कुल अलग प्रजाति का है।
वाल्मिकी ने ये भी कहा कि कैलादेवी और धौलपुर के बीच की दूरी ज्यादा नहीं है। इससे पहले मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी कह चुकी हैं कि धौलपुर में भूरे रंग का भालू नजर आ चुका है। यह तस्वीरें उनकी उस बात को पुख्ता करती हैं।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के फील्ड ऑफिसर वाय.के. साहू बताया कि ऐसा पहली बार ही देखने को मिला है, जब इस इलाके में भूरे और काले रंग का भालू एक साथ देखने को मिला है। यह मेरे लिए तो पहला मौका है, जो बेहद खास भी है।
जहां तक ब्राउन बियर की बात है, यह हिमालय व उसके आस पास के इलाके में पाया जाता है, लेकिन कैलादेवी में नजर आया भालू हिमालयन ब्राउन बियर से बिल्कुल अलग प्रजाति का है।