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गायब कश्मीरी युवक मामले में जांच के आदेश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 25 Apr 2017 08:40 AM IST
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हाशिम सोफी
- फोटो : अमर उजाला
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बिट्स पिलानी से कश्मीरी युवक के गायब हो जाने के मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद बिट्स पिलानी प्रशासन ने छात्र मामलों की स्टैंडिंग कमेटी को जांच कर रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने के लिए कहा है।
बिट्स पिलानी से जारी विज्ञप्ति के अनुसार हाशिम सोफी फार्मेसी डिपार्टमेंट में एक प्रोजेक्ट के तहत आया हुआ था। वह संस्थान का रजिस्टर्ड स्टूडेंट नहीं था। उसे अस्थाई रूप से रहने के लिए छात्रावास का कमरा 10 अप्रेल को दिया गया था। संस्थान के मुताबिक 21 अप्रेल को सोफी ने चीफ वार्डन को बताया था कि उसके हॉस्टल के कमरे के दरवाजे और कमरे की बालकनी में सूख रही दो टीशर्ट्स पर किसी ने आपत्ति जनक कमेंट लिख दिए हैं।
सोफी ने बताया था कि यह काम किसी ने 20 अप्रेल की रात को किया है। उसने अपनी शिकायत के साथ ही छात्रावास अधीक्षक को इन कमेंट को कमरे के बाहर से साफ करवाने के लिए भी पत्र भी लिखा। चीफ वार्डन ने सोफी को मामले में पूरा सहयोग भी दिया और उसको हॉस्टल रूम से हटाकर रेजीडेंशियल क्वार्टर में शिफ्ट करने की व्यवस्था भी करवा दी।
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इसके बाद, सोफी अलोट किए हुए क्वार्टर से 23 अप्रेल को गायब मिला। वह बिना किसी को सूचना दिए कहीं चला गया। इस बीच वह फोन पर भी उपलब्ध नहीं रहा। विज्ञप्ति के मुताबिक बिट्स पिलानी में काफी समय से जम्मू कश्मीर से कई स्टूडेंट्स आ रहे हैं और वर्तमान में भी अच्छी संख्या में स्टूडेंट्स कैम्पस में रह रहे हैं। अब तक किसी भी छात्र को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आई है।
सोफी की शिकायत पर संस्थान ने एक्शन लेते हुए एक बैठक भी की, जिसमें चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर, स्टूडेंट वेलफेयर के एसोसिएट डीन, चीफ वार्डन और छात्रावास अधीक्षक शामिल थे। इस बैठक में पाया गया कि जम्मू और कश्मीर से आकर यहां पढ़ रहे किसी भी स्टूडेंट इस तरह की परेशानी नहीं पेश नहीं आई।
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बिट्स पिलानी से जारी विज्ञप्ति के अनुसार हाशिम सोफी फार्मेसी डिपार्टमेंट में एक प्रोजेक्ट के तहत आया हुआ था। वह संस्थान का रजिस्टर्ड स्टूडेंट नहीं था। उसे अस्थाई रूप से रहने के लिए छात्रावास का कमरा 10 अप्रेल को दिया गया था। संस्थान के मुताबिक 21 अप्रेल को सोफी ने चीफ वार्डन को बताया था कि उसके हॉस्टल के कमरे के दरवाजे और कमरे की बालकनी में सूख रही दो टीशर्ट्स पर किसी ने आपत्ति जनक कमेंट लिख दिए हैं।
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सोफी ने बताया था कि यह काम किसी ने 20 अप्रेल की रात को किया है। उसने अपनी शिकायत के साथ ही छात्रावास अधीक्षक को इन कमेंट को कमरे के बाहर से साफ करवाने के लिए भी पत्र भी लिखा। चीफ वार्डन ने सोफी को मामले में पूरा सहयोग भी दिया और उसको हॉस्टल रूम से हटाकर रेजीडेंशियल क्वार्टर में शिफ्ट करने की व्यवस्था भी करवा दी।
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इसके बाद, सोफी अलोट किए हुए क्वार्टर से 23 अप्रेल को गायब मिला। वह बिना किसी को सूचना दिए कहीं चला गया। इस बीच वह फोन पर भी उपलब्ध नहीं रहा। विज्ञप्ति के मुताबिक बिट्स पिलानी में काफी समय से जम्मू कश्मीर से कई स्टूडेंट्स आ रहे हैं और वर्तमान में भी अच्छी संख्या में स्टूडेंट्स कैम्पस में रह रहे हैं। अब तक किसी भी छात्र को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आई है।
सोफी की शिकायत पर संस्थान ने एक्शन लेते हुए एक बैठक भी की, जिसमें चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर, स्टूडेंट वेलफेयर के एसोसिएट डीन, चीफ वार्डन और छात्रावास अधीक्षक शामिल थे। इस बैठक में पाया गया कि जम्मू और कश्मीर से आकर यहां पढ़ रहे किसी भी स्टूडेंट इस तरह की परेशानी नहीं पेश नहीं आई।