{"_id":"60117a0dc4285671ca33214a","slug":"bharatpur-youth-printed-fake-indian-currency-100-and-200-rupees-new-notes-jaipur-police-arrested","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जयपुर: धंधा नहीं चला तो सोशल मीडिया से सीखा नकली नोट छापने का तरीका, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जयपुर: धंधा नहीं चला तो सोशल मीडिया से सीखा नकली नोट छापने का तरीका, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
Wed, 27 Jan 2021 08:04 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: कुमार संभव
Updated Wed, 27 Jan 2021 08:04 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक युवक को नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 5 लाख 80 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। ये नोट 100 और 200 रुपये के हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पहले ई-मित्र सेंटर खोला था, लेकिन काम नहीं चला। ऐसे में उसने सोशल मीडिया पर नकली नोट छापने का तरीका सीखा और फर्जीवाड़ा करने लगा।
विज्ञापन
ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
जयपुर पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान रूपचंद मीणा के रूप में हुई। उसके कब्जे से 100 और 200 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए, जिनकी कीमत 5 लाख 80 हजार रुपये थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
घर में ही छापता था नकली नोट
जांच में सामने आया है कि रूपचंद मीणा ने अपने घर में डिजिटल प्रिंटर लगा रखा था, जिससे वह नकली नोट छापता था। पुलिस ने उसके घर से प्रिंटर, स्कैनर, स्याही और सादा कागज बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि रूपचंद मूल रूप से भरतपुर जिले के कुम्हेर का रहने वाला है, लेकिन कुछ समय से जयपुर के करणी विहार इलाके में रह रहा था।
नोटों की डिलिवरी के वक्त दबोचा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक एक बैग में दो लाख रुपये के नकली नोट लेकर करधनी इलाके में किसी व्यक्ति को सप्लाई देने गया था। करधनी पुलिस थाने के कांस्टेबल शंकर को मुखबिर से इसकी सूचना मिली तो आरोपी को घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया गया।
काम-धंधा नहीं चला तो छापे नकली नोट
आरोपी ने बताया कि उसने अपने गांव में ई-मित्र सेंटर खोला था, लेकिन उसमें कमाई नहीं हुई। ऐसे में वह परेशान रहने लगा। कुछ समय पहले उसने सोशल मीडिया पर नकली नोट छापने का तरीका देखा। इसके बाद वह जयपुर आ गया और करणी विहार इलाके में किराये पर रहने लगा। यहां उसने नकली नोटों की छपाई का काम शुरू कर दिया।