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मरते दम तक बना रहूंगा दरगाह दीवान, छोटे भाई को हटाने के अधिकार ही नहीं - जैनुअल आबेदीन

Wed, 05 Apr 2017 04:57 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Wed, 05 Apr 2017 04:57 PM IST
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after the statement of triple talaq lot of happening in ajmer dargah
दरगाह दीवान सैय्यद जैनुल आबेदीन अली खान - फोटो : file photo

मुसलमानों से बीफ नहीं खाने का आह्वान और तीन तलाक का विरोध करने वाले अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के दीवान जैनुअल आबेदीन ने कहा है कि वे मरते दम तक दरगाह दीवान बने रहेंगे। ये अधिकार उन्हें उच्चतम न्यायालय के वर्ष 1987 में दिए आदेश के तहत मिले हैं। छोटे भाई को उन्हें इस पद से हटाने का कोई अधिकार ही नहीं है। कट्टरपंथियों ने उनके भाई अलीमी से उल्टे बयान दिलवाए हैं और मीडिया ने भी भ्रम पैदा किया है। इस तरह की हरकतें पवित्र दरगाह के लिए कलंक जैसी हैं।

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जैनुअल आबेदीन के बयानों पर ऐतराज जताते हुए उनके भाई अलाउद्दीन अलीमी ने दीवान की गद्दी पर स्वयं को सज्जादनशीन घोषित कर दिया था। इस मामले में जैनुअल आबेदीन ने पत्रकारों से कहा कि संकीर्ण विचारधारा और कट्टरपंथियों को उनके विचार कभी पसंद नहीं आते हैं। चाहे बयान गाय पर हो या तीन तलाक पर या फिर कश्मीर पर। कट्टरपंथियों ने हमेशा मेरा विरोध किया है और मैं हमेशा ही उनके निशाने पर रहा हूं।
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जैनुअल अबेदीन अपने बड़े बेटे के साथ पत्रकारों से मुखातिब हुए थे। उन्होंने कहा कि उनके छोटे भाई को मोहरा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि उनका छोटा भाई उन्हें पद से हटा ही नहीं सकता। मरने के बाद बड़ा बेटा मेरा (जैनुअल अबेदीन) उत्तराधिकारी होगा। यही कायदा है। मेरे बाद मेरा बड़ा बेटा ही दरगाह से संबंधित सभी रस्में अदा करेगा। मेेरे अस्वस्थ होने पर या अनुपस्थित में अभी भी वह (बड़ा बेटा) सभी रस्में पूरी करता भी है।
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इससे पूर्व जैनुअल आबेदीन के छोटे भाई अलीमी ने जानकारी दी कि आबेदीन का तीन तलाक को लेकर दिया बयान गलत है। जिसके बाद वह एक मुफ्ती से मिले थे। फिर, प्रमुख मुफ्तियों से मिलकर आबेदीन के खिलाफ फतवा जारी करने की सलाह दी गई थी। आलीमी ने देश के प्रमुख मौलवियों से मांग की कि वे आबेदीन के खिलाफ फतवा जारी करें।

अलीमी का कहना था कि उन्होंने अपने परिवार की रजामंदी के बाद दीवान की गद्दी पर वैध कब्जा ले लिया है। यह उन्होंने मौरुसी अमले व आम जायरीनों की मौजूदगी में किया।

ये कहा था जैनुअल आबेदीन ने

अजमेर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के वंशज और प्रमुख दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान ने उर्स के मौके पर एेलान किया कि वे बीफ कभी नहीं खाएंगे। साथ ही, उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे सब भी बीफ नहीं खाएं।

उन्होंने गाय को भी राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग केन्द्र सरकार से की है। उन्होंने कहा कि मैं यह अपील करना चाहता हूं कि किसी भी तरह का जानवर नहीं काटा जाना चाहिए। उन्होंने मुसलमानों से कहा था कि बीफ त्याग कर सद्भावना की मिसाल पेश करें।


साथ ही, जैनुअल आबेदीन ने तीन तलाक के लिए राय दी थी कि एक समय में तीन तलाक के उच्चारण को शरीयत ने नापसंद किया है। मुसलमान इस प्रक्रिया में शरीयत की नाफरमानी से बचें।

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