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उर्स में आने वाले किन्नरों के लिए निकला अजीबो-गरीब फरमान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 21 Mar 2017 06:07 PM IST
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किन्नर अजमेर में
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अजमेर में सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती साहब के 805वें उर्स का आगाज 24 मार्च से होने जा रहा है। जिसमें दुनियाभर से लाखों की संख्या में जायरीन जुटेंगे। इन्हीं जायरीनों के बीच देशभर से किन्नर भी ख्वाजा साहब की बंदिगी के लिए उर्स के दौरान अजमेर पहुंचते हैं। लेकिन इस वर्ष प्रशासन की ओर से किन्नरों के लिए एक तुगलकी फरमान जारी किया गया है। जिसमें सभी होटल व गेस्ट हाउस मालिकों से कहा गया है कि यहां आने वाले किन्नरों को कमरे नहीं दिए जाए।
प्रशासन ने बताया यह कारण
प्रशासन के अनुसार यहां आने वाले किन्नरों के कारण सड़क यातायात प्रभावित होता है। वे होटलों और गेस्ट हाउस की खिड़कियों सजकर खड़े रहते है और आने जाने वाले लोगों से ईशारे करते हैं। जिसके कारण सड़कों पर जमघट लग जाता है। इससे पुलिस को यातायात संभाालने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
चढ़ाई जाती है चादर
दरगाह के खादिम बताते है कि किन्नर बड़ी संख्या में उर्स के दौरान अजमेर आते है। इनके कई समूहों की ओर से ख्वाजा साहब के दरबार में चादर भी चढ़ाई जाती है। इस समुदाय की सूफी संत में काफी आस्था है। इसलिए उर्स प्रारंभ होने से कई दिन पूर्व ही इनका यहां पहुंचना प्रारंभ हो जाता है। पूरे उर्स के दौरान देशभर से आने वाले किन्नर यहीं रहते है।
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दिए गए है सख्त निर्देश
प्रशासन की ओर से उर्स के दौरान ड्यूटी पर रहने वाले पुलिसकर्मियों को निर्देश भी दिए गए है कि किसी भी प्रकार के उत्पात से सख्ती से निपटा जाए। साथ ही सुरक्षा को देखते हुए सभी किन्नरों व आने वालें अन्य जायरीनों के पहचान पत्रों को भी अच्छे से चैक किया जाए। इसी प्रकार के निर्देश होटलों के लि भी जारी किए गए है।
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प्रशासन ने बताया यह कारण
प्रशासन के अनुसार यहां आने वाले किन्नरों के कारण सड़क यातायात प्रभावित होता है। वे होटलों और गेस्ट हाउस की खिड़कियों सजकर खड़े रहते है और आने जाने वाले लोगों से ईशारे करते हैं। जिसके कारण सड़कों पर जमघट लग जाता है। इससे पुलिस को यातायात संभाालने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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चढ़ाई जाती है चादर
दरगाह के खादिम बताते है कि किन्नर बड़ी संख्या में उर्स के दौरान अजमेर आते है। इनके कई समूहों की ओर से ख्वाजा साहब के दरबार में चादर भी चढ़ाई जाती है। इस समुदाय की सूफी संत में काफी आस्था है। इसलिए उर्स प्रारंभ होने से कई दिन पूर्व ही इनका यहां पहुंचना प्रारंभ हो जाता है। पूरे उर्स के दौरान देशभर से आने वाले किन्नर यहीं रहते है।
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दिए गए है सख्त निर्देश
प्रशासन की ओर से उर्स के दौरान ड्यूटी पर रहने वाले पुलिसकर्मियों को निर्देश भी दिए गए है कि किसी भी प्रकार के उत्पात से सख्ती से निपटा जाए। साथ ही सुरक्षा को देखते हुए सभी किन्नरों व आने वालें अन्य जायरीनों के पहचान पत्रों को भी अच्छे से चैक किया जाए। इसी प्रकार के निर्देश होटलों के लि भी जारी किए गए है।