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प्री मैच्योर बच्चों के माता-पिता को अब मिलेगी राहत...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 17 Mar 2017 04:29 PM IST
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ट्रांसपोर्ट एक्यूबटर्स
- फोटो : डेमो पिक
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जेके लोन अस्पताल में अब नवजात बच्चों के लिए नई सुविधा मुहैया करवाई गई है। इस नई तकनीक की मदद से क्रिटिकल स्थिति में नवजात बच्चों को लाया ले जा सकेगा, वो भी बिना किसी खास खतरे के। अस्पताल में नई मशीन लाई गई है। इस मशीन को ट्रांसपोर्ट एक्यूबटर्स कहा जाता है। इसकी मदद से प्री-मैच्योर बच्चों को उपचार के लिए लाने ले जाने में होने वाले खतरे से बचाया जा सकेगा।
दरअसल, अस्पताल में यह सुविधा पहली बार लाई गई है। इस मशीन को इमरजेंसी और एंबुलेंस में लगाया गया है। यह मशीन प्री मैच्योर बच्चों के काम आती है। बताया जा रहा है कि प्री मैच्योर बच्चों को एक खास तापमान के वातावरण में रखा जाता है। इसमें ध्यान दिया जाता है कि इन बच्चों को 36 डिग्री के तापमान के माहौल में रखा जाए। चूंकि प्री मैच्योर बच्चे कमजोर भी होते हैं और उन्हें गर्भ से बाहर आए ज्यादा समय भी नहीं हुआ होता है। ऐसे में उन्हें इस डिवाइस के जरिए सही तापमान व वातावरण में रख कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है।
अस्पताल के अधीक्षक डा. अशोक गुप्ता ने बताया कि तापमान में उतार चढ़ाव का असर प्री मैच्योर और न्यू बोर्न बेबी पर हो सकता है। आज पहली बार इसके इस्तेमाल से एक बच्चे को ट्रांसपोर्ट किया है।
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दरअसल, अस्पताल में यह सुविधा पहली बार लाई गई है। इस मशीन को इमरजेंसी और एंबुलेंस में लगाया गया है। यह मशीन प्री मैच्योर बच्चों के काम आती है। बताया जा रहा है कि प्री मैच्योर बच्चों को एक खास तापमान के वातावरण में रखा जाता है। इसमें ध्यान दिया जाता है कि इन बच्चों को 36 डिग्री के तापमान के माहौल में रखा जाए। चूंकि प्री मैच्योर बच्चे कमजोर भी होते हैं और उन्हें गर्भ से बाहर आए ज्यादा समय भी नहीं हुआ होता है। ऐसे में उन्हें इस डिवाइस के जरिए सही तापमान व वातावरण में रख कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है।
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अस्पताल के अधीक्षक डा. अशोक गुप्ता ने बताया कि तापमान में उतार चढ़ाव का असर प्री मैच्योर और न्यू बोर्न बेबी पर हो सकता है। आज पहली बार इसके इस्तेमाल से एक बच्चे को ट्रांसपोर्ट किया है।
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