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बेटे को इंसाफ दिलाने दर-दर भटक रहा बूढ़ा बाप

Thu, 13 Apr 2017 06:00 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 13 Apr 2017 06:00 PM IST
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a old man reached at home minister office for Justice
डेमो पिक - फोटो : डेमो पिक
एक बाप अपने बेटे की मौत के दो साल बाद भी इंसाफ के लिए चक्कर लगा रहा है। कभी एक अफसर के दर पर तो कभी मंत्री की दहलीज पर। इसकी मांग सिर्फ इतनी है कि दो साल पहले बेटे की हत्या हो गई और अब तक उसे मारने वाले पकड़े नहीं गए। मामला भरतपुर के नगर निवासी मिश्रीलाल दुबे का है।
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मिश्रीलाल नगर के पचौरी मौहल्ला में रहते हैं। इनके बेटे की हत्या दो साल पहले हो गई थी। तब संदिग्ध माने भी गए थे, लेकिन अब तक हत्यारे गिरफ्त से बाहर हैं। दुबे ने परिवाद में बताया था कि उनका बेटा राकेश उर्फ गौरव पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ता था। 12 जनवरी 2015 को वह कॉलेज से घर नहीं लौटा। उसके मोबाइल भी बंद आ रहा था। इसके बाद उसे आसपास और संभावित जगहों पर तलाशा, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।
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इसके आठ दिन बाद नगर के बुचारा गांव के एक खेत में युवक का शव मिलने की सूचना मिली। वहां जाकर देखा तो शव बेटे राकेश का था। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे और गर्दन भी टूटी हुई थी। पुलिस ने जांच में दो स्थानीय लोगों को संदिग्ध भी माना था। उसके बाद से अब तक हत्यारे गिरफ्तार नहीं हो किए गए।
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मिश्रीलाल अपने बेटे के कातिलों को पकड़वाने के लिए कई पुलिस अधिकारियों से लेकर मंत्रियों के चक्कर लगा चुके हैं। वे हाल ही में गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया से भी मिले और पुलिस महानिदेशक से भी, लेकिन दुबे को अब भी बेटे के कातिलों को पकड़े जाने का इंतजार है।
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