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GST से जुड़ने के लिए 5.2 लाख व्यापारियों ने किया आवेदन: शेखावत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 17 Jun 2017 06:55 PM IST
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कार्यक्रम में बोलते हुए मंत्री राजपाल सिंह शेखावत
- फोटो : अमर उजाला
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वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) को गेम चेंजर बताया जा रहा है लेकिन यह गेम चेंजर ही नहीं बल्कि लोगों का भाग्य बदलने वाला भी साबित होगा। जो लोग इसे प्रभावी ढंग से अपनाएंगे, उनके भाग्य में भी परिवर्तन होगा। जीएसटी लागू होने के बाद देश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में दो प्रतिशत बढ़ोत्तरी होगी। यह कहना था राजस्थान के उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत का।
वे शनिवार को जयपुर के होटल क्लार्क आमेर में जीएसटी पर आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोल रहे थे। उद्योग मंत्री ने कहा कि राजस्थान में 5.2 लाख व्यापारी और सेवा प्रदाता एक जुलाई से लागू हो रही इस नई टैक्स व्यवस्था से जुड़ने के लिए आवेदन कर चुके हैं। इनमें से 3.5 लाख का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। उन्होंने कहा कि उद्यमियों, व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं को जीएसटी से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। जब अर्थव्यवस्था बदलती है तो कर ढांचे में भी बदलाव होता है। जीएसटी से अनेक करों के स्थान पर एक प्रकार का कर लगेगा। जीएसटी अत्यंत मजबूत कर व्यवस्था है। भारत यह व्यवस्था बहुत देरी से अपना रहा है, लेकिन आशा की जानी चाहिए कि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होगी।
राजस्थान सरकार के वित्त सचिव (रेवेन्यू) प्रवीण गुप्ता ने कहा कि आज हर कहीं जीएसटी की चर्चा है। प्रत्येक व्यक्ति जीएसटी की बात कर रहा है और मीडिया भी इस नई कर व्यवस्था को काफी कवरेज दे रहा है। जीएसटी के बारे में इतनी तरह की बातें सामने आ रही है कि कई तरह की आशंकाएं पैदा हो रही है, लेकिन किसी भी तरह डर, बेचैनी या शंका की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ने इसके लिए पूरे राजस्थान में प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की है और यह सिलसिला जारी है। यदि किसी को भी शंका या सवाल है तो वह तुरंत इसका स्पष्टीकरण प्राप्त कर सकता है। जीएसटी के लागू होने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि यह नई कर व्यवस्था एक जुलाई से लागू हो जाएगी। जीएसटी देश में अब एक वास्तविकता बननी ही चाहिए, क्योंकि हम पहले ही जीएसटी को अपनाने वाले देशों की सूची में काफी पीछे हैं।
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वे शनिवार को जयपुर के होटल क्लार्क आमेर में जीएसटी पर आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोल रहे थे। उद्योग मंत्री ने कहा कि राजस्थान में 5.2 लाख व्यापारी और सेवा प्रदाता एक जुलाई से लागू हो रही इस नई टैक्स व्यवस्था से जुड़ने के लिए आवेदन कर चुके हैं। इनमें से 3.5 लाख का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। उन्होंने कहा कि उद्यमियों, व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं को जीएसटी से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। जब अर्थव्यवस्था बदलती है तो कर ढांचे में भी बदलाव होता है। जीएसटी से अनेक करों के स्थान पर एक प्रकार का कर लगेगा। जीएसटी अत्यंत मजबूत कर व्यवस्था है। भारत यह व्यवस्था बहुत देरी से अपना रहा है, लेकिन आशा की जानी चाहिए कि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होगी।
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राजस्थान सरकार के वित्त सचिव (रेवेन्यू) प्रवीण गुप्ता ने कहा कि आज हर कहीं जीएसटी की चर्चा है। प्रत्येक व्यक्ति जीएसटी की बात कर रहा है और मीडिया भी इस नई कर व्यवस्था को काफी कवरेज दे रहा है। जीएसटी के बारे में इतनी तरह की बातें सामने आ रही है कि कई तरह की आशंकाएं पैदा हो रही है, लेकिन किसी भी तरह डर, बेचैनी या शंका की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ने इसके लिए पूरे राजस्थान में प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की है और यह सिलसिला जारी है। यदि किसी को भी शंका या सवाल है तो वह तुरंत इसका स्पष्टीकरण प्राप्त कर सकता है। जीएसटी के लागू होने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि यह नई कर व्यवस्था एक जुलाई से लागू हो जाएगी। जीएसटी देश में अब एक वास्तविकता बननी ही चाहिए, क्योंकि हम पहले ही जीएसटी को अपनाने वाले देशों की सूची में काफी पीछे हैं।
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