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बारिश में सक्रिय हुआ स्वाइन फ्लू , 22 वर्षीय युवती की मौत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 02 Aug 2017 07:23 PM IST
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Swine Flu
बारिश के कारण तापमान में आई गिरावट से स्वाइन फ्लू का वायरस सक्रिय हो गया है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के तीन मामले सामने आए हैं जिनमें से आज प्रदेश के भीलवाड़ा निवासी एक 22 वर्षीय युवती की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती भीलवाड़ा निवासी 22 वर्षीय युवती लाडी बाई स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाई गई थी जिसकी आज इलाज के दौरान मौत हो गई।
राजधानी जयपुर में दो और जोधपुर में एक स्वाइन फ्लू का मामला सामने आया है। जयपुर में स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों का सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज किया जा रहा है जबकि जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में एक मरीज भर्ती किया गया है।
गौरतलब है कि प्रदेश में इस साल स्वाइन फ्लू के आंकड़ों की स्थिती काफी भयावह रही है और जनवरी माह से लेकर अब तक 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले जयपुर में ही करीब 16 लोग अब तक स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से मारे जा चुके हैं।
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राजधानी जयपुर में दो और जोधपुर में एक स्वाइन फ्लू का मामला सामने आया है। जयपुर में स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों का सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज किया जा रहा है जबकि जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में एक मरीज भर्ती किया गया है।
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गौरतलब है कि प्रदेश में इस साल स्वाइन फ्लू के आंकड़ों की स्थिती काफी भयावह रही है और जनवरी माह से लेकर अब तक 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले जयपुर में ही करीब 16 लोग अब तक स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से मारे जा चुके हैं।
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बढ़ते ही चले गए आंकड़े
swine flu
पिछले तीन सालों के आंकड़ों की बात की जाए तो सर्दियों के काल में स्वाइन फ्लू से सबसे ज्यादा जानें गई हैं लेकिन इस साल तो भीषण गर्मी वाले अप्रैल और मई के महीने में ही काफी मौतें हुई।
जुलाई माह की बात करें तो पिछले तीन सालों में कोई मौत नहीं हुई लेकिन इस बार 1 मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा अगस्त के आंकड़ों पर नजर डालें तो 3 सालों में एक एक मौत दर्ज की गई है और प्रतिवर्ष स्वाइन फ्लू के केस आनें का आंकड़ा भी इस महीने में बढ़ा ही है।
स्वाइन फ्लू का वायरस सर्दियों के दिन में ज्यादा सक्रिय रहता है जिसके कारण इसके रोगियों की संख्या भी इन्हीं दिनों में अधिक देखी जाती है। अगस्त के महीने में भी माहौल में हल्की ठंडक से स्वाइन फ्लू की बीमारी जोर पकड़ लेती है।
जुलाई माह की बात करें तो पिछले तीन सालों में कोई मौत नहीं हुई लेकिन इस बार 1 मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा अगस्त के आंकड़ों पर नजर डालें तो 3 सालों में एक एक मौत दर्ज की गई है और प्रतिवर्ष स्वाइन फ्लू के केस आनें का आंकड़ा भी इस महीने में बढ़ा ही है।
स्वाइन फ्लू का वायरस सर्दियों के दिन में ज्यादा सक्रिय रहता है जिसके कारण इसके रोगियों की संख्या भी इन्हीं दिनों में अधिक देखी जाती है। अगस्त के महीने में भी माहौल में हल्की ठंडक से स्वाइन फ्लू की बीमारी जोर पकड़ लेती है।