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AP Special Status: आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जा की मांग, संसद में प्राइवेट मेंबर बिल पेश करेगी YSRCP
Fri, 03 Feb 2023 11:19 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Fri, 03 Feb 2023 11:19 PM IST
सार
AP Special Status: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्राइवेट मेंबर बिल को शुक्रवार को लोकसभा में पेश करने के लिए सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन सदन की कार्यवाही स्थगित होने के चलते इसे पेश नहीं किया जा सका।
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जे की मांग को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) संसद के बजट सत्र के दौरान प्राइवेट मेंबर बिल (निजी सदस्य विधेयक) पेश करेगी। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद तलारी रंगैया ने शुक्रवार को दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि विशेष दर्जे की मांग लंबे समय से लंबित है। सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं कर रही है। अब हमारे पास निजी सदस्य विधेयक लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
बता दें, इस विधेयक को शुक्रवार को लोकसभा में पेश करने के लिए सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन सदन की कार्यवाही स्थगित होने के चलते इसे पेश नहीं किया जा सका। विधेयक में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 में संशोधन का प्रावधान है।
वाईएसआरसीपी सांसद ने कहा कि पार्टी सदस्यों और मुख्यमंत्री ने पिछले कुछ वर्षों में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को कई बार उठाया है, लेकिन दुर्भाग्य से केंद्र सरकार ने राज्य के विभाजन के दौरान किए गए अपने वादे को पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस निजी सदस्य विधेयक के जरिए वाईएसआरसीपी इस मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाना चाहती है, जो आंध्र प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने विपक्षी दलों से समर्थन मिलने का भरोसा जताया।
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वहीं, वाईएसआरसीपी के एक अन्य सांसद एन. रेड्डीप्पा ने कहा कि पार्टी ने विशाखापत्तनम में एक रेलवे जोन स्थापित करने, अमरावती में एम्स के लिए 5,000 करोड़ रुपये के आवंटन और नदियों को जोड़ने की परियोजना के लिए बजटीय आवंटन की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। वाईएसआरसीपी सांसद सुभाष चंद्र बोस अल्लूरी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए धन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विशेष दर्जा आंध्र प्रदेश को अधिक निवेश आकर्षित करने और अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में मदद करेगा।
बता दें, साल 2014 में, आंध्र प्रदेश के विभाजन के दौरान तत्कालीन यूपीए सरकार ने विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया था। भाजपा ने 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान भी इसको लेकर वादा किया था।
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बता दें, इस विधेयक को शुक्रवार को लोकसभा में पेश करने के लिए सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन सदन की कार्यवाही स्थगित होने के चलते इसे पेश नहीं किया जा सका। विधेयक में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 में संशोधन का प्रावधान है।
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वाईएसआरसीपी सांसद ने कहा कि पार्टी सदस्यों और मुख्यमंत्री ने पिछले कुछ वर्षों में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को कई बार उठाया है, लेकिन दुर्भाग्य से केंद्र सरकार ने राज्य के विभाजन के दौरान किए गए अपने वादे को पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस निजी सदस्य विधेयक के जरिए वाईएसआरसीपी इस मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाना चाहती है, जो आंध्र प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने विपक्षी दलों से समर्थन मिलने का भरोसा जताया।
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वहीं, वाईएसआरसीपी के एक अन्य सांसद एन. रेड्डीप्पा ने कहा कि पार्टी ने विशाखापत्तनम में एक रेलवे जोन स्थापित करने, अमरावती में एम्स के लिए 5,000 करोड़ रुपये के आवंटन और नदियों को जोड़ने की परियोजना के लिए बजटीय आवंटन की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। वाईएसआरसीपी सांसद सुभाष चंद्र बोस अल्लूरी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए धन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विशेष दर्जा आंध्र प्रदेश को अधिक निवेश आकर्षित करने और अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में मदद करेगा।
बता दें, साल 2014 में, आंध्र प्रदेश के विभाजन के दौरान तत्कालीन यूपीए सरकार ने विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया था। भाजपा ने 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान भी इसको लेकर वादा किया था।