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नई राजनीति में बदली मुद्दों की रवायत: किसान, जवान और युवाओं की धुरी पर घूमती चुनावी सियासत

Wed, 06 Mar 2019 04:23 PM IST
संदीप भट्ट हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Wed, 06 Mar 2019 04:23 PM IST
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Youth, Farmers and Air Strike Politics on these topics going high in Lok sabha election 2019
इस बार चुनाव में इन मुद्दों पर हो रही सियासत(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
देश में अब तक हुए 16 आम चुनावों में गरीबी, भ्रष्टाचार, सरकारी तानाशाही जैसे मुद्दों को हमेशा एजेंडे में शामिल करते रहे हैं। क्षेत्रीय दलों की राजनीति की गाड़ी जातिगत और क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दे पर आगे बढ़ी है। भाजपा और कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय दलों ने हिंदुत्व और सॉफ्ट हिंदुत्व को भी आजमाया। मतदाताओं की भावनाओं का दोहन कर वोटों की फसल काटने के सियासी खेल भी समय-समय पर होते रहे हैं। 
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खेती-किसान और नौजवानों का सवाल अक्सर पार्टियों की राजनीतिक नाभिकीय केंद्र से दूर ही रहा, मगर इस लोकसभा चुनाव में जवान किसान और युवाओं के नाम पर सियासी जंग की तस्वीर बनती दिख रही है। चुनाव से ठीक पहले इन वर्गों को साधने की होड़ से लगता है, मानो नई सदी में शुरू हुई नई तरह की राजनीति में पुराने मुद्दों को नहीं हटाने की कवायद चल रही है। 
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हाल के वर्षों में किसानों की बदहाली को लेकर अलग-अलग राज्यों में आंदोलनों के एजेंडे में ग्रामीण भारत और किसान प्रमुखता से जगह बना चुके हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इस मुद्दे को भी चुकी है। इसके बाद मोदी सरकार ने किसानों को सीधा नकद देने की शुरुआत की। चार साल तक छाए रहे मुद्दे चुनाव से ठीक पहले नेपथ्य में जाते दिख रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद जनभावनाओं का ज्वार बन चुका है। हालांकि पूरा चुनाव अभियान इसी के इर्द गिर्द रहेगा, ऐसा कहा नहीं जा सकता।
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पुलवामा दक्षिण भारत की तुलना में हिंदी भाषी क्षेत्रों की 225 सीटों पर ज्यादा चर्चा में है। राज्यों में बन रहे गठबंधन और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस राफेल, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और शिक्षण संस्थानों की नौकरियों में आरक्षण से छेड़छाड़ के आरोप लगा भाजपा को घेरने का प्रयास कर रही है। वहीं भाजपा पीएम मोदी की मजबूत छवि को आगे रख कर विपक्ष को महत्व ही नहीं देना चाहती। साथ ही गांधी परिवार पर लगे आरोपों के बहाने कांग्रेस पर लगातार प्रहार कर रही है। 

भाजपा के दांव

  • हर गांव में बिजली, उज्जवला
  • आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत
  • सवर्ण आरक्षण, तीन तलाक
  • किसानों को सीधे नकदी मदद
  • विदेशों में देश की मजबूत छवि
  • शानदार अर्थव्यवस्था
  • अगस्ता वेस्लैंड, जमीन सौदे
  • सर्जिकल और एयर स्ट्राइक

विपक्ष के तीर

  • राफेल विमान सौदा
  • देश में बढ़ती बेरोजगारी
  • किसानों की बदहाली
  • विदेश गए आर्थिक भगोड़ै
  • असहिष्णुता, मॉब लिंचिंग
  • नोटबंदी के कारण परेशानी
  • जीएसटी से आई समस्याएं
  • सीबीआई जैसी संस्थाओं में दखल 

Youth, Farmers and Air Strike Politics on these topics going high in Lok sabha election 2019

इन मुद्दों पर बिछेगी सत्ता की चौसर

पुलवामा हमला और एयर स्ट्राइक सब मुद्दों पर हावी 

पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमलों ने आम चुनाव से ठीक पहले कई मुद्दों को फिलहाल पटरी से उतार दिया है। पुलवामा में आतंकी हमले में 40 जवानों की शहादत के बाद इसके जवाब में पाकिस्तान में आतंकी ठिकाने तबाह करने की एयर स्ट्राइक ने विपक्षी मुद्दों को भी ढेर कर दिया है। हालांकि विपक्ष इस ऑपरेशन से जुड़े कुछ सवाल उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।

किसान 17 साल में 45,000 करोड़ों का नुकसान 

एक रिपोर्ट बताती है कि 17 साल में किसानों ने 45,000 करोड़ों का नुकसान झेला है। घाटे के कारण किसान खेती छोड़ना चाहते हैं। कर्ज के बोझ से होने वाली आत्महत्या रुक नहीं रही। दो दशक में तीन लाख किसानों ने जान दी हैं। वह भी तब, जबकि 2008 में मनमोहन सरकार ने कर्ज माफी की और उसके बाद आई भाजपा सरकार ने फसल की लागत का डेढ़ गुना कीमत देने का दावा किया। अब तो सम्मान निधि योजना से किसानों के खाते में सीधे राशि जानी शुरू हो गई है।

युवा 282 सीटों पर निर्णायक हैं फर्स्ट टाइम वोटर

इस बार 543 में 282 सीटें ऐसी हैं, जहां पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं की औसत संख्या करीब डेढ़ लाख है। पिछले लोकसभा चुनाव में 297 सीटों पर जीत का अंतर इससे कम ही था। ऐसे में निर्णायक युवा आबादी सभी दलों की प्राथमिकता है।आंकड़े बताते हैं कि 2005 से 2015 तक जरूरत 12 करोड़ रोजगार की थी, लेकिन डेढ़ करोड़ ही नौकरियां मिलीं। 

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