फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Youth congress lodges complaints against rss leader Dattatreya Hosabale for remark on constitution Preamble

RSS: संघ सरकार्यवाह होसबाले के संविधान पर दिए बयान पर सियासी बवाल, युवा कांग्रेस ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

Mon, 30 Jun 2025 09:40 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 30 Jun 2025 09:40 AM IST
सार

युवा कांग्रेस की लीगल सेल के अध्यक्ष श्रीधर और सह-अध्यक्ष समरुद्ध हेगड़े और अन्य पदाधिकारियों ने बंगलूरू के शेषाद्रीपुरम पुलिस थाने में होसबाले के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। 

विज्ञापन
Youth congress lodges complaints against rss leader Dattatreya Hosabale for remark on constitution Preamble
दत्तात्रेय होसबाले, महासचिव, आरएसएस - फोटो : ANI

विस्तार

युवा कांग्रेस की कर्नाटक इकाई ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। दत्तात्रेय होसबाले ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान संविधान की प्रस्तावना में से 'समाजवाद' और 'धर्मनिरपेक्ष' जैसे शब्द हटाने पर विचार करने की मांग की थी। इसी के चलते युवा कांग्रेस की लीगल सेल के अध्यक्ष श्रीधर और सह-अध्यक्ष समरुद्ध हेगड़े और अन्य पदाधिकारियों ने बंगलूरू के शेषाद्रीपुरम पुलिस थाने में होसबाले के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। 
विज्ञापन


होसबाले ने क्या कहा था
आपातकाल के 50 साल कार्यक्रम में अपने संबोधन में होसबाले ने कहा कि 'आपातकाल के दौरान भारत के संविधान की प्रस्तावना में दो शब्द 'धर्मनिरपेक्षता' और 'समाजवाद' जोड़े गए। ये शब्द पहले संविधान की प्रस्तावना का हिस्सा नहीं थे और बाद में इन्हें हटाने की कोशिश नहीं हुई। तो क्या ये शब्द संविधान में होने चाहिए, इस पर विचार किया जाना चाहिए।' होसबाले के इस बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी थी और सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'भाजपा-आरएसएस बहुजनों और गरीबों से उनके अधिकार छीनकर उन्हें दोबारा गुलाम बनाना चाहते हैं। संविधान जैसा ताकतवर हथियार उनसे छीनना इनका असली एजेंडा है।'
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- BJP Strategy: नए प्रदेश अध्यक्षों के लिए भाजपा में मैराथन विमर्श; यूपी में ओबीसी या दलित के सवाल पर उलझन
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायत में कांग्रेस ने क्या कहा
पुलिस को दी शिकायत में युवा कांग्रेस ने कहा कि '26 जून 2025 को आपातकाल को लेकर हुए एक कार्यक्रम में होसबाले ने खुलकर कहा कि संविधान की प्रस्तावना में से समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता जैसे शब्दों को हटाने पर विचार किया जाना चाहिए। यह एक शीर्ष संगठन के उच्च-पदाधिकारी का राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बयान है। ये बयानबाजी संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश है और इसे पूरी गंभीरता से देखा जाना चाहिए।'

'धर्मनिरपेक्ष' और 'समाजवाद' शब्द साल 1976 में 42वें संविधान संशोधन के जरिए शामिल किए गए थे। इस दौरान देश में आपातकाल लागू था। 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी। यह 21 मार्च 1977 यानी 21 महीने तक लागू रहा था। 


सोशलिस्ट (समाजवादी) एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें आर्थिक और सामाजिक समानता हो, संसाधनों का समान वितरण हो और गरीबों, कमजोरों के अधिकारों की रक्षा की जाए। यानी भारत में आर्थिक और सामाजिक समानता को बढ़ावा दिया जाएगा।

सेक्युलर (धर्मनिरपेक्ष) राज्य सभी धर्मों का समान सम्मान करता है, किसी एक धर्म का पक्ष नहीं लेता और धर्म से ऊपर उठकर शासन करता है। यानी भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र रहेगा, जहां सभी धर्मों का समान सम्मान होगा और राज्य किसी एक धर्म का पक्ष नहीं लेगा।

ये भी पढ़ें- महाराष्ट्र: 'मराठी मानुष की ताकत के सामने झुक गई सरकार', हिंदी वाले आदेश को वापस लेने पर उद्धव ने साधा निशाना


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed