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'मीडिया में विश्वसनीयता का संकट': नितिन गडकरी का बड़ा बयान, क्यों उठे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सवाल?
Sat, 05 Sep 2026 05:14 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नागपुर।
पीटीआई, नागपुर।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 05 Sep 2026 05:14 PM IST
सार
नितिन गडकरी ने मीडिया की घटती विश्वसनीयता को लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में साख प्रभावित हुई है, लेकिन मीडिया में यह संकट सबसे बड़ा है। गडकरी ने पत्रकारों से जनता, समाज और देश के हित में गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता करने की अपील की। उन्होंने ऐसा क्यों कहा? विस्तार से जानिए...
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नितिन गडकरी, केंद्रीय परिवहन मंत्री
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को मीडिया की विश्वसनीयता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका के साथ स्वतंत्र मीडिया भी जरूरी है। गडकरी आईआईएम नागपुर केमीडिया कॉन्क्लेव 2026 में बोल रहे थे। कार्यक्रम का विषय ‘मीडिया, नेतृत्व और नई विश्व व्यवस्था’ था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तंभ विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया हैं। इन संस्थानों की भूमिका लोकतंत्र के विकास में बेहद अहम है।
गडकरी ने मीडिया की सबसे बड़ी समस्या क्या बताई?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आज सभी क्षेत्रों में विश्वसनीयता कम हुई है, लेकिन मीडिया क्षेत्र में यह संकट सबसे ज्यादा गंभीर है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सभी मीडिया संस्थानों ने अपनी साख नहीं खोई है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीयता, अच्छी छवि और ईमानदारी 21वीं सदी की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने मीडिया से अपनी खोई विश्वसनीयता वापस हासिल करने के लिए गंभीरता से सोचने की अपील की।
सोशल मीडिया ने मीडिया की भूमिका कैसे बदली?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पहले समाचार पत्र और मीडिया घराने यह दावा करते थे कि वे तय करेंगे कि चुनाव कौन जीतेगा, लेकिन अब सोशल मीडिया के आने से यह पूरा ट्रेंड बदल चुका है। अब पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी और ज्यादा गंभीरता से समझनी होगी। उनका कहना था कि पत्रकारिता का केंद्र आम लोगों, समाज और देश के हित में होना चाहिए।
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यह भी पढ़ें: नेपाल मांगेगा 'क्लाइमेट जस्टिस': बाढ़ की तबाही के बाद यूएन जाएंगे पीएम बालेन शाह, मुआवजे की कर सकते हैं मांग
इस बदलाव को ऐसे समझें
लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए क्या जरूरी है?
नितिन गडकरी ने आगे कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए लोगों में लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर जागरूकता जरूरी है। सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक मुद्दों पर जनता को जागरूक करना भी अहम है। उन्होंने कहा कि राजनीति और राजनीतिक दल लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। विचारधारा को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अपनी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है।
आने वाले समय में मीडिया के लिए गडकरी की क्या सलाह?
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि आने वाले समय में वही लोग और संस्थान टिकेंगे, जो अपनी विश्वसनीयता और पेशे की बुनियादी मूल्यों की रक्षा करेंगे। उन्होंने मीडिया से लोकतंत्र को मजबूत करने, सामाजिक और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने तथा ज्ञान को लोगों तक पहुंचाने की दिशा में काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने में भी मदद मिलेगी। कार्यक्रम में आईआईएम नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराया मेट्री ने कहा कि देश के विकास में आज के युवा अहम भूमिका निभाएंगे। लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी मेटल्स के प्रबंध निदेशक बी प्रभाकरन ने भारत की युवा आबादी, स्टार्टअप और बड़े बाजार की ओर दुनिया की नजर होने की बात कही। उन्होंने उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के महत्व पर भी जोर दिया।
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गडकरी ने मीडिया की सबसे बड़ी समस्या क्या बताई?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आज सभी क्षेत्रों में विश्वसनीयता कम हुई है, लेकिन मीडिया क्षेत्र में यह संकट सबसे ज्यादा गंभीर है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सभी मीडिया संस्थानों ने अपनी साख नहीं खोई है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीयता, अच्छी छवि और ईमानदारी 21वीं सदी की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने मीडिया से अपनी खोई विश्वसनीयता वापस हासिल करने के लिए गंभीरता से सोचने की अपील की।
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सोशल मीडिया ने मीडिया की भूमिका कैसे बदली?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पहले समाचार पत्र और मीडिया घराने यह दावा करते थे कि वे तय करेंगे कि चुनाव कौन जीतेगा, लेकिन अब सोशल मीडिया के आने से यह पूरा ट्रेंड बदल चुका है। अब पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी और ज्यादा गंभीरता से समझनी होगी। उनका कहना था कि पत्रकारिता का केंद्र आम लोगों, समाज और देश के हित में होना चाहिए।
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इस बदलाव को ऐसे समझें
- सोशल मीडिया का असर: सोशल मीडिया ने सूचना और राजनीतिक विमर्श का पूरा रास्ता बदल दिया है। अब मीडिया अकेला प्रभावशाली माध्यम नहीं रहा।
- पत्रकारों की जिम्मेदारी: गडकरी ने पत्रकारों से आम लोगों तक पहुंचने और गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता को प्राथमिकता देने की अपील की।
- अच्छी पत्रकारिता की पहचान: उन्होंने कहा कि जिस तरह अच्छे काम को पहचान मिलती है, उसी तरह अच्छी पत्रकारिता भी अंततः पहचानी जाती है।
लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए क्या जरूरी है?
नितिन गडकरी ने आगे कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए लोगों में लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर जागरूकता जरूरी है। सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक मुद्दों पर जनता को जागरूक करना भी अहम है। उन्होंने कहा कि राजनीति और राजनीतिक दल लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। विचारधारा को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अपनी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है।
आने वाले समय में मीडिया के लिए गडकरी की क्या सलाह?
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि आने वाले समय में वही लोग और संस्थान टिकेंगे, जो अपनी विश्वसनीयता और पेशे की बुनियादी मूल्यों की रक्षा करेंगे। उन्होंने मीडिया से लोकतंत्र को मजबूत करने, सामाजिक और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने तथा ज्ञान को लोगों तक पहुंचाने की दिशा में काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने में भी मदद मिलेगी। कार्यक्रम में आईआईएम नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराया मेट्री ने कहा कि देश के विकास में आज के युवा अहम भूमिका निभाएंगे। लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी मेटल्स के प्रबंध निदेशक बी प्रभाकरन ने भारत की युवा आबादी, स्टार्टअप और बड़े बाजार की ओर दुनिया की नजर होने की बात कही। उन्होंने उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के महत्व पर भी जोर दिया।