फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   You cannot keep pending Supreme Court stern Dara Singh sentence remission seeks response Odisha government.

'आप इसे लटकाए नहीं रख सकते': दारा सिंह की सजा माफी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ओडिशा सरकार से मांगा जवाब

Tue, 08 Sep 2026 05:56 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Tue, 08 Sep 2026 05:56 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने 1999 के ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों की हत्या के दोषी रविंद्र पाल उर्फ दारा सिंह की सजा माफी याचिका पर ओडिशा सरकार को फैसला लेने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि सरकार दो साल से मामले को टाल रही है। अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।

विज्ञापन
You cannot keep pending Supreme Court stern Dara Singh sentence remission seeks response Odisha government.
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ओडिशा सरकार को रविंद्र पाल उर्फ दारा सिंह की सजा माफी याचिका पर फैसला लेने को कहा। कोर्ट ने कहा, 'आप इसे इस तरह लटकाए नहीं रख सकते।' बता दें कि सिंह ने 1999 में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टुअर्ट स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या की। जिसके लिए उन्होंने आजीवन कारावास की सजा मिली। 

विज्ञापन


बेंच ने क्या कहा? 
न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और विजय बिश्नोई की पीठ ने राज्य सरकार द्वारा अदालत को यह सूचित करने में विफल रहने पर असंतोष व्यक्त किया कि सिंह की माफी याचिका पर कोई निर्णय लिया गया है या नहीं।  बेंच ने कहा,' अगर आप इसे अस्वीकार करना चाहते हैं, तो कर दीजिए। आप निर्णय लीजिए। हम इस पर कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन


आप इसे इस तरह लटकाए नहीं रख सकते।' राज्य की ओर से पेश हुए वकील ने पीठ को बताया कि मामले में स्थगन की मांग करते हुए एक पत्र प्रसारित किया गया है क्योंकि ऑन-रिकॉर्ड वकील अस्वस्थ हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


19 अगस्त के आदेश पर क्या कहा? 
पीठ ने कहा, साथ ही यह भी बताया कि शीर्ष अदालत ने अपने 19 अगस्त के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा था कि प्राधिकरण माफी याचिका पर निर्णय ले। पिछली बार भी आवेदन पर निर्णय लेने के लिए समय दिया गया था। आप हमें निर्णय से अवगत कराएं।'

राज्य वकील ने क्या अनुरोध किया? 
पीठ ने कहा, 'आप निर्णय लेने से बच नहीं सकते। आप दो साल से मामले को टाल रहे हैं। हां या ना, आपको निर्णय लेना होगा। राज्य की ओर से पेश हुए वकील ने पीठ से अनुरोध किया कि मामले की सुनवाई 17 सितंबर को की जाए। पीठ ने कहा, 'हम इसे अगली तारीख तक स्थगित नहीं करने जा रहे हैं। आप निर्णय लें और हमें सूचित करें, अन्यथा हम आपके अधिकारी को तलब करेंगे।

अदालत ने मामले की सुनवाई 17 सितंबर को तय की और प्रतिवादी को निर्देश दिया कि वह अदालत को अपने 19 अगस्त के आदेश के अनुसार लिए गए निर्णय के बारे में सूचित करे।

ओडिशा सरकार को क्यों फटकार लगाई थी? 
19 अगस्त को इस मामले की सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने सिंह की माफी याचिका पर निर्णय न लेने के लिए ओडिशा सरकार को फटकार लगाई थी। अदालत ने जिक्र किया था कि सिंह की सजा में छूट की याचिका पर निर्णय लेने के लिए मामले को बार-बार स्थगित किया गया था। 63 वर्षीय सिंह 26 वर्षों से अधिक समय से कारावास में हैं।

उन्होंने 2024 में सर्वोच्च न्यायालय में समय से पहले रिहाई की मांग करते हुए याचिका दायर की, जिसका आधार यह था कि उन्होंने जेल में 24 साल से अधिक समय बिताया है और युवावस्था के क्रोध में किए गए अपने काम के लिए पश्चाताप किया है।

क्या है पूरा मामला? 
22-23 जनवरी, 1999 की दरमियानी रात को क्योंझर जिले के मनोहरपुर गांव में सिंह के नेतृत्व में एक भीड़ ने स्टेन्स और उनके दो बेटों पर हमला किया, जब वे अपनी स्टेशन वैगन में सो रहे थे और वाहन में आग लगा दी। तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी सिंह को 2003 में सीबीआई की अदालत ने दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई। ओडिशा उच्च न्यायालय ने 2005 में उनकी मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया था, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने 2011 में बरकरार रखा था।


सुप्रीम कोर्ट से दया की गुहार लगाते हुए सिंह ने भरोसा दिलाया कि वह सेवा-भाव वाले कामों के जरिए समाज को कुछ लौटाएंगे। उन्होंने राज्य सरकार को यह निर्देश देने की भी मांग की कि जिन तीन मामलों में उन्हें दोषी ठहराया गया है, उनमें उनके मामले पर 2022 में जारी आजीवन कारावास के दोषियों की समय से पहले रिहाई के लिए दिशानिर्देशों के अनुसार विचार किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed