Wrestlers Protest: क्या बृज भूषण प्रकरण से महिलाओं के बीच गया गलत संदेश, भाजपा की साख को भी हुआ नुकसान?
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महिलाओं के लिए मोदी-योगी सरकार ने जितनी योजनाएं लागू कीं, सुरक्षा की जो गारंटी दी, इससे महिलाओं का झुकाव भाजपा की तरफ बेशक बढ़ा हो, लेकिन बृज भूषण शरण सिंह प्रकरण ने भाजपा की इस छवि को नुकसान पहुंचाया है। यह भाजपा महिला मोर्चा से जुड़ी तमाम पदाधिकारियों की राय है। बृज भूषण पर अभी तक कार्रवाई न होने और इस मामले को इतना लंबा खींचने से महिलाओं में खासा असंतोष है।
पार्टी के महिला मोर्चे की एक पदाधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि केंद्र सरकार ने विभिन्न योजनाओं के जरिये महिलाओं को सशक्त करने का मजबूत कदम उठाया है। गरीब परिवारों के लिए 11 करोड़ शौचालयों का निर्माण कर, हर गरीब परिवार तक उज्ज्वला योजना के अंतर्गत मुफ्त गैस पहुंचाकर और पीएम आवास योजना के अंतर्गत मुफ्त मिल रहे घरों का महिलाओं के नाम रजिस्ट्री कराकर पीएम मोदी ने महिलाओं को मजबूत करने का काम किया है।
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इसी तरह द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर और केंद्रीय मंत्रिमंडल में अहम मंत्रालय महिलाओं को सौंपकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि महिला विकास उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। लेकिन नेता के मुताबिक़, बृज भूषण शरण सिंह के मामले के कारण पूरे देश की महिला मतदाताओं के बीच एक गलत संदेश गया है। इस मामले को समय से निपटाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इस मामले में हुई राजनीति को महिलाएं भी करीब से देख रही हैं, और उनका भाजपा से विश्वास नहीं डिगा है।
पहलवानों ने बृज भूषण को उखाड़ा
गृहमंत्री अमित शाह और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात के बाद कुश्ती पहलवानों का मुद्दा लगभग सुलझता दिखाई पड़ रहा है। सुलह का जो फॉर्मूला निकाला गया है, उसमें पहलवानों को दो कदम पीछे जरूर हटना पड़ा है, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने कुश्ती संघ पर 12 सालों से जमे ब्रजभूषण सिंह को कुश्ती संघ से हमेशा के लिए बाहर कर दिया है। समझौते में पहलवानों ने कुश्ती संघ का इसी महीने चुनाव कराने और उस चुनाव से बृज भूषण शरण सिंह के परिवार को बाहर रखने की मांग की है। सरकार पहलवानों की इस मांग को स्वीकार कर सकती है, जिससे उनकी एक बड़ी मांग पूरी हो जाएगी।
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चूंकि कुश्ती संघ के नियमों के मुताबिक़ कोई व्यक्ति 12 सालों से ज्यादा समय तक कुश्ती संघ का अध्यक्ष नहीं रह सकता, यह पहले से ही तय था कि ब्रज भूषण शरण सिंह इस बार चुनाव में न उतरते। लेकिन कथित तौर पर वे यह कुर्सी अपने बेटे के लिए सुरक्षित करने की चाल चल रहे थे। लेकिन पहलवानों की जिद के आगे अब उनकी यह चाह सफल होती हुई नहीं दिखाई पड़ रही है।
पॉक्सो में बच गया पूर्वांचल का खिलाड़ी
बृज भूषण शरण सिंह के मामले में सबसे बड़ा पेंच नाबालिग महिला पहलवान के द्वारा उनके ऊपर लगाया गया यौन शोषण का आरोप था। लेकिन जिस तरह से नाबालिग महिला पहलवान ने अपने ऊपर हुए यौन शोषण के आरोपों से किनारा कर लिया है, अदालत में यह मामला कमजोर पड़ना तय है और इसका लाभ बृज भूषण सिंह को मिलेगा। अब बृज भूषण सिंह अदालत में अपने बचाव में इसे राजनीति और कुश्ती संघ पर कब्जे के लिए हुई लड़ाई में आरोप करार दे सकेंगे और पॉक्सो मामले में उनके बचने की राह आसान हो सकती है। इससे एक हाथ कुछ पाते हुए भी उनके हाथ से बहुत कुछ निकल जाएगा।