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चिंताजनक: एक जोड़ी कपड़े पर इस्त्री से 200 ग्राम कार्बन उत्सर्जन; CSIR ने शुरू की ‘रिंकल्स अच्छे हैं’ मुहिम
Wed, 08 May 2024 07:08 AM IST
निर्मल कांत
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 08 May 2024 07:08 AM IST
सार
Carbon Emission: सीएसआईआर ने सोमवार को बिना इस्त्री किए कपड़े पहनकर योगदान देने का फैसला किया है। यह बहुत कम लोगों को पता होगा कि एक जोड़ी कपड़ों पर इस्त्री करने से 200 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है।
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कपड़ों पर इस्त्री।
- फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
देश के वैज्ञानिकों ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एक अनोखी मुहिम शुरू की है। नई दिल्ली स्थित वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने अपने वैज्ञानिकों और अन्य कर्मचारियों को हर सोमवार बिना इस्त्री वाले कपड़े पहनकर कार्यालय आने का आदेश दिया है।
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‘रिंकल्स अच्छे है’ टैगलाइन के साथ इस मुहिम को डब्ल्यूएएच सोमवार नाम दिया है। विचार यह है कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एक प्रतीकात्मक लड़ाई में लोगों को हर सोमवार को काम पर बिना इस्त्री किए कपड़े पहनने को कहा जाए। सीएसआईआर की पहली महिला महानिदेशक डॉ. एन कलाईसेल्वी का कहना है कि डब्ल्यूएएच सोमवार एक बड़े ऊर्जा साक्षरता अभियान का हिस्सा है। सीएसआईआर ने सोमवार को बिना इस्त्री किए कपड़े पहनकर योगदान देने का फैसला किया है। यह बहुत कम लोगों को पता होगा कि एक जोड़ी कपड़ों पर इस्त्री करने से 200 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है। इसलिए बिना इस्त्री किए हुए कपड़े पहनकर, कोई भी 200 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को रोक सकता है।
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रिंकल्स अच्छे हैं, अभियान
डॉ. कलाईसेल्वी बताया कि ‘रिंकल्स अच्छे हैं’ अभियान आगामी 15 मई तक स्वच्छता पखवाड़ा के हिस्से के रूप में शुरू किया है। इतना ही नहीं ऊर्जा बचाने की अपनी बड़ी पहल के तहत देश भर की सभी प्रयोगशालाओं में बिजली की खपत को कम करने पर भी काम किया जा रहा है। इसमें कार्यस्थल पर बिजली शुल्क में 10 प्रतिशत की कमी का प्रारंभिक लक्ष्य है।
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