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अद्भुत: मणिपुर में बन रहा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज, डिजाइन और तकनीक का रखा जा रहा विशेष ध्यान
Sun, 28 Nov 2021 04:23 AM IST
Jeet Kumar
एएनआई, मणिपुर
एएनआई, मणिपुर
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 28 Nov 2021 04:23 AM IST
सार
रेल मंत्रालय ने बताया कि पुल की कुल लंबाई 703 मीटर होगी। पुल के खंभों का निर्माण हाइड्रोलिक ऑगर्स का उपयोग करके किया गया है।
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मणिपुर में बन रहा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलेव ब्रिज
- फोटो : ani
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विस्तार
रेलवे मणिपुर में दुनिया का सबसे ऊंचे पुल बना रहा है। यह 111 किलोमीटर लंबी जिरीबाम-इंफाल रेलवे परियोजना का एक हिस्सा है। यह पुल यूरोप के मोंटेनेग्रो में 139 मीटर माला-रिजेका वायडक्ट के मौजूदा रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 141 मीटर (34 मंजिला इमारत के बराबर) की ऊंचाई पर बनाया जा रहा है।
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परियोजना के मुख्य अभियंता संदीप शर्मा ने बताया कि परियोजना के पूरा होने के साथ 111 किमी की दूरी 2-2.5 घंटे में तय की जाएगी। वर्तमान में जिरीबाम-इंफाल (एनएच -37) के बीच की दूरी 220 किमी है, जिसमें यात्रा के लगभग 10-12 घंटे लगते हैं। निर्माण के बाद, नोनी घाटी को पार करने वाला पुल दुनिया का सबसे ऊंचा घाट पुल बन जाएगा।
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यह परियोजना सरकार की 'एक्ट ईस्ट' नीति का हिस्सा है, जो पूर्वोत्तर में सभी राज्यों की राजधानियों को ब्रॉड गेज से जोड़ने और क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल नेटवर्क को मजबूत करने पर केंद्रित है।
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इसी के साथ रेल मंत्रालय ने बताया कि पुल की कुल लंबाई 703 मीटर होगी। पुल के खंभों का निर्माण हाइड्रोलिक ऑगर्स का उपयोग करके किया गया है। लंबे पियर्स को कुशल और निरंतर निर्माण सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन 'स्लिप-फॉर्म तकनीक' की जरूरत है।
कथित तौर पर, परियोजना को मार्च 2022 तक पूरा किया जाना है। केंद्र सरकार ने इसके लिए बजट में 13,809 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी। इस परियोजना को 2008 में शुरू किया गया था और इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया था।