फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   world largest Doomsday glacier becoming hollow sea level will rise two feet if it melting completely

चिंताजनक: खोखला हो रहा दुनिया का सबसे बड़ा डूम्सडे ग्लेशियर, पूरा पिघलने पर 2 फुट बढ़ जाएगा समुद्री जलस्तर

Wed, 22 May 2024 06:01 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 22 May 2024 06:01 AM IST
सार

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के मुताबिक, डूम्सडे ग्लेशियर का एक्स-रे करने के लिए अंतरिक्ष से रडार डाटा का उपयोग किया गया, जिसमें सामने आया फ्लोरिडा के आकार वाला यह ग्लेशियर असल में 1940 से पिघलना शुरू हुआ और इसके बाद कभी पूरी तरह से मूल आकार में नहीं लौट पाया। 

विज्ञापन
world largest Doomsday glacier becoming hollow sea level will rise two feet if it melting completely
ग्लेशियर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Istock

विस्तार

दुनिया का सबसे बड़ा डूम्सडे ग्लेशियर अंदर ही अंदर खोखला हो रहा है यानी तेजी से पिघल रहा है। इसके पूरी तरह पिघलने से समुद्र का जलस्तर करीब दो फुट तक बढ़ जाएगा, जो मानवता के लिए प्रलयंकारी साबित होगा। 

विज्ञापन

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का यह अध्ययन नेशनल अकेडमी ऑफ साइंस की शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इसके मुताबिक डूम्सडे ग्लेशियर जिसे थ्वाइट्स ग्लेशियर भी कहते हैं, के नीचे अंदर ही अंदर कई मील तक समुद्री जल भर चुका है। यह गर्म नमकीन समुद्री जल इस ग्लेशियर को पहले के अनुमानों से कहीं ज्यादा तेजी से पिघला रहा है।

विज्ञापन


शोधकर्ताओं के मुताबिक, ग्लेशियर का एक्स-रे करने के लिए अंतरिक्ष से रडार डाटा का उपयोग किया गया, जिसमें सामने आया फ्लोरिडा के आकार वाला यह ग्लेशियर असल में 1940 से पिघलना शुरू हुआ और इसके बाद कभी पूरी तरह से मूल आकार में नहीं लौट पाया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जलवायु परिवर्तन का असर...
शोध में सामने आया कि पिछले कुछ वर्षों में समुद्री बर्फ के लगातार कम होने के पीछे जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ा कारण है। ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे के शोधकर्ताओं ने सैटेलाइट डाटा का विश्लेषण करते हुए पाया कि जलवायु परिवर्तन से पृथ्वी के गर्म होने का असर समुद्रों के तापमान पर भी पड़ रहा है। समुद्रों के गर्म होते खारे पानी से ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और टूटने का खतरा बढ़ता जा रहा है। 

तटीय इलाकों के लिए प्रलयंकारी 
डूम्सडे ग्लेशियर पूरी तरह पिघनले पर समुद्री जलस्तर 2 फीट तक बढ़ जाएगा। इसके अलावा यह पश्चिम अंटार्कटिका में आसपास की बर्फ की चादर के लिए एक प्राकृतिक बांध के रूप में भी काम करता है। इसके पिघलते ही बर्फ की पूरी चादर भी पिघलने लगेगी, जो दुनिया के तटीय इलाकों के लिए प्रलयंकारी साबित होगा, क्योंकि इससे समुद्र जलस्तर 10 फीट तक बढ़ सकता है। शोध से जुड़े कोलोराडो यूनिवर्सिटी के अध्येता डॉ. टेड स्कैम्बॉस कहते हैं, हर दिन समुद्री लहरें ज्वार-भाटे की नियमित प्रक्रिया के तहत ग्लेशियर को ऊपर धकेल रही हैं, जिससे ग्राउंडिंग लाइन बढ़ती जा रही है। ग्लेशियर के पिघलने की गणनाओं में कभी इस कारण को शामिल ही नहीं किया गया था। इससे ग्लेशियर के पिघलने को लेकर ज्यादा सटीक अनुमान लगाने में मदद मिलेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed