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विश्व कैंसर दिवस: भरोसेमंद उपचार केंद्र बना GCRI, 26810+ कैंसर मरीजों को मिला नया जीवन; 9140+ अन्य राज्यों के
सार
कैसे बढ़ रहा है गांधीनगर के कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GCRI) पर मरीजों का भरोसा:
- वर्ष 2025 में 2.59 से अधिक लाख OPD मरीजों ने ली डॉक्टरों से सलाह।
- 17,800 से अधिक सर्जरी के अलावा 50,130 से अधिक कीमोथेरेपी भी हुई।
- GCRI में केवल छह महीनों में 50 रोबोटिक सर्जरी भी।
- वर्ष 2021–2025 के बीच अत्याधुनिक PET-CT स्कैन की संख्या 1,813 से बढ़कर 6,333 पहुंची।
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गांधीनगर का जीसीआरआई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अहमदाबाद में कैंसर मरीजों का इलाज करने वाली संस्था- गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GCRI) पूरे देश के लिए कैंसर उपचार, अनुसंधान, रोकथाम और प्रारंभिक पहचान का प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बन चुका है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी थी। वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के कार्यकाल में भी यह संस्थान मरीजों के भरोसे का केंद्र बनता जा रहा है। 2026 में जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में GCRI में 26,810 से अधिक नए कैंसर मरीजों का पंजीकरण हुआ। इनमें से 9,147 मरीज गुजरात के बाहर से आए। सबसे अधिक मरीज मध्य प्रदेश (4,572), राजस्थान (2,678), उत्तर प्रदेश (1,094), महाराष्ट्र (279) और बिहार (288) से पहुंचे।
GCRI में रोबोटिक सर्जरी और HIPEC क्रांतिकारी कदम
अत्याधुनिक तकनीक से कैंसर उपचार उपलब्ध कराने में गुजरात कैंसर रीसर्च इन्स्टीट्यूट (GCRI) ने नया मानदंड स्थापित कर लिया है। यहां अब 50 रोबोटिक असिस्टेड कैंसर सर्जरी और HIPEC (हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी) जैसी अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध हो गई हैं। मात्र 6 महीनों में GCRI में रिकॉर्ड 50 रोबोटिक असिस्टेड कैंसर सर्जरी हुई हैं और वहीं पिछले 3 वर्षों में कैंसर से संबंधित 40 HIPEC प्रोसीजर भी सफलतापूर्वक की गईं हैं। HIPEC एक ऐसी जटिल प्रक्रिया है जो पेट के भीतर फैले कैंसर में उपयोग होती है, और अब यह चुनिंदा तकनीक मरीजों के लिए GCRI में उपलब्ध है।
विश्व कैंसर दिवस पर GCRI ने 500 कैंसर सर्वाइवर्स का सम्मान किया
आज विश्व कैंसर दिवस 2026 के अवसर पर GCRI में 10 वर्ष से अधिक समय में कैंसर-मुक्त हुए 500 सर्वाइवर्स के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक कैंसर की रोकथाम और प्रारंभिक पहचान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए GCRI ने 2025 में पूरे गुजरात में 110 सामुदायिक स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए, जिनमें 12,000 से अधिक लोग शामिल हुए। अक्तूबर 2021 से संचालित ‘नो-कॉस्ट कैंसर स्क्रीनिंग OPD’ में अब तक 50,000 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से 118 कैंसर मामलों की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हुई।
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GCRI में रोबोटिक सर्जरी और HIPEC क्रांतिकारी कदम
अत्याधुनिक तकनीक से कैंसर उपचार उपलब्ध कराने में गुजरात कैंसर रीसर्च इन्स्टीट्यूट (GCRI) ने नया मानदंड स्थापित कर लिया है। यहां अब 50 रोबोटिक असिस्टेड कैंसर सर्जरी और HIPEC (हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी) जैसी अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध हो गई हैं। मात्र 6 महीनों में GCRI में रिकॉर्ड 50 रोबोटिक असिस्टेड कैंसर सर्जरी हुई हैं और वहीं पिछले 3 वर्षों में कैंसर से संबंधित 40 HIPEC प्रोसीजर भी सफलतापूर्वक की गईं हैं। HIPEC एक ऐसी जटिल प्रक्रिया है जो पेट के भीतर फैले कैंसर में उपयोग होती है, और अब यह चुनिंदा तकनीक मरीजों के लिए GCRI में उपलब्ध है।
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विश्व कैंसर दिवस पर GCRI ने 500 कैंसर सर्वाइवर्स का सम्मान किया
आज विश्व कैंसर दिवस 2026 के अवसर पर GCRI में 10 वर्ष से अधिक समय में कैंसर-मुक्त हुए 500 सर्वाइवर्स के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक कैंसर की रोकथाम और प्रारंभिक पहचान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए GCRI ने 2025 में पूरे गुजरात में 110 सामुदायिक स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए, जिनमें 12,000 से अधिक लोग शामिल हुए। अक्तूबर 2021 से संचालित ‘नो-कॉस्ट कैंसर स्क्रीनिंग OPD’ में अब तक 50,000 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से 118 कैंसर मामलों की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हुई।
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