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न्यूज डायरी: अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की भारत ने की निंदा, असम में चार बांग्लादेश गिरफ्तार
Tue, 22 Sep 2026 07:11 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 22 Sep 2026 07:11 PM IST
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आज की बड़ी खबरें।
- फोटो : अमर उजाला
भारत ने अफगानिस्तान के पक्तिका और कुनार पर पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में भारत का पक्ष रखा। रणधीर जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा, "पाकिस्तान के हमले की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उस हिंसा में कई आम लोगों की जान गई, हमारी उनके साथ संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं, जो घायल हैं उनके लिए कामना है कि वो जल्द ठीक हो जाए। ऐसी आक्रामकता क्षेत्र की अखंडता और शांति व्यवस्था के खिलाफ है। हम अफगानिस्तान के साथ हैं। पाकिस्तान को अपने कार्रवाई पर ध्यान देना चाहिए। इससे पहले की दुनिया उससे इसे लेकर सवाल पूछे।"
21 सितंबर को अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तानी हवाई हमले किए थे। जिसमें तालिबान सरकार के अनुसार तीन लोगों की मौत हो गई थी। एयर स्ट्राइक की निंदा करते हुए तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने चेतावनी दी थी कि इन हमलों का 'उचित जवाब' दिया जाएगा। मुजाहिद के मुताबिक पाकिस्तान ने कुनार में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। जहां पाकिस्तानी बमबारी में एक महिला और दो पुरुषों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं और दो पुरुष घायल हो गए थे।
असम : मवेशी तस्करी के संदेह में चार बांग्लादेशी नागरिक समेत पांच गिरफ्तार, सीमा पार नेटवर्क की जांच तेज
असम पुलिस ने मंगलवार को श्रीभूमि जिले में सीमा पार मवेशी तस्करी के संदेह में चार बांग्लादेशी और एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है। सोमवार देर रात बदरपुर इलाके में चलाए गए अभियान के दौरान पांचों को हिरासत में लिया गया। पुलिस बांग्लादेश में मवेशियों और भैंसों की अवैध तस्करी की जांच कर रही थी।
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पुलिस के अनुसार, चारों बांग्लादेशी नागरिकों को बदरपुर के महाकाल गांव में पकड़ा गया। उनकी पहचान रेजाउल करीम, सब्बीर अहमद, राहेल अहमद और हसन अहमद ताहिम के रूप में हुई है, जो सभी बांग्लादेश के सिलहट जिले के जाकीगंज के निवासी बताए जा रहे हैं।
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21 सितंबर को अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तानी हवाई हमले किए थे। जिसमें तालिबान सरकार के अनुसार तीन लोगों की मौत हो गई थी। एयर स्ट्राइक की निंदा करते हुए तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने चेतावनी दी थी कि इन हमलों का 'उचित जवाब' दिया जाएगा। मुजाहिद के मुताबिक पाकिस्तान ने कुनार में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। जहां पाकिस्तानी बमबारी में एक महिला और दो पुरुषों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं और दो पुरुष घायल हो गए थे।
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असम : मवेशी तस्करी के संदेह में चार बांग्लादेशी नागरिक समेत पांच गिरफ्तार, सीमा पार नेटवर्क की जांच तेज
असम पुलिस ने मंगलवार को श्रीभूमि जिले में सीमा पार मवेशी तस्करी के संदेह में चार बांग्लादेशी और एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है। सोमवार देर रात बदरपुर इलाके में चलाए गए अभियान के दौरान पांचों को हिरासत में लिया गया। पुलिस बांग्लादेश में मवेशियों और भैंसों की अवैध तस्करी की जांच कर रही थी।
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पुलिस के अनुसार, चारों बांग्लादेशी नागरिकों को बदरपुर के महाकाल गांव में पकड़ा गया। उनकी पहचान रेजाउल करीम, सब्बीर अहमद, राहेल अहमद और हसन अहमद ताहिम के रूप में हुई है, जो सभी बांग्लादेश के सिलहट जिले के जाकीगंज के निवासी बताए जा रहे हैं।
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने डेनियल टॉपनो हत्या मामले में कांग्रेस नेता रिपुन बोरा को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने मंगलवार को 2000 में असम के चाय समुदाय के नेता डैनियल टॉपनो की हत्या के मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रिपुन बोरा को बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई की अपील खारिज कर दी। इससे रिपुन बोरा को बड़ी कानूनी राहत मिली है। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा बोरा को बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखा है।
यह मामला सितंबर 2000 में असम के गोहपुर क्षेत्र में डैनियल टॉपनो की हत्या से संबंधित है। 2001 में सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली थी। बाद में सीबीआई ने बोरा को आरोपियों में से एक के रूप में नामित किया था। यह मामला कामरूप जिला एवं सत्र न्यायालय में कई वर्षों तक लंबित रहा, जिसने फरवरी 2014 में बोरा और एक अन्य आरोपी पुलिन फुकन को बरी कर दिया। निचली अदालत ने पाया कि उसके समक्ष प्रस्तुत साक्ष्य आरोपियों के विरुद्ध आरोप सिद्ध करने के लिए अपर्याप्त थे।
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने मंगलवार को 2000 में असम के चाय समुदाय के नेता डैनियल टॉपनो की हत्या के मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रिपुन बोरा को बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई की अपील खारिज कर दी। इससे रिपुन बोरा को बड़ी कानूनी राहत मिली है। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा बोरा को बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखा है।
यह मामला सितंबर 2000 में असम के गोहपुर क्षेत्र में डैनियल टॉपनो की हत्या से संबंधित है। 2001 में सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली थी। बाद में सीबीआई ने बोरा को आरोपियों में से एक के रूप में नामित किया था। यह मामला कामरूप जिला एवं सत्र न्यायालय में कई वर्षों तक लंबित रहा, जिसने फरवरी 2014 में बोरा और एक अन्य आरोपी पुलिन फुकन को बरी कर दिया। निचली अदालत ने पाया कि उसके समक्ष प्रस्तुत साक्ष्य आरोपियों के विरुद्ध आरोप सिद्ध करने के लिए अपर्याप्त थे।
कार्ति चिदंबरम ने एसआईआर की तुलना जिम क्रो कानूनों से की, बोले- यह लोगों को मताधिकार से वंचित करने की कोशिश
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने मंगलवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तुलना अमेरिका के जिम क्रो कानूनों से की। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया बहिष्करणकारी है। उनकी यह प्रतिक्रिया चल रहे एसआईआर के दौरान दिल्ली के 31.63 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने के बाद आई है।
कार्ति चिदंबरम ने कहा, "भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू की गई यह एसआईआर प्रक्रिया, अलगाव के दौरान अमेरिका के जिम क्रो कानूनों के समान है। यह एक बहिष्कारकारी प्रक्रिया है, समावेशी नहीं।" जिम क्रो कानून अमेरिका में राज्य और स्थानीय स्तर पर बनाए गए ऐसे कानून थे, जो मुख्य रूप से दक्षिणी राज्यों में लागू थे। इन कानूनों के जरिए नस्लीय भेदभाव को कानूनी मान्यता दी गई थी। ये कानून 1870 के दशक के अंत से लेकर 1960 के दशक के मध्य तक लागू रहे। इन कानूनों के तहत अश्वेत और श्वेत लोगों के लिए स्कूल, परिवहन, सार्वजनिक स्थान, रेस्तरां और अन्य सुविधाएं अलग-अलग रखी जाती थीं। इनका उद्देश्य अश्वेत समुदाय को समान अधिकारों और अवसरों से दूर रखना था।
कांग्रेस नेता ने 'यह स्वीकार करते हुए कि मतदाता सूची में उन लोगों के नाम नहीं होने चाहिए जो या तो कहीं और चले गए हैं या अब जीवित नहीं हैं, कहा, "यह प्रक्रिया इससे कहीं आगे जा रही है और इसका उद्देश्य कई लोगों को मताधिकार से वंचित करना है। पिछले चुनाव में मतदान कर चुके और वर्तमान निवासी मतदाताओं पर यह किस तरह की बोझिल जिम्मेदारी डाल रही है, यह दिल्ली में अब जिन नामों को नोटिस मिल रहे हैं, उनसे स्पष्ट हो रहा है।"
उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, विदेश मंत्री एस जयशंकर और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिले नोटिसों का जिक्र करते हुए कहा, "यह स्पष्ट रूप से इस प्रक्रिया में एक व्यवस्थागत खामी की ओर इशारा करता है।"
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने मंगलवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तुलना अमेरिका के जिम क्रो कानूनों से की। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया बहिष्करणकारी है। उनकी यह प्रतिक्रिया चल रहे एसआईआर के दौरान दिल्ली के 31.63 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने के बाद आई है।
कार्ति चिदंबरम ने कहा, "भारत निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू की गई यह एसआईआर प्रक्रिया, अलगाव के दौरान अमेरिका के जिम क्रो कानूनों के समान है। यह एक बहिष्कारकारी प्रक्रिया है, समावेशी नहीं।" जिम क्रो कानून अमेरिका में राज्य और स्थानीय स्तर पर बनाए गए ऐसे कानून थे, जो मुख्य रूप से दक्षिणी राज्यों में लागू थे। इन कानूनों के जरिए नस्लीय भेदभाव को कानूनी मान्यता दी गई थी। ये कानून 1870 के दशक के अंत से लेकर 1960 के दशक के मध्य तक लागू रहे। इन कानूनों के तहत अश्वेत और श्वेत लोगों के लिए स्कूल, परिवहन, सार्वजनिक स्थान, रेस्तरां और अन्य सुविधाएं अलग-अलग रखी जाती थीं। इनका उद्देश्य अश्वेत समुदाय को समान अधिकारों और अवसरों से दूर रखना था।
कांग्रेस नेता ने 'यह स्वीकार करते हुए कि मतदाता सूची में उन लोगों के नाम नहीं होने चाहिए जो या तो कहीं और चले गए हैं या अब जीवित नहीं हैं, कहा, "यह प्रक्रिया इससे कहीं आगे जा रही है और इसका उद्देश्य कई लोगों को मताधिकार से वंचित करना है। पिछले चुनाव में मतदान कर चुके और वर्तमान निवासी मतदाताओं पर यह किस तरह की बोझिल जिम्मेदारी डाल रही है, यह दिल्ली में अब जिन नामों को नोटिस मिल रहे हैं, उनसे स्पष्ट हो रहा है।"
उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, विदेश मंत्री एस जयशंकर और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिले नोटिसों का जिक्र करते हुए कहा, "यह स्पष्ट रूप से इस प्रक्रिया में एक व्यवस्थागत खामी की ओर इशारा करता है।"
वंदे मातरम पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक संगीत के गायक टीएम कृष्णा की उस याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा, जिसमें वंदे मातरम के छह अंतरों को गाने को अनिवार्य बनाने वाले दंडात्मक कानून को चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने कृष्णा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एस मुरलीधर की दलीलों पर गौर किया। पीठ ने कहा कि वह कानून के दंडात्मक पहलू की जांच कर सकती है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र को औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया। अदालत ने कहा कि वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है, इस तथ्य को लेकर कोई संदेह नहीं है। लेकिन इससे जुड़े दंडात्मक प्रावधानों की संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत जांच की जा सकती है। संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार से जुड़े हैं। ये प्रावधान व्यक्ति और समुदाय दोनों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। इस मामले में कृष्णा ने वंदे मातरम की सभी छह पंक्तियां गाने की अनिवार्यता और इसका पालन नहीं करने पर दंडात्मक प्रावधानों को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट फिलहाल इसी दंडात्मक पहलू पर विचार कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक संगीत के गायक टीएम कृष्णा की उस याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा, जिसमें वंदे मातरम के छह अंतरों को गाने को अनिवार्य बनाने वाले दंडात्मक कानून को चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने कृष्णा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एस मुरलीधर की दलीलों पर गौर किया। पीठ ने कहा कि वह कानून के दंडात्मक पहलू की जांच कर सकती है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र को औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया। अदालत ने कहा कि वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है, इस तथ्य को लेकर कोई संदेह नहीं है। लेकिन इससे जुड़े दंडात्मक प्रावधानों की संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत जांच की जा सकती है। संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार से जुड़े हैं। ये प्रावधान व्यक्ति और समुदाय दोनों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। इस मामले में कृष्णा ने वंदे मातरम की सभी छह पंक्तियां गाने की अनिवार्यता और इसका पालन नहीं करने पर दंडात्मक प्रावधानों को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट फिलहाल इसी दंडात्मक पहलू पर विचार कर रहा है।
जबरन वसूली मामले में बंगाल सीआईडी के सामने पेश हुए टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद मंगलवार को कोलकाता में सीआईडी के हेडक्वार्टर में पेश हुए। उनसे उनके खिलाफ दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में पूछताछ की जानी थी। टीएमसी सांसद 15 सितंबर को कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा दी गई गिरफ्तारी सहित दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा के साथ दक्षिण कोलकाता के भबानी भवन में सीआईडी मुख्यालय पहुंचे। जस्टिस कौशिक चंदा ने सांसद को चल रही जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश देते हुए राहत प्रदान की। आजाद को छह महीने के लिए गिरफ्तारी से राहत दी गई है।
अदालत ने सीआईडी को आजाद को पूछताछ के लिए बुलाने से कम से कम सात दिन पहले नोटिस देने का भी निर्देश दिया था। अदालत के निर्देश के बाद सीआईडी ने पीठ को सूचित किया कि आजाद को 22 सितंबर को जांचकर्ताओं के सामने पेश होना होगा।
सीआईडी की पूछताछ के दौरान बिगड़ी टीएमसी विधायक परेश राम दास की तबीयत
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस विधायक परेश राम दास CID की पूछताछ के दौरान बीमार पड़ गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह मामला 2023 के पंचायत चुनाव में हुई हिंसा से जुड़ा है। सोमवार को दास को छाती में दर्द और सांस लेने में दिक्कत हुई। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया के कार्यक्रम में काले झंडे
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के एक कार्यक्रम में काले झंडे लहराए गए। सोमवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में यह घटना एक छात्रावास के शिलान्यास समारोह में हुई। सिंधिया के भाषण शुरू करते ही कुछ लोगों ने झंडे दिखाए और हंगामा किया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। मंत्री ने भाषण जारी रखा, जबकि घटना का वीडियो वायरल हो गया। जिला BJP नेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने टिप्पणी से इन्कार किया।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद मंगलवार को कोलकाता में सीआईडी के हेडक्वार्टर में पेश हुए। उनसे उनके खिलाफ दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में पूछताछ की जानी थी। टीएमसी सांसद 15 सितंबर को कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा दी गई गिरफ्तारी सहित दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा के साथ दक्षिण कोलकाता के भबानी भवन में सीआईडी मुख्यालय पहुंचे। जस्टिस कौशिक चंदा ने सांसद को चल रही जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश देते हुए राहत प्रदान की। आजाद को छह महीने के लिए गिरफ्तारी से राहत दी गई है।
अदालत ने सीआईडी को आजाद को पूछताछ के लिए बुलाने से कम से कम सात दिन पहले नोटिस देने का भी निर्देश दिया था। अदालत के निर्देश के बाद सीआईडी ने पीठ को सूचित किया कि आजाद को 22 सितंबर को जांचकर्ताओं के सामने पेश होना होगा।
सीआईडी की पूछताछ के दौरान बिगड़ी टीएमसी विधायक परेश राम दास की तबीयत
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस विधायक परेश राम दास CID की पूछताछ के दौरान बीमार पड़ गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह मामला 2023 के पंचायत चुनाव में हुई हिंसा से जुड़ा है। सोमवार को दास को छाती में दर्द और सांस लेने में दिक्कत हुई। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया के कार्यक्रम में काले झंडे
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के एक कार्यक्रम में काले झंडे लहराए गए। सोमवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में यह घटना एक छात्रावास के शिलान्यास समारोह में हुई। सिंधिया के भाषण शुरू करते ही कुछ लोगों ने झंडे दिखाए और हंगामा किया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। मंत्री ने भाषण जारी रखा, जबकि घटना का वीडियो वायरल हो गया। जिला BJP नेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने टिप्पणी से इन्कार किया।