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Shakti Abhiyan: राहुल गांधी ने महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण का किया आह्वान, कहा- अपने अधिकारों के लिए लड़ें

Fri, 18 Oct 2024 10:50 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 18 Oct 2024 10:50 PM IST
सार

महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण का आह्वान करते हुए, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि महिलाओं को प्रतीकात्मक पद स्वीकार नहीं करने चाहिए, बल्कि अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए।

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Women shouldn't accept token positions but fight for rights they deserve: Rahul Gandhi
राहुल गांधी ने कहा- महिलाएं अपने अधिकारों के लिए लड़ें - फोटो : PTI

विस्तार

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए इंदिरा फेलोशिप की तरफ से शुरू किए गए आंदोलन, कांग्रेस के शक्ति अभियान की एक बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि आज राजनीति में संघर्ष केवल राजनीतिक दलों के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक वैचारिक लड़ाई है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा, आज राजनीति में हमारी लड़ाई केवल सत्ता के लिए नहीं है, बल्कि प्रतिनिधित्व के लिए भी है और वे एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, उतने अलग नहीं हैं जितना कुछ लोग सोचते हैं। उन्होंने महिलाओं से प्रतीकात्मक पदों को अस्वीकार करने और प्रभाव के सार्थक पदों के लिए संघर्ष करने का आग्रह किया।
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महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए- राहुल
पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने कहा, महिलाओं को यह समझना चाहिए कि उन्हें केवल प्रतीकात्मक राशि या पद स्वीकार नहीं करना चाहिए, बल्कि अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। उन्होंने शक्ति अभियान के साहसिक प्रयासों की सराहना की, जो महिलाओं को अपने समुदायों में नेतृत्व करने, संगठित करने और राजनीतिक विमर्श को नया रूप देने के लिए जगह प्रदान कर रहा है। राहुल गांधी ने सामूहिक कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया और महिलाओं को भारतीय राजनीति में जो संभव है उसकी सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि शक्ति अभियान में देश भर में लैंगिक न्याय के लिए एक शक्तिशाली ताकत बनने की क्षमता है।
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क्या है कांग्रेस का शक्ति अभियान?
बता दें कि 21 राज्यों के प्रतिभागियों ने शुक्रवार के इस चर्चा में हिस्सा लिया, जो अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले थे और जिन्होंने जमीनी स्तर पर महिलाओं के सामने पितृसत्ता की गहरी चुनौतियों से निपटने के लिए खुद को प्रतिबद्ध किया। इंदिरा फेलोशिप की तरफ से संचालित, शक्ति अभियान एक राष्ट्रीय पहल है जिसका उद्देश्य भारतीय राजनीति में महिलाओं का समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।
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कांग्रेस ने एक बयान में कहा कि यह आंदोलन ग्रामीण और शहरी समुदायों की उच्च प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को चुनाव लड़ने, नेतृत्व की भूमिका निभाने और स्थानीय और राष्ट्रीय शासन में पितृसत्तात्मक मानदंडों को चुनौती देने के लिए सशक्त बनाता है। 21 राज्यों में सक्रिय, शक्ति अभियान इस विश्वास पर आधारित है कि महिलाओं का राजनीतिक सशक्तिकरण अधिक समावेशी और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।


महिलाओं के लिए समान राजनीतिक प्रतिनिधित्व
पिछले एक साल में, इंदिरा फेलोशिप ने जमीनी स्तर पर सैकड़ों महिला नेताओं को सशक्त बनाया है, उनकी नेतृत्व क्षमताओं को बढ़ाया है और उन्हें पंचायतों, नगर पालिकाओं और अन्य शासी निकायों में पदों के लिए चुनाव लड़ने के लिए तैयार किया है। शक्ति अभियान की मांगों में सभी स्तरों पर निर्वाचित कार्यालयों में महिलाओं का 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए समान राजनीतिक प्रतिनिधित्व शामिल है। यह महिला नेताओं के लिए वित्तीय और प्रशासनिक सहायता, सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान और नीति-निर्माण में महिला नेतृत्व को मान्यता देने की मांग करता है।

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