फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Women separatist furious for rocketing in Kashmir valley

कश्मीर में छात्राओं को पत्थरबाजी के लिए भड़का रहीं महिला अलगाववादी  

Sat, 06 May 2017 06:18 AM IST
बृजेश कुमार सिंह/ जम्मू
बृजेश कुमार सिंह/ जम्मू Updated Sat, 06 May 2017 06:18 AM IST
विज्ञापन
Women separatist furious for rocketing in Kashmir valley

घाटी में हिंसा की साजिश के तहत सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी में महिला अलगाववादियों का हाथ है। प्रदर्शनकारी छात्राओं की भीड़ में बुर्काधारी महिला अलगाववादी घुसकर छात्राओं को पत्थरबाजी के लिए भड़का रही हैं। श्रीनगर के साथ-साथ छात्राओं की पत्थरबाजी का यह सिलसिला उत्तरी कश्मीर और दक्षिणी कश्मीर में भी फैलाने की साजिश है। पिछले दिनों दुख्तरान-ए-मिल्लत की अध्यक्ष आसिया अंद्राबी की गिरफ्तारी भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

विज्ञापन


कॉलेज की छात्राओं की ओर से अचानक सुरक्षा बलों पर पथराव की घटनाएं शुरू होने से सुरक्षा बल इस नए ट्रेंड से चिंतित हैं। सुरक्षा एजेंसियों के पास इस बात के इनपुट हैं कि घाटी में सक्रिय महिला अलगाववादियों को छात्राओं को भड़काने का जिम्मा सौंपा गया है। ये बुर्का धारण कर प्रदर्शनकारी छात्राओं की भीड़ में घुस जा रही हैं और सुरक्षा बलों को निशाना बना रही हैं। बुर्का होने की वजह से इनकी पहचान कर पाना आसान नहीं है। 
विज्ञापन


श्रीनगर महिला कॉलेज के साथ उत्तरी कश्मीर के सोपोर में भी छात्राओं ने प्रदर्शन करते हुए पत्थरबाजी की घटनाओं को अंजाम दिया। कहा जा रहा है कि सरकार के खिलाफ कश्मीरियों में गुस्से को दिखाने के लिए इन विरोध प्रदर्शनों को गति देने के लिए छात्राओं को ढाल बनाने की साजिश की गई है। सूत्रों ने बताया कि आसिया अंद्राबी की गिरफ्तारी के बाद महिला अलगाववादियों पर थोड़ा दबाव बढ़ा है, लेकिन अब भी हिंसा को भड़काने की साजिश के तहत इसे श्रीनगर से बाहर ले जाने की दिशा में कोशिशें चल रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

बुरहान के मारे जाने पर भी छात्राओं ने नहीं की थी पत्थरबाजी

Women separatist furious for rocketing in Kashmir valley
बुरहान वानी - फोटो : self

पिछले वर्ष आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी के खराब हालात के बावजूद छात्राओं ने कभी सरकार विरोधी प्रदर्शन नहीं किए और न ही सुरक्षा बलों पर पथराव किया। स्कूल-कॉलेज बंद होने की वजह से पढ़ाई ठप होने से अपने बर्बाद हो रहे कैरियर को बचाने के लिए छात्राएं सड़क पर उतरीं थीं।

श्रीनगर में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के सरकारी आवास तक मार्च कर उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में पठन-पाठन सुचारु करने की मांग की थी। अब अचानक बदले ट्रेंड ने सुरक्षा एजेंसियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

महिला अलगाववादियों की गतिविधियों पर नजर
कश्मीर घाटी में सक्रिय महिला अलगाववादियों की गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर है। श्रीनगर सहित घाटी के सभी जिलों में इनकी गतिविधियों तथा इनसे मिलने-जुलने वालों की खबर रखी जा रही है। सादे वेश में पुलिसकर्मियों की इन पर निगरानी के लिए छोड़ा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed