कश्मीर में छात्राओं को पत्थरबाजी के लिए भड़का रहीं महिला अलगाववादी
घाटी में हिंसा की साजिश के तहत सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी में महिला अलगाववादियों का हाथ है। प्रदर्शनकारी छात्राओं की भीड़ में बुर्काधारी महिला अलगाववादी घुसकर छात्राओं को पत्थरबाजी के लिए भड़का रही हैं। श्रीनगर के साथ-साथ छात्राओं की पत्थरबाजी का यह सिलसिला उत्तरी कश्मीर और दक्षिणी कश्मीर में भी फैलाने की साजिश है। पिछले दिनों दुख्तरान-ए-मिल्लत की अध्यक्ष आसिया अंद्राबी की गिरफ्तारी भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
कॉलेज की छात्राओं की ओर से अचानक सुरक्षा बलों पर पथराव की घटनाएं शुरू होने से सुरक्षा बल इस नए ट्रेंड से चिंतित हैं। सुरक्षा एजेंसियों के पास इस बात के इनपुट हैं कि घाटी में सक्रिय महिला अलगाववादियों को छात्राओं को भड़काने का जिम्मा सौंपा गया है। ये बुर्का धारण कर प्रदर्शनकारी छात्राओं की भीड़ में घुस जा रही हैं और सुरक्षा बलों को निशाना बना रही हैं। बुर्का होने की वजह से इनकी पहचान कर पाना आसान नहीं है।
श्रीनगर महिला कॉलेज के साथ उत्तरी कश्मीर के सोपोर में भी छात्राओं ने प्रदर्शन करते हुए पत्थरबाजी की घटनाओं को अंजाम दिया। कहा जा रहा है कि सरकार के खिलाफ कश्मीरियों में गुस्से को दिखाने के लिए इन विरोध प्रदर्शनों को गति देने के लिए छात्राओं को ढाल बनाने की साजिश की गई है। सूत्रों ने बताया कि आसिया अंद्राबी की गिरफ्तारी के बाद महिला अलगाववादियों पर थोड़ा दबाव बढ़ा है, लेकिन अब भी हिंसा को भड़काने की साजिश के तहत इसे श्रीनगर से बाहर ले जाने की दिशा में कोशिशें चल रही हैं।
बुरहान के मारे जाने पर भी छात्राओं ने नहीं की थी पत्थरबाजी
पिछले वर्ष आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी के खराब हालात के बावजूद छात्राओं ने कभी सरकार विरोधी प्रदर्शन नहीं किए और न ही सुरक्षा बलों पर पथराव किया। स्कूल-कॉलेज बंद होने की वजह से पढ़ाई ठप होने से अपने बर्बाद हो रहे कैरियर को बचाने के लिए छात्राएं सड़क पर उतरीं थीं।
श्रीनगर में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के सरकारी आवास तक मार्च कर उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में पठन-पाठन सुचारु करने की मांग की थी। अब अचानक बदले ट्रेंड ने सुरक्षा एजेंसियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
महिला अलगाववादियों की गतिविधियों पर नजर
कश्मीर घाटी में सक्रिय महिला अलगाववादियों की गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर है। श्रीनगर सहित घाटी के सभी जिलों में इनकी गतिविधियों तथा इनसे मिलने-जुलने वालों की खबर रखी जा रही है। सादे वेश में पुलिसकर्मियों की इन पर निगरानी के लिए छोड़ा गया है।