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देश के सबसे ऊंचे बूथों का जिम्मा संभाल रहीं महिला अफसर, कुछ जगह खच्चर से पहुंचाईं ईवीएम
Sat, 27 Apr 2019 07:21 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 27 Apr 2019 07:21 AM IST
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हौसलों की उड़ान के सामने जज्बातों की चुनौतियां धूमिल हो जाती है। लेह की डीसी अवनी लवासा इसे सच साबित कर रही हैं। 2013 बैच की इस आईएएस अफसर ने अपने बुलंद इरादों के दम पर लेह के सबसे ऊंचे बूथ से लेकर बिना रास्ते वाले तीन बूथों पर खच्चरों की मदद से मतदान करने की पूरी मशीनरी को स्थापित किया है। वोटरों से यह भी आह्वान किया है कि 6 मई को होने वाले चुनाव में लेह में एक भी वोटर छूट न पाए। संवादाता पूनम मेहता से अवनी लवासा की बातचीत ......
लेह की इस पहली महिला आईएएस से पहले 48 डीसी लेह में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। लेकिन अवनी ने अपने बूते सबसे ऊंचाई के 294 बूथों पर हर वोटर को वोट देने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
1..प्रश्न.. लेह में चुनाव कराना कितना चुनौति पूर्ण है।
उत्तर... लेह में 294 निर्वाचन केंद्र अधिक ऊंचाई पर हैं, यहां मतदाताओं की संख्या भी कम है। इसके अलावा यहां कुल 11,316 मतदान केंद्र हैं। गेअक मतदान केंद्र संख्या 38 सबसे ऊंचाई पर है और यहां केवल 12 मतदाता है। गेअक गांव के मतदाताओं में केवल पांच पुरुष और सात महिलाएं हैं । इस तरह से एक और मतदान केंद्र है, अलनाल फो जो कि समुद्र तल से 14,890 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह देश का सबसे ऊंचाई वाला पोलिंग बूथ है।
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2..प्रश्न... चुनाव प्रबंधन किस तरह से कर रही हैं
उत्तर... प्रबंधन ऐसा है नित्य नई चुनौतियां हैं। उन्हें पार पाना है। आप रुक नहीं सकते आप टाल नहीं सकते उनका सामना करना है और समाधान निकलना ही है। मौसम बहुत विपरीत है। ठंड बहुत है, नेटवर्क है नहीं कई जगहों पर संपर्क मार्ग का भी आभाव है। हनकर, मरकाह, फसटन ऐसे पोलिंग बूथ हैं ,जहां जाने के लिए सामान्य मार्ग है ही नहीं । वहां हमने खच्चरों की मदद से ईवीएम और वीवीपीएट पहुंचाए हैं। लगभग दो हजार वोटर हैं। अवनी कहती हैं कि देश के इस महात्योहार में 6 मई को लेह का सौ फीसदी योगदान हो इसी कोशिश में लगे हैं।
3..प्रश्न... महिला अधिकारी केलिहाज से लेह का चुनाव आपके लिए कितना महत्वपूर्ण है।
उत्तर....मेरे लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। सवाल महिला या पुरुष का नहीं आपके प्रबंधन का है। इसमें मैं सफल होउंगी यह तय है क्योंकि इसके लिए मैंने विशेष ऐतिहात बरता है। बाकि चुनाव कैसे और कहां होगा इसके नियम लिखे हैं, केवल उनकी पालना सुनिश्चित करनी है। वही असली सफलता है। यहां ज्यादातर मतदान केंद्र 8,001 से 13,000 फीट की ऊंचाई पर हैं। इसमें अधिकतम ऊंचाई वाले स्टेशनों की संख्या 183 है। जबकि सात से आठ हजार फीट की ऊंचाई पर 190 स्टेशन हैं। कुल 1,71,125 मतदाता हैं। पांच महीने पूरा इलाका देश केबाकि हिस्सों से कटा रहता है। ऐसे में मतदान से अधिक जरूरत इस बात की है कि हर वोटर चुनाव के इस महापर्व में अपना हिस्सा सुनिश्चित करें। इसके लिए हम उसे प्रेरित कर सके ।
4..प्रश्न... चुनाव आयोग के इतिहास में यह कितना महत्वपूर्ण है कि पिता और पुत्री दोनों चुनाव करा रहे हैं।आप चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की बेटी हैं।
उत्तर... इस प्रश्न का होना ही अतिरिक्त जिम्मेदारी का अहसास कराता है। वैसे यह बहुत फक्र की बात है कि मेरे पिता वहां दिल्ली में और मैं यहां लेह में लोकतंत्र केपर्व का हिस्सा है। लेकिन इसके चलते मुझे बहुत ख्याल रखना पड़ता है। अतिरिक्त सावधानी बरत कर फैसले लेने पड़ते हैं। क्योंकि चूक की गुंजाइश है नहीं। क्योंकि आप के साथ एक अनुभव जुड़ा है। इसलिए अधिकारियों, साथियों और जनता की आपसे अतिरिक्त और अहम अपेक्षाएं जुड़ी होती हैं। उसमें आपको खरा उतरना है।
5..प्रश्न...पिता के आयोग में होने से कितना फायदा और कितना नुकसान
उत्तर.. देखिए यह सवाल फायदे और नुकसान का नहीं है। मेरे पिता वहां आयोग में सेवाएं दे रहे हैं। इसलिए मुझे कई तरह की सावधानियां बरतनी पड़ती हैं। मेरे पिता बहुत यूनिक है। उन्हें काम करते हुए देखा है। इस लिहाज से मुझे अंदाजा तो था इसलिए जब लेह में चुनाव की जिम्मेदारी आई तो कई तरह केप्रयोग किए इसमें ग्रीन इलेक्शन, युवा वोटर, कोई वोट छूट न पाए जैसी मुहिम को बढ़ावा दे रहे हैं, इसके लिए एक के बाद एक ड्राइव चलाई। नतीजे सामने हैं अभी तक हम पूरी स्टेट में नए प्रयोगों में अव्वल हैं।
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लेह की इस पहली महिला आईएएस से पहले 48 डीसी लेह में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। लेकिन अवनी ने अपने बूते सबसे ऊंचाई के 294 बूथों पर हर वोटर को वोट देने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
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1..प्रश्न.. लेह में चुनाव कराना कितना चुनौति पूर्ण है।
उत्तर... लेह में 294 निर्वाचन केंद्र अधिक ऊंचाई पर हैं, यहां मतदाताओं की संख्या भी कम है। इसके अलावा यहां कुल 11,316 मतदान केंद्र हैं। गेअक मतदान केंद्र संख्या 38 सबसे ऊंचाई पर है और यहां केवल 12 मतदाता है। गेअक गांव के मतदाताओं में केवल पांच पुरुष और सात महिलाएं हैं । इस तरह से एक और मतदान केंद्र है, अलनाल फो जो कि समुद्र तल से 14,890 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह देश का सबसे ऊंचाई वाला पोलिंग बूथ है।
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2..प्रश्न... चुनाव प्रबंधन किस तरह से कर रही हैं
उत्तर... प्रबंधन ऐसा है नित्य नई चुनौतियां हैं। उन्हें पार पाना है। आप रुक नहीं सकते आप टाल नहीं सकते उनका सामना करना है और समाधान निकलना ही है। मौसम बहुत विपरीत है। ठंड बहुत है, नेटवर्क है नहीं कई जगहों पर संपर्क मार्ग का भी आभाव है। हनकर, मरकाह, फसटन ऐसे पोलिंग बूथ हैं ,जहां जाने के लिए सामान्य मार्ग है ही नहीं । वहां हमने खच्चरों की मदद से ईवीएम और वीवीपीएट पहुंचाए हैं। लगभग दो हजार वोटर हैं। अवनी कहती हैं कि देश के इस महात्योहार में 6 मई को लेह का सौ फीसदी योगदान हो इसी कोशिश में लगे हैं।
3..प्रश्न... महिला अधिकारी केलिहाज से लेह का चुनाव आपके लिए कितना महत्वपूर्ण है।
उत्तर....मेरे लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। सवाल महिला या पुरुष का नहीं आपके प्रबंधन का है। इसमें मैं सफल होउंगी यह तय है क्योंकि इसके लिए मैंने विशेष ऐतिहात बरता है। बाकि चुनाव कैसे और कहां होगा इसके नियम लिखे हैं, केवल उनकी पालना सुनिश्चित करनी है। वही असली सफलता है। यहां ज्यादातर मतदान केंद्र 8,001 से 13,000 फीट की ऊंचाई पर हैं। इसमें अधिकतम ऊंचाई वाले स्टेशनों की संख्या 183 है। जबकि सात से आठ हजार फीट की ऊंचाई पर 190 स्टेशन हैं। कुल 1,71,125 मतदाता हैं। पांच महीने पूरा इलाका देश केबाकि हिस्सों से कटा रहता है। ऐसे में मतदान से अधिक जरूरत इस बात की है कि हर वोटर चुनाव के इस महापर्व में अपना हिस्सा सुनिश्चित करें। इसके लिए हम उसे प्रेरित कर सके ।
4..प्रश्न... चुनाव आयोग के इतिहास में यह कितना महत्वपूर्ण है कि पिता और पुत्री दोनों चुनाव करा रहे हैं।आप चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की बेटी हैं।
उत्तर... इस प्रश्न का होना ही अतिरिक्त जिम्मेदारी का अहसास कराता है। वैसे यह बहुत फक्र की बात है कि मेरे पिता वहां दिल्ली में और मैं यहां लेह में लोकतंत्र केपर्व का हिस्सा है। लेकिन इसके चलते मुझे बहुत ख्याल रखना पड़ता है। अतिरिक्त सावधानी बरत कर फैसले लेने पड़ते हैं। क्योंकि चूक की गुंजाइश है नहीं। क्योंकि आप के साथ एक अनुभव जुड़ा है। इसलिए अधिकारियों, साथियों और जनता की आपसे अतिरिक्त और अहम अपेक्षाएं जुड़ी होती हैं। उसमें आपको खरा उतरना है।
5..प्रश्न...पिता के आयोग में होने से कितना फायदा और कितना नुकसान
उत्तर.. देखिए यह सवाल फायदे और नुकसान का नहीं है। मेरे पिता वहां आयोग में सेवाएं दे रहे हैं। इसलिए मुझे कई तरह की सावधानियां बरतनी पड़ती हैं। मेरे पिता बहुत यूनिक है। उन्हें काम करते हुए देखा है। इस लिहाज से मुझे अंदाजा तो था इसलिए जब लेह में चुनाव की जिम्मेदारी आई तो कई तरह केप्रयोग किए इसमें ग्रीन इलेक्शन, युवा वोटर, कोई वोट छूट न पाए जैसी मुहिम को बढ़ावा दे रहे हैं, इसके लिए एक के बाद एक ड्राइव चलाई। नतीजे सामने हैं अभी तक हम पूरी स्टेट में नए प्रयोगों में अव्वल हैं।