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महिला सशक्तीकरण: इन देशों की संसद में 50 प्रतिशत से अधिक महिला प्रतिनिधि, पढ़िए कैसे आया बदलाव

Wed, 20 Sep 2023 06:01 AM IST
जलज मिश्रा अमर उजाला रिसर्च डेस्क
अमर उजाला रिसर्च डेस्क Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 20 Sep 2023 06:01 AM IST
सार

गृहयुद्ध में 8 लाख नागरिकों की हत्या के बाद 2008 में रवांडा ने दुनिया की पहली महिला प्रभुत्व वाली संसद बनाई। अनुमान हैं कि गृहयुद्ध में 5 लाख महिलाओं से दुष्कर्म हुए, लाखों की हत्या की गई।

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Women empowerment More than 50 percent women representatives in parliament of these countries
राजनीति के क्षेत्र में महिलाएं - फोटो : istock

विस्तार

महिलाओं से राजनीतिक नेतृत्व तलाशने और राजनीति में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए कई देशों ने बीते कुछ दशकों में जेंडर कोटा शुरू किया है, कड़े नियम बनाए हैं, सुधार भी लागू किए हैं। आज सकारात्मक परिणाम उन्हें मिलने लगे हैं। अमर उजाला ने 6 ऐसे देशों में लाए गए सुधारों पर नजर डाली, जहां महिला सांसदों की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। इनका विश्लेषण...
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रवांडा : गृहयुद्ध से उबरा, दुनिया में सबसे ज्यादा महिला प्रतिनिधित्व
कुल सांसद-80
महिला-49
गृहयुद्ध में 8 लाख नागरिकों की हत्या के बाद 2008 में रवांडा ने दुनिया की पहली महिला प्रभुत्व वाली संसद बनाई। अनुमान हैं कि गृहयुद्ध में 5 लाख महिलाओं से दुष्कर्म हुए, लाखों की हत्या की गई। 1.35 करोड़ आबादी वाले इस देश ने अपनी महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को दूर करने पर ज्यादा जोर दिया। महिलाओं के लिए संसद में 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित की थीं।
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क्यूबा : धीरे-धीरे महिला नेतृत्व बढ़ाया
कुल सांसद-586
महिला-313
साल 1999 में क्यूबा की संसद में 27 प्रतिशत सांसद महिलाएं थीं, आज उनकी संख्या 53 प्रतिशत यानी दोगुनी हो चुकी है। यह सुधार धीरे-धीरे लाए गए।

निकारागुआ: 2000 में कोटा लागू
कुल सांसद-91 
महिला-47
साल 2000 में नए चुनाव कानूनों के जरिए यहां जेंडर कोटा लागू किया गया। 1999 में जहां 9.7 प्रतिशत सांसद महिलाएं थीं, 2022 में 51.7% हो गईं।

न्यूजीलैंड: 10 साल में आए सुधार
कुल सांसद-119 
महिला-60
2013 में लेबर पार्टी ने पार्टी के संसदीय कॉकस में 50 प्रतिशत महिलाओं को लाने का निर्णय लिया। आज 119 सांसदों में 60 महिलाएं हैं।

मैक्सिको: कड़े नियम लागू किए
कुल सांसद-500 
महिला-250
यहां 90 के दशक में 30 और 2000 में 40 प्रतिशत जेंडर कोटा कानून बनाया गया। सरकार ने महिला उम्मीदवारों को लेकर कड़े नियम भी बनाए। उदाहरण के लिए राजनीतिक दलों को पाबंद किया गया कि जहां वे हार सकते हैं, उन जिलों में महिला प्रत्याशी न उतारें। परिणाम, 3 दशक पहले 300 में से महज 21 यानी 7 प्रतिशत महिला सांसदों वाले मैक्सिको में आज 50 प्रतिशत से अधिक महिला सांसद हैं।
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यूएई: 50 प्रतिशत बराबरी हासिल
कुल सांसद-40 
महिला-20
यहां फेडरल नेशनल काउंसिल के लिए 2019 में हुए चुनाव में 20 सदस्यों में से 7 महिलाएं जीती थीं। उसी वर्ष यहां के राष्ट्रपति द्वारा महिलाओं का प्रतिनिधित्व 50 प्रतिशत पहुंचाने के लिए प्रस्ताव पारित करवाया गया था। दिसंबर 2022 तक 40 सदस्यों की इस काउंसिल में 20 यानी 50 प्रतिशत महिला सांसद हैं।

महिला राजनीतिक नेतृत्व
साल 1997 में केवल पांच देशों स्वीडन, नॉर्वे, फिनलैंड, डेनमार्क और नीदरलैंड में 30 प्रतिशत से अधिक सांसद महिलाएं थीं, लेकिन अब यह संख्या 63 हो चुकी है, यानी दोगुनी से ज्यादा। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार सिर्फ 6 देशों की संसद के किसी एक सदन या निचले सदन में 50 प्रतिशत से अधिक सांसद महिलाएं हैं। 23 देशों में 40 प्रतिशत से अधिक सांसद महिलाएं हैं। 22 देश ऐसे बचे हैं, जहां महिला सांसद 10 प्रतिशत से कम हैं। कई अहम देशों जैसे भारत, ब्राजील, रूस आदि का प्रतिशत वैश्विक औसत से कहीं पीछे है।


दुनिया की संसदों में महिलाएं
दुनिया में कानूनी तौर पर महिलाओं को संसद में आरक्षण देने वाला पहला देश अर्जेंटीना है...उसने 1991 में कुल प्रत्याशियों में 30 प्रतिशत महिलाएं होना अनिवार्य किया। 1991 में 5.4% से बढ़कर इस समय वहां की संसद में 44.75 प्रतिशत सांसद महिलाएं हैं। 
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