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सेना की महिला अधिकारियों ने स्थायी कमीशन, पदोन्नति के लिए फिर से किया अदालत का रुख
Sun, 24 Jan 2021 12:19 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 24 Jan 2021 12:19 AM IST
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भारतीय सेना की महिला अधिकारी
- फोटो : PTI
भारतीय थल सेना की 11 महिला अधिकारियों ने उच्चतम न्यायालय का रुख कर उन्हें एक समावेशी, निष्पक्ष, उचित और तर्कसंगत तरीके से स्थायी कमीशन, पदोन्नति तथा अन्य लाभ प्रदान करने के संबंध में पिछले साल फरवरी में केंद्र को दिए गए निर्देशों का अनुपालन कराने का अनुरोध किया है।
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लेफ्टिनेंट कर्नल आशु यादव और थल सेना की 10 अन्य महिला अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि शीर्ष न्यायालय के निर्देशों का अक्षरश: अनुपालन नहीं किया गया।
उन्होंने याचिका में आरोप लगाया है कि स्थायी कमीशन प्रदान करने की प्रक्रियाएं मनमानेपन, गैर निष्पक्षता और अतर्कसंगत से दूषित हुई हैं। याचिका पर न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा 27 जनवरी को सुनवाई किया जाना है।
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याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि याचिका दायर करने का उद्देश्य स्थायी कमीशन, पदोन्नति, अन्य लाभ पाने की राह में शेष अड़चनों को उजागर करना है। उन्होंने अपना वाजिब हक प्राप्त करने के लिए 15 साल से अधिक लंबी लड़ाई लड़ी थी और जीत हासिल की थी।
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गौरतलब है कि पिछले साल 17 फरवरी को शीर्ष न्यायालय ने अपने एक ऐतिहासिक फैसले में निर्देश दिया था कि थल सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिया जाए। न्यायालय ने महिला अधिकारियों की शारीरिक आधार पर केंद्र के रुख को खारिज करते हुए उसे लैंगिक भेदभाव करने वाला करार दिया था।